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रात में बार-बार टॉयलेट की दौड़ क्यों? पुरुषों में पेशाब की ये समस्या कहीं प्रोस्टेट, डायबिटीज या किसी बड़ी बीमारी का संकेत तो नहीं!



पुरुषों में बार-बार पेशाब आना एक ऐसी समस्या है जिसे कई लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर उम्र बढ़ने के साथ रात में बार-बार टॉयलेट जाना, पेशाब की तेज इच्छा होना या थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब निकलना कई पुरुषों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है, नींद खराब कर रही है या इसके साथ पेशाब में जलन, दर्द, कमजोर धार, खून या पेशाब करने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या की भूमिका हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार पेशाब आने के पीछे एक ही कारण नहीं होता। यह ज्यादा तरल पदार्थ पीने, कैफीन या कुछ दवाओं से लेकर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), प्रोस्टेट बढ़ने, प्रोस्टेट में सूजन, डायबिटीज, मूत्राशय की समस्या या अन्य यूरिनरी ट्रैक्ट संबंधी स्थितियों से जुड़ा हो सकता है।

सबसे आम कारणों में शामिल है बढ़ा हुआ प्रोस्टेट

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में बार-बार पेशाब आने का एक महत्वपूर्ण कारण Benign Prostatic Hyperplasia यानी BPH हो सकता है। इसे आम भाषा में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट कहा जाता है। BPH कैंसर नहीं होता, बल्कि उम्र के साथ प्रोस्टेट में होने वाला गैर-कैंसरकारी बढ़ाव है।

प्रोस्टेट मूत्राशय के ठीक नीचे स्थित होता है और मूत्रमार्ग के एक हिस्से को घेरता है। जब प्रोस्टेट का आकार बढ़ता है तो यह मूत्रमार्ग पर दबाव डाल सकता है। इससे पेशाब की धार कमजोर हो सकती है और मूत्राशय को पूरी तरह खाली करने में परेशानी हो सकती है।

ऐसे पुरुषों में बार-बार पेशाब आने के अलावा रात में कई बार उठना, अचानक तेज पेशाब लगना, पेशाब शुरू करने में परेशानी, पेशाब की धार का रुक-रुककर आना और पेशाब के बाद बूंद-बूंद टपकना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

NIDDK के अनुसार, BPH 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में सबसे आम प्रोस्टेट समस्याओं में से एक है और उम्र बढ़ने के साथ इसके लक्षणों की संभावना बढ़ती है।

रात में बार-बार पेशाब आना भी हो सकता है संकेत

कुछ पुरुष दिन की तुलना में रात में ज्यादा बार पेशाब करने के लिए उठते हैं। इसे सामान्य मानकर लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब यह समस्या बार-बार हो रही हो।

बढ़े हुए प्रोस्टेट में रात में बार-बार पेशाब आना आम लक्षणों में शामिल है। हालांकि, रात में पेशाब आने के पीछे केवल प्रोस्टेट ही जिम्मेदार नहीं होता। डायबिटीज, कुछ दवाएं और अन्य मूत्र संबंधी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं।

लगातार नींद टूटने से दिन में थकान, चिड़चिड़ापन और काम करने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।

डायबिटीज भी बढ़ा सकती है पेशाब की समस्या

बार-बार पेशाब आने का संबंध ब्लड शुगर बढ़ने से भी हो सकता है। डायबिटीज में शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने पर पेशाब संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। NIDDK के अनुसार, डायबिटीज पुरुषों में बार-बार पेशाब आने और लोअर यूरिनरी ट्रैक्ट संबंधी लक्षणों से जुड़ी हो सकती है।

अगर किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब के साथ अत्यधिक प्यास लगना, असामान्य थकान, वजन में बिना वजह बदलाव या अन्य शुगर से जुड़े लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच कराना उचित हो सकता है।

हालांकि, सिर्फ बार-बार पेशाब आने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि व्यक्ति को डायबिटीज ही है।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी हो सकता है कारण

पुरुषों में भी Urinary Tract Infection यानी UTI हो सकता है। इसमें बार-बार पेशाब लगना और पेशाब करने की तेज इच्छा होना प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकता है।

इसके साथ पेशाब करते समय जलन या दर्द, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब आना, पेशाब का रंग बदलना, तेज गंध आना या कभी-कभी पेशाब में खून दिखाई देना भी हो सकता है।

पुरुषों में ब्लैडर इंफेक्शन की संभावना बढ़ाने वाली स्थितियों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, किडनी स्टोन, डायबिटीज, मूत्रमार्ग का संकुचन और कैथेटर का इस्तेमाल शामिल हो सकते हैं।

अगर संक्रमण के साथ बुखार, ठंड लगना, उल्टी या कमर/पीठ के एक तरफ दर्द होने लगे, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है क्योंकि संक्रमण किडनी तक फैल सकता है।

प्रोस्टेट में सूजन यानी Prostatitis

बार-बार पेशाब आने का एक और कारण Prostatitis यानी प्रोस्टेट में सूजन या जलन हो सकता है। यह समस्या अलग-अलग उम्र के पुरुषों में हो सकती है।

इसमें बार-बार पेशाब आने के साथ पेशाब करने में दर्द या कठिनाई, पेल्विक एरिया, कमर या जननांगों के आसपास दर्द जैसी शिकायत हो सकती है। कुछ मामलों में बैक्टीरियल संक्रमण इसका कारण बन सकता है, जबकि हर प्रकार का prostatitis संक्रमण के कारण नहीं होता।

अगर इसके साथ अचानक बुखार, ठंड लगना और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

ज्यादा चाय-कॉफी और कैफीन भी बढ़ा सकते हैं परेशानी

हर बार बार-बार पेशाब आने के पीछे कोई बीमारी हो, यह जरूरी नहीं है। बहुत अधिक तरल पदार्थ पीना, खासकर रात में ज्यादा पानी, चाय या कॉफी लेना, कुछ लोगों में पेशाब की आवृत्ति बढ़ा सकता है।

कैफीन कुछ लोगों में ब्लैडर के लक्षणों को बढ़ा सकता है। इसी तरह शराब का सेवन भी पेशाब की मात्रा और रात में टॉयलेट जाने की समस्या को प्रभावित कर सकता है।

इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना भी जरूरी है कि समस्या कब ज्यादा होती है और उस समय व्यक्ति ने क्या खाया या पिया था।

कुछ दवाएं भी हो सकती हैं जिम्मेदार

कुछ दवाओं की वजह से भी पेशाब ज्यादा आ सकता है या पेशाब संबंधी लक्षण बढ़ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर कुछ diuretics यानी पानी की गोली जैसी दवाएं पेशाब की मात्रा बढ़ाती हैं। वहीं कुछ सर्दी-जुकाम या एलर्जी की दवाएं प्रोस्टेट से जुड़ी पेशाब की समस्या को प्रभावित कर सकती हैं।

इसलिए यदि कोई व्यक्ति नियमित दवा ले रहा है और उसके बाद पेशाब की समस्या शुरू हुई है, तो दवा अपने आप बंद करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

किडनी या ब्लैडर की समस्या भी हो सकती है वजह

किडनी स्टोन, ब्लैडर स्टोन, मूत्रमार्ग का संकुचन या ब्लैडर की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्याएं भी पेशाब करने की आदत में बदलाव ला सकती हैं।

मूत्रमार्ग में किसी तरह की रुकावट होने पर पेशाब पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता। ऐसी स्थिति में बार-बार पेशाब लग सकता है, पेशाब की धार कमजोर हो सकती है या पेशाब करने के बाद भी ऐसा लग सकता है कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

अगर बार-बार पेशाब आने के साथ निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  • पेशाब में खून आना

  • पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द

  • पेशाब की धार बहुत कमजोर होना

  • पेशाब शुरू करने में काफी परेशानी

  • पेशाब रुक-रुककर आना

  • पेशाब के बाद भी ब्लैडर खाली न होने का एहसास

  • रात में बार-बार उठकर पेशाब करना

  • बुखार या ठंड लगना

  • पेट के निचले हिस्से, कमर या पेल्विक क्षेत्र में दर्द

  • अचानक पेशाब बिल्कुल न निकलना

NIDDK के अनुसार, बिल्कुल पेशाब न कर पाना ऐसी स्थिति है जिसमें तत्काल चिकित्सकीय मदद की जरूरत हो सकती है।

डॉक्टर कौन सी जांच करा सकते हैं?

बार-बार पेशाब आने का कारण पता लगाने के लिए डॉक्टर व्यक्ति की उम्र, लक्षणों की अवधि, दिन-रात में पेशाब की आवृत्ति, पानी और कैफीन का सेवन, दवाओं तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

लक्षणों के आधार पर डॉक्टर यूरिन टेस्ट, ब्लड शुगर की जांच, किडनी से संबंधित जांच, प्रोस्टेट का मूल्यांकन या अन्य आवश्यक परीक्षण की सलाह दे सकते हैं। हर मरीज के लिए एक जैसी जांच जरूरी नहीं होती।

खुद से दवा लेना पड़ सकता है भारी

बार-बार पेशाब आने पर मेडिकल स्टोर से खुद एंटीबायोटिक, प्रोस्टेट की दवा या कोई अन्य दवा लेना सही तरीका नहीं है। क्योंकि एक ही लक्षण के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए अगर कारण UTI है तो उसका मूल्यांकन अलग होगा, जबकि बढ़े हुए प्रोस्टेट या ब्लैडर की समस्या का उपचार अलग तरीके से किया जाता है। सही कारण पता लगने के बाद ही उचित उपचार तय किया जाना चाहिए।

पुरुषों में बार-बार पेशाब आना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को केवल उम्र या ज्यादा पानी पीने का नतीजा मानकर छोड़ना भी सही नहीं है। खासकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है, जबकि डायबिटीज, UTI, prostatitis, किडनी या ब्लैडर संबंधी समस्याएं भी भूमिका निभा सकती हैं।

अगर पेशाब की आदत में अचानक बदलाव आया है, समस्या लगातार बनी हुई है या इसके साथ दर्द, जलन, खून, बुखार, कमजोर धार अथवा पेशाब रुकने जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट से जांच कराना बेहतर है।

 यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। बार-बार पेशाब आने का सही कारण व्यक्ति की उम्र, लक्षण और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर अलग हो सकता है। किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।

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