डॉक्टरों का खुलासा! ये 7 चीजें खाएं, यूरिक एसिड कंट्रोल रखने में मिल सकती है मदद
आजकल बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यूरिक एसिड (Uric Acid) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इसे केवल बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन, अंगूठे में तेज दर्द, चलने-फिरने में परेशानी और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या होता है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ (Waste Product) है, जो शरीर में प्यूरिन (Purines) नामक तत्व के टूटने पर बनता है। प्यूरिन कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और शरीर भी इसे बनाता है।
सामान्य स्थिति में किडनी यूरिक एसिड को छानकर पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड अधिक बनने लगे या किडनी उसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए, तो इसका स्तर बढ़ने लगता है। यही स्थिति आगे चलकर हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) और कुछ लोगों में गाउट (Gout) जैसी समस्या का कारण बन सकती है।
यूरिक एसिड बढ़ने के सामान्य लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती चरण में कई लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। लेकिन स्तर अधिक बढ़ने पर निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं—
जोड़ों में तेज दर्द, विशेषकर पैर के अंगूठे में।
जोड़ों में सूजन और लालपन।
सुबह उठने पर अकड़न महसूस होना।
हाथ, घुटनों या टखनों में दर्द।
बार-बार गाउट का अटैक आना।
कुछ मामलों में किडनी स्टोन बनने का खतरा।
यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर रक्त जांच करानी चाहिए।
1. केला
विशेषज्ञों के अनुसार, केला यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने वाले फलों में शामिल माना जाता है।
इसमें प्यूरिन की मात्रा बहुत कम होती है और यह विटामिन C का भी अच्छा स्रोत है। संतुलित मात्रा में केला खाने से कुछ लोगों में यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह गठिया से जुड़े कुछ मरीजों के लिए भी लाभकारी आहार का हिस्सा हो सकता है।
2. कॉफी
कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि सीमित मात्रा में बिना अधिक चीनी वाली कॉफी का सेवन कुछ लोगों में यूरिक एसिड के स्तर से जुड़ा सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अधिक मात्रा में कॉफी पीना फायदेमंद होगा। जिन लोगों को उच्च रक्तचाप, अनिद्रा या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कॉफी का सेवन करना चाहिए।
3. लो-फैट दूध और दही
कम वसा वाला दूध और दही कई विशेषज्ञ यूरिक एसिड वाले लोगों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा मानते हैं।
कुछ शोधों में पाया गया है कि लो-फैट डेयरी उत्पादों का सेवन यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है। इसलिए यदि डॉक्टर मना न करें, तो इन्हें भोजन में शामिल किया जा सकता है।
4. विटामिन C से भरपूर फल
नींबू, संतरा, मौसंबी, अमरूद, पपीता और अनानास जैसे फल विटामिन C के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।
कुछ अध्ययनों के अनुसार, विटामिन C शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है। इसलिए नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करना लाभदायक माना जाता है।
5. फाइबर से भरपूर भोजन
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
विशेषज्ञ ओट्स, सेब, नाशपाती, चेरी, स्ट्रॉबेरी, खीरा, गाजर, जौ और हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं। फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने के साथ-साथ स्वस्थ आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
6. पर्याप्त पानी पीना
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी माना जाता है।
शरीर में पानी की कमी होने पर यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है। पर्याप्त जल सेवन किडनी के सामान्य कार्य में मदद करता है, जिससे अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता मिलती है।
7. नियमित व्यायाम
सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि रोजाना शारीरिक गतिविधि भी बेहद जरूरी है।
रोजाना तेज चाल से 30 मिनट पैदल चलना, हल्का व्यायाम, योग या स्ट्रेचिंग करने से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। मोटापा भी यूरिक एसिड बढ़ने के जोखिम कारकों में शामिल माना जाता है।
किन चीजों से रखें दूरी?
यदि यूरिक एसिड पहले से अधिक है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना पड़ सकता है, जैसे—
अत्यधिक लाल मांस।
कुछ प्रकार की अंग मांस (Organ Meat)।
अधिक चीनी वाले पेय।
शराब, विशेषकर बीयर।
अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड।
हालांकि, प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। इसलिए आहार में बदलाव डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह के अनुसार ही करें।
कब कराएं जांच?
यदि आपको बार-बार जोड़ों में दर्द, सूजन, गाउट का इतिहास या किडनी स्टोन जैसी समस्या है, तो डॉक्टर रक्त में यूरिक एसिड की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
जांच के परिणामों के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि केवल जीवनशैली में बदलाव पर्याप्त होगा या दवा की आवश्यकता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल घरेलू उपायों के भरोसे गंभीर यूरिक एसिड की समस्या का इलाज नहीं करना चाहिए। यदि स्तर लगातार अधिक बना रहता है, तो समय पर उपचार जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक बढ़ा हुआ यूरिक एसिड जोड़ों और किडनी दोनों को प्रभावित कर सकता है।
यूरिक एसिड का बढ़ना आज एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। केला, विटामिन C से भरपूर फल, लो-फैट दूध और दही, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ तथा पर्याप्त पानी का सेवन स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बन सकते हैं और कुछ लोगों में यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, केवल खानपान के भरोसे इलाज करना उचित नहीं है। यदि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो योग्य चिकित्सक से सलाह लेकर आवश्यक जांच और उपचार कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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