Breaking News

मॉनसून गया, लेकिन आफत नहीं! 60 KM की रफ्तार से आएगा तूफान, दिल्ली-Punjab-Haryana में ओलों का खतरा



उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई के बाद जहां लोगों को मौसम के स्थिर होने की उम्मीद थी, वहीं अब एक नए मौसमी सिस्टम ने चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 14 और 15 अक्टूबर के आसपास हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इस दौरान आंधी और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिलेगा। हवा की रफ्तार कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति, यातायात और खेतों में खड़ी फसलों पर भी असर पड़ सकता है।

सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ, बदलने लगा मौसम

उत्तर भारत में मौसम में यह बड़ा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की स्थिति बन सकती है। इसका असर धीरे-धीरे मैदानी इलाकों के मौसम पर भी दिखाई देने लगेगा।

पश्चिमी विक्षोभ के साथ ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय ट्रफ और संबंधित मौसमी परिस्थितियां बारिश और तेज हवाओं के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं। इसके कारण कई इलाकों में बादल छाने, तापमान गिरने और अचानक तेज हवाएं चलने की संभावना है।

रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड का असर और बढ़ा सकती हैं।

दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम का मिजाज

दिल्ली-NCR के लोगों को भी आने वाले दिनों में मौसम के बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। शुरुआत में आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम अचानक बदल सकता है।

14 और 15 अक्टूबर के आसपास राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। धूल भरी आंधी के कारण सड़क यातायात पर असर पड़ सकता है।

बारिश और बादलों की वजह से दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट आ सकती है। तापमान नीचे आने के साथ लोगों को दिन के समय भी हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी। सुबह और रात के समय मौसम ज्यादा ठंडा महसूस हो सकता है।

पंजाब-हरियाणा में ओलावृष्टि का खतरा

पंजाब और हरियाणा के लिए मौसम विभाग की चेतावनी सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन राज्यों में 14 और 15 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।

तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंधी के दौरान पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।

इस मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान पहुंच सकता है। जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार है, उन्हें मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी।

तेज हवाओं से बिजली और यातायात प्रभावित होने की आशंका

आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हो सकती है।

तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर सकती हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। खुले मैदानों में जाने से बचें और मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा को टालना बेहतर होगा।

राजस्थान में भी मौसम बदलेगा

राजस्थान के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं पूर्वी राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

कुछ इलाकों में हवा की गति काफी तेज हो सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के मौसम में भी आने वाले दिनों में बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज्यादा महसूस किया जा सकता है।

कई जगहों पर बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। हालांकि उत्तर प्रदेश के सभी हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना नहीं है। स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

लखनऊ, कानपुर, मेरठ, आगरा, बरेली और आसपास के इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से मौसम सुहावना और ठंडा महसूस हो सकता है।

पहाड़ों पर भारी बारिश और बर्फबारी के आसार

पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यदि बर्फबारी होती है तो इसका सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात का तापमान तेजी से नीचे जा सकता है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भी बारिश

पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर

उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम के कारण दक्षिणी राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मॉनसून की गतिविधियां बढ़ने के साथ बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है।

14 और 15 अक्टूबर सबसे अहम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए 14 और 15 अक्टूबर उत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खासकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ओलावृष्टि और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

दिल्ली-NCR में भी मौसम अचानक बदल सकता है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने की शुरुआत हो सकती है।

कुल मिलाकर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई के बाद भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ ने एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम का मिजाज बदल दिया है। आने वाले दिनों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और गिरते तापमान का असर कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अपडेट पर नजर रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।

कोई टिप्पणी नहीं