हफ्तों तक चुप रही नाबालिग, अचानक मां से कही ऐसी बात कि उड़ गए होश! कोचिंग छोड़ने के पीछे छिपा था खौफनाक राज, 3 गिरफ्तार
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद से नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। घटना के कई सप्ताह बाद तब सामने आई, जब लड़की के व्यवहार में अचानक बदलाव देखकर उसकी मां को शक हुआ। लड़की ने कोचिंग जाना भी बंद कर दिया था और पहले की तुलना में काफी चुप रहने लगी थी। मां ने जब बेटी से बातचीत कर इसकी वजह पूछी तो उसने जो बताया, उसके बाद परिवार के होश उड़ गए।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 24 अगस्त की शाम ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-78 इलाके में हुई थी। आरोप है कि कुछ युवकों ने नाबालिग लड़की और उसके 16 वर्षीय दोस्त को धमकाकर एक सुनसान इमारत में ले गए। वहां दोनों के साथ मारपीट की गई और सामान भी लूट लिया गया। लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान कुनाल, दीपक और यश के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है और वे स्थानीय निवासी हैं। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बेटी के व्यवहार में बदलाव से मां को हुआ शक
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कथित वारदात के बारे में परिवार को कई सप्ताह तक जानकारी नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद नाबालिग के व्यवहार में बदलाव आने लगा था।
वह पहले की तरह सामान्य नहीं रह रही थी। वह काफी चुप रहने लगी और कोचिंग क्लास जाना भी बंद कर दिया। परिवार के लोगों ने शुरुआत में इसे सामान्य बदलाव समझा, लेकिन जब स्थिति लगातार बनी रही तो उसकी मां को शक हुआ।
मां ने बेटी से बातचीत की और उससे परेशानी की वजह पूछी। बातचीत के दौरान नाबालिग ने कथित घटना के बारे में परिवार को जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने उसके 16 वर्षीय दोस्त से भी बात की। पुलिस के अनुसार, लड़के ने भी घटना से संबंधित जानकारी दी।
इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई गई।
24 अगस्त की शाम आखिर क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, घटना 24 अगस्त की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच की है। नाबालिग लड़की अपने 16 वर्षीय दोस्त के साथ थी। आरोप है कि कुछ युवकों ने दोनों को धमकाया और इसके बाद उन्हें सेक्टर-78 स्थित एक खाली और सुनसान इमारत के अंदर ले गए।
पुलिस के अनुसार, इमारत के अंदर दोनों के साथ मारपीट की गई। लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जबकि उसके दोस्त के साथ भी मारपीट की गई।
आरोप यह भी है कि युवकों ने दोनों से सामान लूट लिया और इसके बाद उन्हें वहीं छोड़कर फरार हो गए।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना भी है कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे और वारदात में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।
कई सप्ताह तक क्यों नहीं सामने आया मामला?
ऐसे मामलों में पीड़ित का डर और मानसिक दबाव कई बार परिवार के सामने घटना बताने में बड़ी बाधा बन जाता है। इस मामले में भी कथित घटना और पुलिस शिकायत के बीच कई सप्ताह का अंतर रहा।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग के व्यवहार में बदलाव के बाद मां ने उससे बातचीत की, जिसके बाद घटना की जानकारी सामने आई।
यह भी सामने आया है कि घटना के बाद लड़की कोचिंग नहीं जा रही थी। परिवार के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण संकेत साबित हुआ। मां द्वारा बेटी से बातचीत करने के बाद कथित घटना सामने आई और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बच्चों और किशोरों में अचानक व्यवहार परिवर्तन को परिवार किस तरह गंभीरता से ले सकता है। हालांकि किसी भी व्यवहार परिवर्तन को केवल अपराध से जोड़ना सही नहीं होगा, लेकिन लगातार डर, चुप्पी या सामान्य गतिविधियों से दूरी जैसे बदलाव दिखाई देने पर परिवार को संवेदनशीलता के साथ बच्चे से बात करना जरूरी है।
शिकायत के कुछ घंटों में तीन गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता ने आरोपियों में से एक के बारे में जानकारी दी थी।
इसके बाद पुलिस टीमों ने संदिग्धों की पहचान और तलाश शुरू की। कुछ ही घंटों के भीतर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुनाल, दीपक और यश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों करीब 20 वर्ष के हैं और स्थानीय निवासी हैं।
तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
तीन दिन की पुलिस हिरासत में आरोपी
अदालत द्वारा पुलिस हिरासत दिए जाने के बाद जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस का प्रयास है कि घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस ने यह भी बताया है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इसके लिए अलग-अलग जांच टीमों को संभावित ठिकानों पर भेजा गया है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है कि आरोपियों ने पीड़िता और उसके दोस्त को किस तरह रोका, उन्हें सुनसान इमारत तक कैसे ले जाया गया और घटना के बाद वे किस रास्ते से वहां से निकले।
पॉक्सो समेत कई धाराओं में मामला दर्ज
नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो यानी Protection of Children from Sexual Offences Act के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा मारपीट और लूट से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की आवश्यक चिकित्सकीय जांच कराई गई है। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ जैसे पहलुओं को भी देखा जा रहा है।
पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ युवकों के स्थानीय स्तर पर आपराधिक गतिविधियों और नशे के इस्तेमाल से जुड़े होने की जानकारी मिली है। हालांकि इन पहलुओं की पुष्टि जांच के आधार पर की जा रही है।
ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर आरोपियों की पृष्ठभूमि, मोबाइल फोन, संपर्कों, घटनास्थल से जुड़े संभावित साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारी की भी जांच करती है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।
पीड़िता के दोस्त से भी मिली अहम जानकारी
घटना के समय नाबालिग लड़की के साथ उसका 16 वर्षीय दोस्त भी मौजूद था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की और उसका सामान लूट लिया।
परिवार द्वारा उससे बातचीत किए जाने के बाद उसने भी पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। इस कारण पुलिस के पास घटना के संबंध में एक और प्रत्यक्ष विवरण उपलब्ध हुआ है।
जांच अधिकारी अब दोनों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रहे हैं। इससे घटना की परिस्थितियों को समझने और आरोपियों की भूमिका निर्धारित करने में मदद मिल सकती है।
परिवार के लिए सबसे कठिन रहा सच सामने आने का पल
कई सप्ताह तक घटना की जानकारी परिवार से छिपी रहने के बाद जब मां को बेटी की परेशानी का पता चला तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस पूरे घटनाक्रम में परिवार की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि बेटी के व्यवहार में आए बदलाव को उसकी मां ने नजरअंदाज नहीं किया।
हालांकि इस तरह की घटनाओं में पीड़ित को दोष देना बिल्कुल उचित नहीं है। डर, धमकी, सामाजिक दबाव और मानसिक आघात के कारण बच्चे या किशोर कई बार अपने साथ हुई घटना के बारे में तुरंत किसी को नहीं बता पाते।
इस मामले में भी पुलिस के अनुसार, कथित घटना के कई सप्ताह बाद परिवार को इसकी जानकारी मिली।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फरीदाबाद के सेक्टर-78 में सामने आए इस मामले में फिलहाल तीन आरोपी गिरफ्तार हैं और अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
कथित घटना 24 अगस्त की बताई गई है, जबकि पुलिस शिकायत कई सप्ताह बाद दर्ज हुई। अब जांच एजेंसियां घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि उस शाम वास्तव में कितने लोग वहां मौजूद थे, घटना में किसकी क्या भूमिका थी और क्या वारदात से जुड़े अन्य सबूत उपलब्ध हैं। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल मामले में दर्ज आरोपों की जांच चल रही है और गिरफ्तार किए गए युवकों को अदालत में दोषी ठहराया जाना अभी बाकी है। पुलिस द्वारा की जा रही जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

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