किडनी खराब होने से पहले शरीर देता है ये 5 डरावने संकेत! रात में भूलकर भी न करें नजरअंदाज
नई दिल्ली: किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसका मुख्य काम रक्त को साफ करना, शरीर से विषैले और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना तथा रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करना है। यदि किडनी ठीक से काम करना बंद कर दे या उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगे, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी से जुड़ी कई समस्याओं के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, इसलिए लोग उन्हें सामान्य थकान या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि कुछ संकेत ऐसे भी होते हैं जो विशेष रूप से रात के समय अधिक महसूस हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि समय रहते जांच और इलाज शुरू होने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
किडनी का शरीर में क्या काम है?
किडनी शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करती है। यह खून को फिल्टर करके यूरिया, क्रिएटिनिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालती है। इसके अलावा शरीर में पानी, सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
किडनी हार्मोन बनाने में भी मदद करती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, हड्डियों के स्वास्थ्य और रक्तचाप को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं।
रात में बार-बार पेशाब आना
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को रात में बार-बार उठकर पेशाब जाना पड़ रहा है, तो यह किडनी की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है।
स्वस्थ किडनी शरीर में बनने वाले मूत्र को संतुलित तरीके से नियंत्रित करती है। लेकिन जब किडनी प्रभावित होती है, तो पेशाब की मात्रा और आवृत्ति दोनों बदल सकती हैं।
हालांकि रात में बार-बार पेशाब आने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे मधुमेह, प्रोस्टेट संबंधी समस्या, अधिक पानी पीना या कुछ दवाओं का सेवन। इसलिए केवल इसी लक्षण के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
पैरों और टखनों में सूजन
किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता। इसके कारण शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है।
इसका असर सबसे पहले पैरों, टखनों और कभी-कभी हाथों में सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि दिनभर खड़े रहने या चलने के बाद शाम और रात के समय यह सूजन अधिक महसूस हो सकती है।
यदि सूजन लगातार बनी रहे या बढ़ती जाए तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
रात में त्वचा में खुजली और जलन
किडनी जब शरीर से विषैले पदार्थों को पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती, तो ये पदार्थ रक्त में जमा होने लगते हैं।
कुछ मरीजों में इसका प्रभाव त्वचा पर दिखाई देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार—
लगातार खुजली
त्वचा में जलन
सूखी त्वचा
रात के समय खुजली बढ़ना
जैसे लक्षण किडनी रोग से जुड़े हो सकते हैं।
हालांकि एलर्जी, एक्जिमा और अन्य त्वचा रोगों में भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं, इसलिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है।
अनिद्रा और लगातार थकान
किडनी की बीमारी में शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे व्यक्ति को लगातार थकान महसूस हो सकती है।
कई मरीजों को—
नींद आने में कठिनाई
रात में बार-बार नींद खुलना
बेचैनी
सुबह उठने पर भी थकान महसूस होना
जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि किडनी रोग में एनीमिया (खून की कमी) भी विकसित हो सकता है, जिससे कमजोरी और थकान और अधिक बढ़ जाती है।
रात में सांस लेने में तकलीफ
कुछ लोगों में किडनी की गंभीर समस्या होने पर शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगता है।
यदि यह तरल फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो मरीज को विशेष रूप से लेटने पर सांस लेने में कठिनाई महसूस हो सकती है।
यदि किसी व्यक्ति को रात में अचानक सांस फूलने, सीने में भारीपन या तेज सांस लेने जैसी समस्या हो, तो इसे गंभीर लक्षण माना जाता है और तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
किन लोगों को अधिक खतरा रहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न लोगों में किडनी रोग का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है—
मधुमेह के मरीज
उच्च रक्तचाप वाले लोग
मोटापे से पीड़ित व्यक्ति
धूम्रपान करने वाले लोग
परिवार में किडनी रोग का इतिहास
अधिक दर्दनिवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने वाले लोग
ऐसे लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी जाती है।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ निम्न उपाय अपनाने की सलाह देते हैं—
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
संतुलित और कम नमक वाला भोजन करें।
रक्तचाप और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
नियमित व्यायाम करें।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें।
बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दर्दनिवारक दवाओं का सेवन न करें।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि निम्न में से कोई लक्षण लगातार दिखाई दें, तो तुरंत नेफ्रोलॉजिस्ट या चिकित्सक से संपर्क करें—
रात में बार-बार पेशाब आना
पैरों या चेहरे में लगातार सूजन
पेशाब में खून आना
पेशाब की मात्रा अचानक कम होना
लगातार थकान
सांस लेने में कठिनाई
तेज खुजली के साथ अन्य लक्षण
जांच से ही होगी पुष्टि
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी है।
किडनी की कार्यक्षमता की पुष्टि के लिए डॉक्टर आवश्यकता अनुसार रक्त जांच (जैसे क्रिएटिनिन), यूरिन टेस्ट, eGFR, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
रात में बार-बार पेशाब आना, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली, लगातार थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण कई कारणों से हो सकते हैं, लेकिन ये किडनी से जुड़ी समस्या के संकेत भी हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना और आवश्यक जांच कराना बेहद जरूरी है। शुरुआती चरण में पहचान होने पर किडनी की कई बीमारियों का प्रभावी उपचार और बेहतर प्रबंधन संभव है।

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