कैंसर की ये 10 शुरुआती निशानियां दिखीं तो समझिए खतरे की घंटी बज चुकी है! देर की तो पछताना पड़ सकता है.
हाइलाइट्स
कैंसर दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है, लेकिन शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता बढ़ जाती है।
शरीर में होने वाले कुछ सामान्य बदलाव कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
धूम्रपान, शराब, मोटापा और खराब जीवनशैली कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।
नियमित जांच और स्वस्थ आदतें कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
कैंसर का नाम सुनते ही अधिकांश लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कई बार इस बीमारी का पता तब चलता है जब यह शरीर में काफी फैल चुकी होती है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कैंसर की शुरुआती पहचान हो जाए तो कई प्रकार के कैंसर का सफल इलाज संभव है।
कैंसर तब होता है जब शरीर की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं धीरे-धीरे आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचाती हैं और समय के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकती हैं।
कैंसर क्या है?
हमारे शरीर की कोशिकाएं एक निश्चित नियम के अनुसार बनती और नष्ट होती रहती हैं। लेकिन जब किसी कारण से कोशिकाओं की वृद्धि पर नियंत्रण खत्म हो जाता है, तब वे लगातार बढ़ती रहती हैं और एक गांठ (ट्यूमर) या कैंसर का रूप ले सकती हैं।
हालांकि सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते। कुछ ट्यूमर सामान्य (Benign) होते हैं, जबकि कैंसर वाले ट्यूमर (Malignant) शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकते हैं।
कैंसर के प्रमुख प्रकार
कैंसर शरीर के लगभग किसी भी अंग में हो सकता है।
सबसे सामान्य प्रकार—
फेफड़ों का कैंसर
स्तन कैंसर
मुंह का कैंसर
गले का कैंसर
लिवर कैंसर
पेट का कैंसर
बड़ी आंत का कैंसर
सर्वाइकल कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर
रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया)
कैंसर की 10 शुरुआती निशानियां
यदि शरीर में लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
1. अचानक वजन कम होना
यदि बिना डाइटिंग या व्यायाम के तेजी से वजन कम होने लगे तो यह कई प्रकार के कैंसर का संकेत हो सकता है।
2. लगातार थकान
पर्याप्त आराम के बाद भी कमजोरी और थकान महसूस होना सामान्य नहीं माना जाता।
3. शरीर में गांठ बनना
स्तन, गर्दन, बगल या शरीर के किसी भी हिस्से में नई गांठ दिखाई दे तो जांच जरूर कराएं।
4. लंबे समय तक खांसी
यदि खांसी तीन सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे या खून आने लगे तो डॉक्टर से मिलें।
5. मल या पेशाब की आदतों में बदलाव
बार-बार कब्ज, दस्त या पेशाब में खून आना गंभीर संकेत हो सकता है।
6. त्वचा पर बदलाव
तिल का आकार बदलना, नया तिल बनना या घाव का लंबे समय तक न भरना त्वचा कैंसर का संकेत हो सकता है।
7. लगातार बुखार
बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक बुखार रहना कुछ प्रकार के कैंसर में देखा जाता है।
8. निगलने में कठिनाई
खाना निगलने में लगातार परेशानी गले या भोजन नली के कैंसर का संकेत हो सकती है।
9. आवाज बैठना
यदि कई सप्ताह तक आवाज भारी रहे तो जांच कराना जरूरी है।
10. असामान्य रक्तस्राव
खांसी, मल, पेशाब या महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कैंसर क्यों होता है?
कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं—
धूम्रपान
तंबाकू और गुटखा
अत्यधिक शराब
मोटापा
शारीरिक गतिविधि की कमी
अस्वस्थ भोजन
प्रदूषण
कुछ वायरस संक्रमण
आनुवंशिक कारण
बढ़ती उम्र
किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
धूम्रपान करने वाले
तंबाकू चबाने वाले
शराब का अधिक सेवन करने वाले
मोटापे से ग्रस्त लोग
जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास है
50 वर्ष से अधिक आयु के लोग
कैंसर की जांच कैसे होती है?
लक्षणों के अनुसार डॉक्टर कई जांच लिख सकते हैं—
रक्त जांच
एक्स-रे
अल्ट्रासाउंड
सीटी स्कैन
एमआरआई
मैमोग्राफी
एंडोस्कोपी
बायोप्सी
बायोप्सी कई मामलों में कैंसर की पुष्टि करने का सबसे महत्वपूर्ण परीक्षण माना जाता है।
इलाज कैसे किया जाता है?
कैंसर का इलाज उसके प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है।
मुख्य उपचार—
सर्जरी
कीमोथेरेपी
रेडियोथेरेपी
इम्यूनोथेरेपी
टार्गेटेड थेरेपी
हार्मोन थेरेपी
आज आधुनिक चिकित्सा के कारण कई प्रकार के कैंसर का सफल इलाज पहले की तुलना में अधिक संभव हो गया है।
कैंसर से बचाव कैसे करें?
कई मामलों में स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर जोखिम कम किया जा सकता है।
धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी रखें।
शराब का सेवन सीमित या बंद करें।
रोजाना व्यायाम करें।
ताजे फल और हरी सब्जियां खाएं।
मोटापे से बचें।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
HPV और हेपेटाइटिस-B जैसे उपलब्ध टीके लगवाएं, यदि डॉक्टर सलाह दें।
तेज धूप में लंबे समय तक रहने पर त्वचा की सुरक्षा करें।
डॉक्टर कब दिखाएं?
यदि कोई भी असामान्य लक्षण 2–3 सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे, तो स्वयं इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें। शुरुआती जांच कई बार जान बचा सकती है।
कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका मतलब हमेशा जीवन का अंत नहीं होता। आज चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के कारण समय पर पहचान और सही उपचार से लाखों लोग स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शरीर के किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और तंबाकू से दूरी कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। जागरूकता और समय पर कदम उठाना ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है।

कोई टिप्पणी नहीं