सिर्फ सीने में दर्द ही नहीं! महिलाओं में हार्ट अटैक से पहले दिख सकते हैं ये 7 संकेत, कहीं आप इन्हें गैस या थकान तो नहीं समझ रहीं?
महिलाओं की सेहत को लेकर एक बड़ी गलतफहमी यह है कि हार्ट अटैक होने पर हमेशा तेज सीने का दर्द ही महसूस होगा। हालांकि सीने में दर्द या असहजता महिलाओं में भी हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत है, लेकिन कई महिलाओं में इसके साथ या कभी-कभी इसके बजाय सांस फूलना, असामान्य थकान, मतली, उल्टी, चक्कर, अपच या पीठ, कंधे, गर्दन और जबड़े में दर्द जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि कुछ महिलाएं शुरुआती संकेतों को गैस, एसिडिटी, थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।
हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है। जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति गंभीर रूप से कम या बंद हो जाती है, तब हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचना शुरू हो सकता है। इलाज में जितनी देरी होती है, नुकसान का जोखिम उतना बढ़ सकता है।
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण क्यों हो सकते हैं अलग?
पुरुषों और महिलाओं दोनों में हार्ट अटैक के लक्षण एक जैसे भी हो सकते हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि महिलाओं को सीने में दर्द नहीं होता। वास्तव में महिलाओं में भी सीने के बीच दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द हार्ट अटैक का महत्वपूर्ण संकेत है।
लेकिन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार महिलाओं में कुछ ऐसे लक्षण भी अपेक्षाकृत अधिक देखे जा सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर दिल की बीमारी से जोड़कर नहीं देखते। इनमें सांस फूलना, मतली या उल्टी, असामान्य थकान और पीठ या जबड़े में दर्द शामिल हैं।
यही अंतर कई बार समस्या पैदा करता है। अगर किसी महिला को अचानक बहुत कमजोरी महसूस हो, सांस लेने में परेशानी हो या ऊपरी पीठ में असामान्य दर्द हो, तो वह इसे हार्ट अटैक के बजाय सामान्य थकान या दूसरी समस्या मान सकती है।
सीने में दर्द हो तो इसे हल्के में न लें
हार्ट अटैक का सबसे प्रसिद्ध लक्षण सीने में दर्द या असहजता है। यह दर्द हमेशा बेहद तेज हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सीने के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन, निचोड़ने जैसा एहसास या दर्द हो सकता है। यह कुछ मिनट तक रह सकता है या कम होकर दोबारा वापस आ सकता है।
महिलाओं में सीने की परेशानी के साथ शरीर के दूसरे हिस्सों में भी दर्द हो सकता है। इसलिए अगर सीने में असहजता के साथ सांस फूल रही है या शरीर के ऊपरी हिस्से में असामान्य दर्द हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सांस फूलना भी हो सकता है बड़ा संकेत
कई लोग सांस फूलने को कमजोरी, तनाव या फेफड़ों से जुड़ी समस्या समझ लेते हैं। लेकिन हार्ट अटैक के दौरान भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
यह जरूरी नहीं कि सांस फूलने के साथ सीने में दर्द भी हो। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और CDC दोनों महिलाओं में सांस फूलने को हार्ट अटैक के संभावित लक्षणों में शामिल करते हैं।
अगर अचानक सामान्य काम करते समय या आराम की स्थिति में सांस लेने में असामान्य परेशानी होने लगे, खासकर जब इसके साथ कमजोरी, पसीना, चक्कर या सीने की परेशानी भी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
बिना ज्यादा काम के अचानक होने लगे थकान
महिलाओं में असामान्य या अत्यधिक थकान भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है।
अगर कोई महिला सामान्य दिनचर्या में बिना किसी खास मेहनत के अचानक बहुत ज्यादा थकान महसूस करने लगे, कमजोरी हो या रोजमर्रा के काम करना मुश्किल लगने लगे, तो इसे हमेशा सिर्फ नींद की कमी या घरेलू काम का असर मानना सही नहीं है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन महिलाओं में unusual tiredness और weakness को हार्ट अटैक के संभावित संकेतों में शामिल करता है।
हालांकि थकान के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल थकान होने का मतलब हार्ट अटैक नहीं है, लेकिन अगर यह अचानक और दूसरे लक्षणों के साथ हो तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
मतली, उल्टी और अपच को गैस समझने की गलती
महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान मतली, उल्टी या पेट खराब जैसा महसूस होना भी हो सकता है। CDC के अनुसार महिलाओं में हार्ट अटैक के अन्य संभावित संकेतों में अपच, सीने में जलन जैसा महसूस होना, मतली और उल्टी शामिल हो सकते हैं।
यही कारण है कि कुछ मामलों में महिला को लगता है कि उसे गैस या एसिडिटी की समस्या है।
अगर पेट से जुड़ी परेशानी अचानक शुरू हुई है और उसके साथ सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर, कमजोरी या सीने में असहजता भी मौजूद है, तो इसे सिर्फ गैस मानकर इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है।
पीठ, कंधे, गर्दन या जबड़े में दर्द
हार्ट अटैक के दौरान दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता। यह दर्द हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है।
CDC महिलाओं में गर्दन, जबड़े, गले, ऊपरी पेट या पीठ में दर्द को भी हृदय संबंधी समस्या के संभावित संकेतों में गिनता है।
विशेष रूप से ऐसा दर्द जो अचानक शुरू हो, असामान्य हो और दूसरे लक्षणों के साथ मौजूद हो, उसकी चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
चक्कर, कमजोरी और ठंडा पसीना
हार्ट अटैक के दौरान महिला को अचानक चक्कर आ सकता है या बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। शरीर पर ठंडा पसीना भी आ सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन महिलाओं में मतली, चक्कर और ठंडा पसीना जैसे लक्षणों का भी उल्लेख करता है।
अगर इन संकेतों के साथ सीने में दबाव, सांस लेने में परेशानी या शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द मौजूद है, तो स्थिति को आपातकालीन मानकर तुरंत मदद लेनी चाहिए।
क्या महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा खतरा है?
महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है। CDC के अनुसार मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में कोरोनरी हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ सकता है।
इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, अधिक वजन, शारीरिक निष्क्रियता और परिवार में हृदय रोग का इतिहास जैसे कई कारक हार्ट डिजीज के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए महिलाओं के लिए भी ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है।
एक और महत्वपूर्ण बात—हर महिला में एक जैसे लक्षण नहीं होते
हार्ट अटैक के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं को स्पष्ट सीने का दर्द हो सकता है, जबकि कुछ में सांस फूलना, अत्यधिक थकान या मतली जैसे दूसरे संकेत प्रमुख हो सकते हैं।
इसलिए किसी एक लक्षण को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि हार्ट अटैक हो रहा है या नहीं। सही निदान के लिए डॉक्टर को जांच करनी पड़ती है। अस्पताल में ECG और रक्त जांच सहित अन्य परीक्षणों की मदद से स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो क्या करें?
अगर किसी महिला में हार्ट अटैक के संभावित संकेत दिखाई दे रहे हैं, तो इंतजार करके यह देखने की कोशिश न करें कि समस्या अपने आप ठीक होती है या नहीं।
सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, बेहोशी या तेज चक्कर, ठंडा पसीना, मतली के साथ शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसे लक्षण हों तो तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करें और अस्पताल पहुंचें। CDC और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन दोनों हार्ट अटैक के लक्षणों में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देते हैं।
यदि संभव हो तो खुद वाहन चलाकर अस्पताल जाने के बजाय आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना बेहतर होता है, क्योंकि रास्ते में भी चिकित्सा सहायता शुरू की जा सकती है।
महिलाओं को क्यों जागरूक रहना जरूरी है?
हार्ट अटैक को अक्सर पुरुषों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन महिलाओं में भी हृदय रोग गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। समस्या तब और बढ़ सकती है जब लक्षणों को सामान्य थकान, गैस, एसिडिटी या तनाव मानकर इलाज लेने में देरी हो।
इसलिए महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले अचानक और असामान्य बदलावों को गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर यदि कई लक्षण एक साथ दिखाई दें या लक्षण लगातार बने रहें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिलाओं में हार्ट अटैक का मतलब हमेशा सिर्फ तेज सीने का दर्द नहीं होता। सीने की परेशानी के अलावा सांस फूलना, असामान्य थकान, मतली, उल्टी, चक्कर, ठंडा पसीना और पीठ, कंधे, गर्दन या जबड़े में दर्द भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को पहचानना और समय पर चिकित्सा सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, किसी व्यक्ति के लक्षणों का निदान नहीं करता। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है। यदि आपको या आपके आसपास किसी व्यक्ति को इसके संभावित लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

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