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सिर्फ 4 मिनट की ये आदत बदल सकती है सेहत की पूरी कहानी! 8 बड़ी बीमारियों का खतरा घटने का दावा, रिसर्च ने चौंकाया



नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों के पास एक्सरसाइज करने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। ऑफिस, पढ़ाई, घर की जिम्मेदारियां और लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम लोगों को लंबे समय तक बैठे रहने के लिए मजबूर कर रहा है। ऐसे में बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि जब तक रोजाना एक घंटे जिम में न बिताया जाए, तब तक व्यायाम का कोई खास फायदा नहीं होगा।

लेकिन अब वैज्ञानिक शोधों ने इस धारणा को चुनौती दी है। एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली छोटी अवधि की तेज शारीरिक गतिविधियां, जिन्हें वैज्ञानिक Vigorous Intermittent Lifestyle Physical Activity यानी VILPA कहते हैं, स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण फायदे दे सकती हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि ऐसी गतिविधियां किसी अलग workout session के रूप में करना जरूरी नहीं है। सीढ़ियां तेजी से चढ़ना, कुछ मिनट तेज गति से चलना, सामान लेकर जल्दी चलना या थोड़ी देर ऐसी गतिविधि करना जिससे सांस और दिल की धड़कन तेज हो जाए—ये भी शारीरिक गतिविधि का हिस्सा हो सकते हैं।

कुछ मिनट की Activity से क्या मिला?

शोधकर्ताओं ने दैनिक जीवन में होने वाली छोटी लेकिन तेज गतिविधियों और कई chronic diseases के बीच संबंध का अध्ययन किया। इस तरह की गतिविधियों को लगातार कई मिनट तक करने की जरूरत नहीं होती। दिनभर में अलग-अलग समय पर होने वाले छोटे activity bursts भी कुल physical activity में शामिल हो सकते हैं।

एक बड़े observational study में researchers ने पाया कि दैनिक जीवन में होने वाली VILPA अधिक होने का संबंध कई गंभीर स्वास्थ्य परिणामों के कम जोखिम से था।

शोध में cardiovascular disease, heart failure और कुछ अन्य chronic conditions समेत कई health outcomes को देखा गया।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—इस तरह के अध्ययन association दिखाते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि केवल कुछ मिनट तेज एक्सरसाइज करने से बीमारी निश्चित रूप से रुक जाएगी।

फिर भी यह शोध इस बात की ओर इशारा करता है कि शरीर को सक्रिय रखने के लिए हमेशा लंबा workout session जरूरी नहीं हो सकता।

आखिर क्या होती है Vigorous Activity?

Vigorous physical activity वह गतिविधि है जिसमें शरीर को अपेक्षाकृत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसी गतिविधि के दौरान सांस तेजी से चल सकती है और heart rate बढ़ सकता है।

उदाहरण के लिए कुछ लोगों के लिए तेज सीढ़ियां चढ़ना vigorous activity हो सकता है, जबकि किसी अन्य व्यक्ति के लिए यही गतिविधि moderate intensity की हो सकती है।

इसका स्तर व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, स्वास्थ्य और exercise capacity पर निर्भर करता है।

यही कारण है कि किसी व्यक्ति को सिर्फ headline देखकर अचानक बहुत तेज exercise शुरू नहीं करनी चाहिए।

Gym जाने का समय नहीं? फिर भी मिल सकता है फायदा

इस शोध का सबसे बड़ा practical message यही है कि physical activity के लिए हर दिन लंबा समय निकालना ही एकमात्र रास्ता नहीं है।

मान लीजिए कोई व्यक्ति ऑफिस में काम करता है और उसके पास 30 या 60 मिनट का अलग workout session करने का समय नहीं है। वह दिनभर में कई छोटे अवसरों का इस्तेमाल कर सकता है।

लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, छोटी दूरी पर पैदल जाना, घर के काम में सक्रिय रहना या कुछ समय तेज चलना physical activity बढ़ाने के तरीके हो सकते हैं।

हालांकि इन गतिविधियों की intensity और duration व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर करेगी।

Heart के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Exercise?

शारीरिक गतिविधि cardiovascular health के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नियमित physical activity blood pressure, insulin sensitivity, body weight और overall cardiovascular fitness को बेहतर रखने में मदद कर सकती है।

इसके अलावा सक्रिय lifestyle से लंबे समय तक बैठे रहने की आदत कम हो सकती है।

जब व्यक्ति तेज गतिविधि करता है तो heart और lungs को शरीर की बढ़ी हुई oxygen demand को पूरा करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। नियमित रूप से ऐसा stimulus मिलने से cardiovascular fitness में सुधार हो सकता है।

लेकिन जिन लोगों को पहले से heart disease, chest pain, गंभीर सांस की समस्या या अन्य medical condition है, उन्हें vigorous exercise शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

Diabetes के खतरे पर भी पड़ सकता है असर

Physical activity और metabolic health के बीच मजबूत संबंध है।

Exercise के दौरान muscles glucose का इस्तेमाल करते हैं। नियमित physical activity insulin sensitivity को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

यही कारण है कि active lifestyle type-2 diabetes के risk management का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

हालांकि केवल exercise के आधार पर diabetes को रोकने या ठीक करने का दावा नहीं किया जा सकता। खान-पान, वजन, genetics, नींद और अन्य factors भी महत्वपूर्ण होते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को पहले से diabetes है, तो exercise की intensity और timing उसके treatment और health condition के अनुसार तय करना बेहतर होता है।

मोटापा और वजन को लेकर भी फायदा

Physical activity शरीर द्वारा खर्च होने वाली ऊर्जा बढ़ाती है। अगर इसे balanced diet के साथ जोड़ा जाए तो यह healthy weight बनाए रखने में मदद कर सकती है।

लेकिन यह मानना भी गलत होगा कि कुछ मिनट की तेज activity अपने आप तेजी से वजन कम कर देगी।

वजन management एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें diet, activity, sleep और कई अन्य factors भूमिका निभाते हैं।

छोटी physical activities का महत्व इस बात में है कि वे inactive lifestyle को तोड़ने में मदद कर सकती हैं।

Brain Health भी जुड़ी है Physical Activity से

Exercise का संबंध केवल muscles और heart से नहीं है। Physical activity को brain health के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

नियमित activity mood और overall mental well-being को बेहतर करने में मदद कर सकती है। कुछ research में physical activity और cognitive health के बीच भी संबंध पाया गया है।

हालांकि किसी specific बीमारी जैसे dementia या depression के इलाज के रूप में केवल छोटी अवधि की vigorous exercise को इस्तेमाल करने का दावा नहीं किया जाना चाहिए।

कैंसर के जोखिम से जुड़ी क्या बात सामने आई?

Physical activity और कुछ प्रकार के cancer के बीच भी शोधों में संबंध पाया गया है। लंबे समय तक physical inactivity को overall health के लिए नुकसानदायक माना जाता है।

लेकिन यहां भी सावधानी जरूरी है। किसी एक छोटे exercise session को cancer prevention का guaranteed तरीका नहीं कहा जा सकता।

Cancer का जोखिम उम्र, genetics, smoking, alcohol, obesity, diet, infections और environmental factors सहित कई चीजों पर निर्भर करता है।

इसलिए exercise को healthy lifestyle के एक हिस्से के रूप में देखना चाहिए।

क्या हर किसी को High-Intensity Exercise करनी चाहिए?

नहीं।

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।

कुछ मिनट की तेज गतिविधि के संभावित फायदे की खबर पढ़कर कोई व्यक्ति अचानक अपनी क्षमता से ज्यादा exercise शुरू कर दे, तो चोट या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का खतरा बढ़ सकता है।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से बिल्कुल inactive है, उम्र अधिक है या उसे heart, lungs, joints, diabetes या अन्य chronic disease है, तो exercise routine धीरे-धीरे शुरू करना बेहतर होता है।

कुछ लोगों के लिए तेज walking भी पर्याप्त चुनौती हो सकती है। वहीं trained व्यक्ति के लिए इससे ज्यादा intensity की जरूरत पड़ सकती है।

रोजमर्रा में कैसे शामिल करें?

अगर डॉक्टर ने vigorous activity की अनुमति दी है और व्यक्ति इसके लिए physically capable है, तो रोजमर्रा में activity बढ़ाने के कुछ सरल तरीके हो सकते हैं।

सीढ़ियां: छोटी दूरी के लिए लिफ्ट की जगह सीढ़ियां लेना।

तेज चाल: कुछ मिनट सामान्य से तेज गति से चलना।

पैदल यात्रा: छोटी दूरी के लिए वाहन की जगह पैदल जाना।

Active Break: लंबे समय तक बैठे रहने के बीच उठकर चलना।

घर के काम: सफाई, सामान व्यवस्थित करना या अन्य घरेलू गतिविधियों में सक्रिय रहना।

इनमें से कौन-सी गतिविधि कितनी देर और कितनी intensity से करनी है, यह व्यक्ति की उम्र और health condition पर निर्भर करता है।

क्या सिर्फ कुछ मिनट की Exercise काफी है?

यह कहना सही नहीं होगा कि अब लंबे workout की जरूरत ही नहीं है।

Health experts आमतौर पर adults को सप्ताहभर में पर्याप्त moderate-to-vigorous physical activity करने और लंबे समय तक sedentary रहने को कम करने की सलाह देते हैं।

छोटी vigorous activity का महत्व यह है कि जो लोग exercise के लिए लंबा समय नहीं निकाल पाते, उनके लिए भी activity के छोटे अवसर उपयोगी हो सकते हैं।

इसलिए इसे “एक घंटे की exercise का replacement” समझने के बजाय “दिनभर की कुल physical activity बढ़ाने का एक तरीका” समझना ज्यादा सही होगा।

शरीर के लिए सबसे बड़ा संदेश

इस research से निकलने वाला सबसे महत्वपूर्ण संदेश शायद यही है कि थोड़ी activity भी बिल्कुल zero activity से बेहतर हो सकती है।

अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन कुर्सी पर बैठा रहता है और सोचता है कि उसके पास एक घंटे के workout का समय नहीं है, तो वह physical activity को पूरी तरह छोड़ देता है।

इसके बजाय दिनभर में छोटे-छोटे active moments जोड़ना उसके overall activity level को बढ़ा सकता है।

यही छोटी आदतें लंबे समय में lifestyle का हिस्सा बन सकती हैं।

सावधानी भी जरूरी

यदि exercise करते समय अचानक chest pain, गंभीर सांस फूलना, चक्कर, बेहोशी, असामान्य धड़कन या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो activity रोककर तत्काल medical evaluation लेना जरूरी है।

Heart disease या अन्य गंभीर medical conditions वाले लोगों को अपनी exercise intensity डॉक्टर से discuss करनी चाहिए।

सिर्फ सोशल मीडिया या किसी research headline को देखकर exercise की intensity तय करना सही नहीं है।

कुछ मिनट की तेज physical activity को लेकर सामने आया research इस धारणा को जरूर चुनौती देता है कि health benefits के लिए हर बार लंबा workout session जरूरी है।

दिनभर में होने वाली छोटी लेकिन तेज physical activities cardiovascular और metabolic health समेत कई health outcomes के कम जोखिम से जुड़ी पाई गई हैं। लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि research में देखा गया संबंध कारण और परिणाम की गारंटी नहीं देता

इसका सबसे व्यावहारिक संदेश यही है—अगर आपके पास लंबी exercise के लिए समय नहीं है, तो भी अपने दिन में छोटे-छोटे active moments जोड़ें। सीढ़ियां चढ़ना, तेज चलना और लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना एक अधिक सक्रिय lifestyle की शुरुआत हो सकती है।

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