आज का मौसम: अगले 8 घंटे बेहद भारी! 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी और 70 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD का अलर्ट
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 8 घंटों के भीतर देश के 13 राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे, जबकि कुछ स्थानों पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर अगले 24 घंटों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यही सिस्टम आने वाले दिनों में पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश का कारण बन सकता है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका भी व्यक्त की गई है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, वैसे-वैसे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर अगले 6 से 7 दिनों तक देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर लगातार बारिश और कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है।
इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं—
ओडिशा
बिहार
झारखंड
पश्चिम बंगाल
सिक्किम
असम
पूर्वी उत्तर प्रदेश
हिमाचल प्रदेश
उत्तराखंड
मेघालय
मणिपुर
जम्मू-कश्मीर
अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्से
इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है।
70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
आईएमडी के अनुसार बारिश वाले क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और पुराने भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में 15 से 19 जुलाई के बीच बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 से 17 जुलाई तक अच्छी बारिश हो सकती है। वहीं 17 से 19 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, सहारनपुर, बागपत और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
बिहार में बारिश का बड़ा अलर्ट
बिहार में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने वाला है।
15 जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 16 से 20 जुलाई तक भी कई जिलों में भारी वर्षा जारी रह सकती है।
मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 14, 2026
मुख्य बिंदु
(i) उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर संभावित निम्न दबाव क्षेत्र के गठन के प्रभाव से, आगामी 7 दिनों के दौरान पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में वर्षा गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। 14 एवं 15… pic.twitter.com/Mttm1qvRSL
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है।
झारखंड में भी होगी झमाझम बारिश
झारखंड में 15 से 17 जुलाई के बीच अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई तक भी कई क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है।
ओडिशा में सबसे ज्यादा असर
ओडिशा इस सिस्टम से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।
प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां बनाए रखने की सलाह दी गई है।
हिमाचल और उत्तराखंड में बढ़ेगा खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
15 और 16 जुलाई को सामान्य से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 17 जुलाई के बाद वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है।
18 से 20 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़कें बंद होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर में भी बदलेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
18 जुलाई के बाद कई इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। साथ ही तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में मिलेगी गर्मी से राहत
दिल्ली और एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है।
आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
हालांकि अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, लेकिन तेज हवाओं और बादलों के कारण लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
राजस्थान में सामान्य बारिश
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
फिलहाल राज्य में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन कई जिलों में सामान्य मानसूनी वर्षा हो सकती है।
दक्षिण भारत में अलग स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं।
कुछ राज्यों में उमस और गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है। वहीं कुछ तटीय इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि—
खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।
बिजली चमकने के समय खुले मैदान में न रहें।
नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर इमारतों के नीचे खड़े न हों।
मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।
यात्रा से पहले अपने क्षेत्र का मौसम अपडेट जरूर देखें।
अगले 7 दिनों तक कैसा रहेगा मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मानसून काफी सक्रिय रहेगा।
हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
15 जुलाई का दिन देश के कई राज्यों के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत समेत 13 राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी।

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