सेंसेक्स 1109 अंक उछला, निफ्टी 22,722 पर बंद… लेकिन असली खेल अब शुरू होगा!
भारतीय शेयर बाजार में 13 अक्टूबर का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा। लगातार दबाव और उतार-चढ़ाव के बीच बाजार ने अचानक ऐसी जोरदार वापसी की कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख इंडेक्स करीब डेढ़ फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में जहां 1109 अंकों की जबरदस्त बढ़त देखने को मिली, वहीं निफ्टी भी 358 अंक उछलकर 22,722 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के बीच एक बार फिर भरोसा पैदा किया है।
लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि बाजार आज क्यों चढ़ा। असली सवाल यह है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहने वाली है या फिर बाजार एक बार फिर बिकवाली की चपेट में आ सकता है? बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कुछ अहम स्तरों और आने वाले कारोबारी संकेतों पर टिक गई है।
13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान बड़ी संख्या में शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दोपहर करीब 3 बजे तक 2,068 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,865 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। करीब 179 शेयर ऐसे रहे जिनमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ। इस आंकड़े से साफ है कि बाजार में तेजी केवल कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना।
एक बयान ने बदल दिया बाजार का मूड
शेयर बाजार की इस जोरदार वापसी के पीछे कई कारण रहे, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एक सकारात्मक टिप्पणी ने निवेशकों के बीच सबसे ज्यादा उत्साह पैदा किया।
नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स से जुड़े मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी बजट चर्चाओं में LTCG टैक्स को हटाने से संबंधित विचारों को सुना जा सकता है।
यह बयान बाजार के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विदेशी और घरेलू निवेशक लंबे समय से इक्विटी निवेश पर लगने वाले टैक्स को लेकर चर्चा करते रहे हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सरकार कैपिटल मार्केट से जुड़े टैक्स नियमों में कुछ बदलाव कर सकती है।
वित्त मंत्री ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT को लेकर चल रही बहस का भी उल्लेख किया। बाजार में यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है कि अलग-अलग एसेट क्लास पर टैक्स व्यवस्था कितनी समान होनी चाहिए। वित्त मंत्री ने इस बहस को बाजार के लिए स्वस्थ चर्चा बताया।
LTCG टैक्स में बदलाव की उम्मीद से निवेशकों में उत्साह
मौजूदा व्यवस्था के तहत एक साल से ज्यादा समय तक रखे गए लिस्टेड इक्विटी शेयरों पर निर्धारित सीमा से ऊपर के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स लागू होता है। वर्तमान व्यवस्था में एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के दायरे से बाहर है।
ऐसे में यदि सरकार आने वाले बजट में LTCG या इक्विटी टैक्सेशन से जुड़े नियमों में कोई बदलाव करती है तो इसका सीधा असर निवेशकों की रणनीति पर पड़ सकता है।
हालांकि अभी किसी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं हुई है। केवल चर्चा के लिए दरवाजा खुला होने के संकेत मिले हैं। लेकिन शेयर बाजार अक्सर भविष्य की संभावनाओं को पहले ही कीमतों में शामिल करना शुरू कर देता है। यही वजह रही कि वित्त मंत्री की टिप्पणी के बाद बाजार में खरीदारी का उत्साह बढ़ गया।
आईटी शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
13 अक्टूबर की तेजी में आईटी सेक्टर का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 4 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
एचसीएल टेक के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 4.9 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। कंपनी के बेहतर तिमाही प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।
कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 21.2 फीसदी बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से बेहतर माना गया। कंपनी की एडवांस्ड एआई सर्विस से जुड़ी वार्षिक आय भी बढ़कर 219 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई।
आईटी कंपनियों के कारोबार को लेकर पिछले कुछ समय से निवेशकों के बीच चिंता बनी हुई थी। खासकर वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी खर्च, एआई के प्रभाव और कमजोर मांग को लेकर सवाल उठ रहे थे। लेकिन बेहतर नतीजों ने इन चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की ओर से एचसीएल टेक को अपग्रेड किए जाने से भी शेयर में सकारात्मक माहौल बना। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आईटी कंपनियों की कमाई में सुधार जारी रहता है तो यह सेक्टर आने वाले दिनों में बाजार को अतिरिक्त मजबूती दे सकता है।
गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग ने पलटा खेल
बाजार में तेजी का दूसरा बड़ा कारण निचले स्तरों पर हुई वैल्यू बाइंग रही। हाल की गिरावट के बाद कई निवेशकों को मजबूत कंपनियों के शेयर अपेक्षाकृत आकर्षक कीमतों पर दिखाई दिए। इसके चलते खरीदारी बढ़ी और प्रमुख इंडेक्स तेजी से ऊपर जाने लगे।
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में भी एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। एफएमसीजी सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर करीब 1.2 फीसदी और आईटीसी करीब 0.4 फीसदी ऊपर रहा।
इससे संकेत मिलता है कि बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी केवल आईटी शेयरों तक सीमित नहीं थी। अलग-अलग सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को व्यापक आधार दिया।
India VIX में गिरावट ने भी दिया राहत का संकेत
बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया VIX भी 7.5 फीसदी गिरकर 14.12 के स्तर पर आ गया। VIX में गिरावट का मतलब आमतौर पर यह माना जाता है कि निकट अवधि में बाजार को लेकर निवेशकों की घबराहट कुछ कम हुई है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में जोखिम पूरी तरह खत्म हो गया है। वैश्विक बाजार, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और आगामी कॉरपोरेट नतीजे अब भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या निफ्टी 22,650 के पार जाएगा?
बाजार की इस शानदार तेजी के बाद अब निवेशकों की नजर तकनीकी स्तरों पर है। विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 22,350 से 22,400 का क्षेत्र अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
यदि निफ्टी इस स्तर को बनाए रखने में सफल रहता है तो आगे 22,600 के आसपास की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 22,650 के स्तर को पार करना बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 22,650 के ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर बाजार में आगे बड़ी तेजी की संभावना मजबूत हो सकती है। इसके विपरीत यदि बाजार इस स्तर के आसपास बार-बार दबाव में आता है तो एक बार फिर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
यानी आने वाले कारोबारी सत्र में 22,650 का स्तर बाजार की अगली कहानी तय कर सकता है।
भारत में नए सेक्टरों में बढ़ रहा निवेश
शेयर बाजार की तेजी के बीच वित्त मंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था और नए निवेश क्षेत्रों को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने बताया कि निजी पूंजी अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार एडवांस और अपेक्षाकृत कम एडवांस दोनों तरह की चिप निर्माण क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दे रही है।
बुनियादी ढांचे के विकास में नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए आगे की राह आसान नहीं
13 अक्टूबर की तेजी ने निश्चित तौर पर बाजार में नई उम्मीद पैदा की है, लेकिन निवेशकों के लिए आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं मानी जा सकती। एक दिन की जोरदार तेजी को स्थायी तेजी मानना जोखिम भरा हो सकता है।
अब बाजार की नजर कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजों, सरकार की बजट संबंधी चर्चाओं, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर रहेगी।
फिलहाल सेंसेक्स का 1109 अंकों का उछाल और निफ्टी का 22,722 तक पहुंचना बाजार की मजबूत वापसी का संकेत जरूर देता है। आईटी शेयरों की तेजी, निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग और LTCG टैक्स को लेकर सरकार के सकारात्मक संकेतों ने बाजार का माहौल बदल दिया है।
लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी। अगर निफ्टी 22,650 के अहम स्तर को मजबूती से पार कर लेता है तो बाजार में तेजी का नया दौर शुरू होने की उम्मीद बढ़ सकती है। वहीं इस स्तर पर कमजोरी आने पर निवेशकों को फिर से सावधानी बरतनी पड़ सकती है। इसलिए आने वाले कुछ कारोबारी सत्र यह तय करेंगे कि 13 अक्टूबर की यह तेजी महज एक शानदार वापसी थी या फिर भारतीय शेयर बाजार ने एक बड़ी नई रैली की नींव रख दी है।

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