हार्ट अटैक आने से पहले शरीर देता है ये 7 खामोश संकेत... आखिरी लक्षण को लोग अक्सर समझते हैं मामूली थकान!
दिल की बीमारी (Heart Disease) आज दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल है। पहले जहां हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, वहीं अब 30 से 45 वर्ष की आयु के लोगों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक कई बार अचानक होता हुआ दिखाई देता है, लेकिन अधिकांश मामलों में शरीर पहले से ही कुछ संकेत देना शुरू कर देता है। दुर्भाग्य से लोग इन लक्षणों को गैस, थकान, तनाव या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि हर व्यक्ति में हार्ट अटैक के लक्षण एक जैसे नहीं होते। कई बार लक्षण हल्के होते हैं, तो कई बार बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। इसलिए किसी भी लगातार बनी रहने वाली असामान्य परेशानी को गंभीरता से लेना जरूरी है।
हार्ट अटैक अचानक नहीं, कई बार पहले देता है संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल तक पर्याप्त रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में धीरे-धीरे रुकावट बढ़ने लगती है। जब यह रुकावट गंभीर हो जाती है, तब हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कई लोगों में इस प्रक्रिया के दौरान शरीर पहले ही चेतावनी देने लगता है।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि नीचे बताए गए लक्षण केवल हार्ट अटैक के ही नहीं, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है।
1. सीने में दबाव, दर्द या भारीपन
हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण सीने में दर्द माना जाता है, लेकिन यह हमेशा तेज दर्द के रूप में नहीं होता।
कई मरीज इसे सीने में भारीपन, जकड़न, दबाव या जलन जैसा महसूस बताते हैं। यदि यह परेशानी कुछ मिनट तक बनी रहे या बार-बार लौटकर आए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
2. सांस फूलना
यदि बिना अधिक मेहनत किए सांस फूलने लगे या सामान्य गतिविधियों के दौरान सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो यह भी दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लोगों में सांस फूलना सीने के दर्द से पहले भी दिखाई दे सकता है।
3. असामान्य थकान
लगातार थकान महसूस होना, थोड़े से काम के बाद ही कमजोरी लगना या पहले की तुलना में जल्दी थक जाना भी एक चेतावनी हो सकती है।
विशेष रूप से महिलाओं में हार्ट संबंधी समस्याओं से पहले असामान्य थकान का लक्षण अधिक देखा गया है।
4. दर्द का कंधे, हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलना
हार्ट अटैक का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। कई बार यह बाएं हाथ, दोनों हाथों, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।
यदि ऐसा दर्द बिना किसी स्पष्ट कारण के हो और बार-बार महसूस हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
5. अत्यधिक पसीना आना
बिना गर्मी या शारीरिक मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि ठंडे पसीने के साथ सीने में दर्द या सांस फूलने जैसी परेशानी भी हो, तो इसे आपात स्थिति माना जाना चाहिए।
6. चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
बार-बार चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या ऐसा लगना कि आप बेहोश हो सकते हैं, कई बार हृदय की समस्या से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए जांच कराना जरूरी है।
7. मतली, अपच या पेट में बेचैनी
कई लोग हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ मरीजों—खासकर महिलाओं और बुजुर्गों—में मतली, उल्टी जैसा महसूस होना, अपच या पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता भी दिल की समस्या का संकेत हो सकती है।
किन लोगों में ज्यादा रहता है खतरा?
डॉक्टरों के अनुसार, निम्नलिखित लोगों में हार्ट डिजीज का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है—
उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
डायबिटीज़
उच्च कोलेस्ट्रॉल
धूम्रपान या तंबाकू का सेवन
मोटापा
शारीरिक गतिविधि की कमी
अत्यधिक तनाव
परिवार में हृदय रोग का इतिहास
यदि इनमें से एक या अधिक जोखिम कारक मौजूद हैं, तो नियमित स्वास्थ्य जांच कराना महत्वपूर्ण है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ अच्छी आदतें अपनाकर हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है—
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या तेज चाल से पैदल चलें।
फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाला संतुलित भोजन लें।
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी रखें।
रक्तचाप, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।
पर्याप्त नींद लें।
तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य रिलैक्सेशन तकनीकों का सहारा लें।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि किसी व्यक्ति को सीने में तेज दर्द, सांस लेने में कठिनाई, दर्द का हाथ या जबड़े तक फैलना, ठंडा पसीना, अचानक कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। ऐसे लक्षणों को घर पर स्वयं दवा लेकर टालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी मरीज को उचित इलाज मिलता है, उतनी ही अधिक जान बचने और हृदय को कम नुकसान होने की संभावना रहती है।
वे यह भी सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी को केवल जागरूकता के लिए देखें। किसी भी लक्षण के आधार पर स्वयं बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श लेना ही सही तरीका है।
हार्ट अटैक कई बार शरीर में पहले से संकेत छोड़ जाता है, लेकिन लोग उन्हें सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, ठंडा पसीना, हाथ या जबड़े में फैलता दर्द, चक्कर आना और अपच जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि, ये लक्षण केवल हृदय रोग में ही नहीं, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी हो सकते हैं। यदि ऐसी परेशानी लगातार बनी रहे या अचानक गंभीर रूप ले ले, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और आवश्यक जांच कराना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है।

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