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डेंगू का नया खतरा! इस बार सिर्फ एक मच्छर का काटना आपकी जान पर पड़ सकता है? जानिए पूरा सच



हाइलाइट्स

  • देश के कई राज्यों में डेंगू के मामले बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।

  • विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सभी प्रमुख वायरस स्ट्रेन अलग-अलग क्षेत्रों में पाए जा रहे हैं।

  • दूसरी बार डेंगू होने पर गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

  • शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

  • मच्छरों से बचाव और समय पर इलाज ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।

डेंगू फिर बना बड़ी चिंता का कारण

बरसात का मौसम आते ही डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। हर साल लाखों लोग इस बीमारी से संक्रमित होते हैं और हजारों मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इस बार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू को हल्के में लेना पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

डेंगू एक वायरल बीमारी है जो एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) नामक मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और साफ पानी में पनपता है। यही कारण है कि घरों की छतों, कूलर, गमलों, टायरों और पानी जमा होने वाली जगहों पर इसकी संख्या तेजी से बढ़ जाती है।

क्या है डेंगू?

डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। यह वायरस चार प्रमुख प्रकार (सीरोटाइप) का होता है।

  • DENV-1

  • DENV-2

  • DENV-3

  • DENV-4

यदि किसी व्यक्ति को एक बार डेंगू हो चुका है तो वह केवल उसी प्रकार के वायरस से सुरक्षित होता है। भविष्य में दूसरे प्रकार के वायरस से संक्रमण होने पर गंभीर डेंगू होने की संभावना बढ़ सकती है।

डेंगू कैसे फैलता है?

डेंगू सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।

संक्रमण का तरीका इस प्रकार है—

  • संक्रमित व्यक्ति को मच्छर काटता है।

  • वायरस मच्छर के शरीर में पहुंच जाता है।

  • वही संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है।

  • वायरस नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

इसलिए मच्छरों की संख्या कम करना सबसे महत्वपूर्ण बचाव माना जाता है।

डेंगू के शुरुआती लक्षण

संक्रमण के 4 से 10 दिन बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

मुख्य लक्षण—

  • तेज बुखार

  • सिर में तेज दर्द

  • आंखों के पीछे दर्द

  • शरीर और जोड़ों में दर्द

  • मांसपेशियों में दर्द

  • अत्यधिक कमजोरी

  • उल्टी

  • त्वचा पर लाल चकत्ते

  • भूख कम लगना

अधिकांश मरीजों में ये लक्षण सामान्य दिखाई देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

गंभीर डेंगू के संकेत

यदि मरीज में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए—

  • लगातार उल्टी

  • पेट में तेज दर्द

  • नाक या मसूड़ों से खून आना

  • सांस लेने में परेशानी

  • अत्यधिक कमजोरी

  • प्लेटलेट्स तेजी से कम होना

  • बेहोशी

ये संकेत डेंगू के गंभीर रूप की ओर इशारा कर सकते हैं।

क्या प्लेटलेट्स कम होना ही सबसे बड़ा खतरा है?

बहुत से लोग मानते हैं कि केवल प्लेटलेट्स कम होना ही डेंगू की गंभीरता का संकेत है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है।

डॉक्टर मरीज की—

  • प्लेटलेट्स

  • हीमेटोक्रिट

  • ब्लड प्रेशर

  • शरीर में पानी की मात्रा

  • लीवर की स्थिति

सभी चीजों का मूल्यांकन करते हैं।

कई मरीजों में प्लेटलेट्स सामान्य होने के बावजूद गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

डेंगू की जांच

डॉक्टर निम्न जांच कराने की सलाह दे सकते हैं—

  • NS1 Antigen Test

  • IgM Antibody Test

  • CBC (Complete Blood Count)

  • Platelet Count

  • Hematocrit Test

समय पर जांच से बीमारी की पुष्टि जल्दी हो जाती है।

इलाज कैसे होता है?

डेंगू का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज उपलब्ध नहीं है।

इलाज मुख्य रूप से मरीज की स्थिति के अनुसार किया जाता है—

  • पर्याप्त आराम

  • अधिक पानी पीना

  • ORS का सेवन

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं

  • जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती

बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की कुछ दवाएं (जैसे कुछ NSAIDs) लेना खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

  • छोटे बच्चे

  • बुजुर्ग

  • गर्भवती महिलाएं

  • मधुमेह के मरीज

  • हृदय रोगी

  • कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग

इन लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

डेंगू से बचाव कैसे करें?

सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों से बचना है।

इसके लिए—

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें।

  • कूलर सप्ताह में एक बार साफ करें।

  • पानी की टंकियों को ढककर रखें।

  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें।

  • मच्छरदानी का उपयोग करें।

  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें।

  • सुबह और शाम विशेष सावधानी रखें।

घर पर क्या करें?

यदि मरीज को डेंगू हो जाए—

  • खूब पानी पिएं।

  • नारियल पानी और ORS लें।

  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें।

  • प्लेटलेट्स की रिपोर्ट डॉक्टर की सलाह अनुसार कराएं।

  • स्वयं दवा लेने से बचें।

कब तुरंत अस्पताल जाएं?

यदि तेज बुखार के साथ—

  • सांस फूलने लगे

  • खून आने लगे

  • बार-बार उल्टी हो

  • मरीज बेहोश होने लगे

  • तेज पेट दर्द हो

तो बिल्कुल देर न करें।

डेंगू से जुड़े आम भ्रम

भ्रम: पपीते के पत्तों का रस डेंगू का इलाज है।

सच: इसका वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है। डॉक्टर की सलाह और उचित चिकित्सा का कोई विकल्प नहीं है।

भ्रम: केवल गंदे पानी में ही मच्छर पैदा होते हैं।

सच: डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर अक्सर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है।

डेंगू एक ऐसी बीमारी है जिसे थोड़ी-सी सावधानी से काफी हद तक रोका जा सकता है। बरसात के मौसम में घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव करें और तेज बुखार होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शुरुआती पहचान और सही उपचार से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं, जबकि लापरवाही गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।

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