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पिता की दी हुई आखिरी निशानी हुई गायब! तोते के बिछड़ते ही इकलौती बेटी ने छोड़ा खाना, लौटाने वाले को ₹20,000 का इनाम



दशहरा मेले की रौनक, रोशनी और आतिशबाजी के बीच एक 18 वर्षीय युवती की जिंदगी में अचानक सन्नाटा छा गया। तेज पटाखों की आवाज से घबराकर उसका पालतू तोता घर से उड़ गया। इसके बाद से युवती लगातार अपने प्यारे साथी को खोज रही है। शहर में जगह-जगह उसके पोस्टर लगाए जा रहे हैं और अब तोते का पता बताने वाले व्यक्ति को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई है।

यह कहानी है अलखनाथ मंदिर के पास स्थित नीलकंठ कॉलोनी की रहने वाली 18 वर्षीय डाली मौर्य की, जो अपने पालतू तोते ‘हरि’ के गायब होने के बाद उसे वापस पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। डाली के लिए हरि महज एक पालतू पक्षी नहीं था, बल्कि वह उनके परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा और उनका सबसे करीबी साथी बन चुका था।

बचपन से डाली के साथ था हरि

डाली के मुताबिक, उनके पिता कई साल पहले हरि को घर लेकर आए थे। उस समय से ही वह उसे अपने साथ रखकर उसकी देखभाल करती थीं। बचपन से ही हरि उनके जीवन का हिस्सा रहा और धीरे-धीरे दोनों के बीच इतना गहरा लगाव हो गया कि डाली उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह मानने लगीं।

डाली ने बताया कि उनका कोई भाई या बहन नहीं है। ऐसे में हरि उनके लिए खास साथी बन गया था। वह उससे बातें करती थीं और अपने रोजमर्रा के समय का बड़ा हिस्सा उसके साथ बिताती थीं।

हरि भी डाली की आवाज और घर के माहौल से अच्छी तरह परिचित था। घर में किसी अनजान व्यक्ति के आने पर वह आवाज लगाता था। उसकी आवाज से घरवालों को भी कई बार पता चल जाता था कि कोई बाहर आया है।

यही वजह है कि उसके अचानक गायब होने के बाद डाली के लिए घर का माहौल पूरी तरह बदल गया है।

दशहरा मेले की आतिशबाजी बनी वजह

दशहरा मेले के दौरान इलाके में उत्सव का माहौल था। मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और पटाखों तथा आतिशबाजी की तेज आवाजें लगातार सुनाई दे रही थीं।

इन्हीं तेज आवाजों के बीच हरि डर गया। घबराहट में उसने उड़ान भरी और मोहल्ले में कहीं चला गया। डाली के मुताबिक, इसके बाद से वह लगातार उसकी तलाश कर रही हैं।

उन्होंने आसपास के इलाकों में हर संभव जगह उसे खोजने की कोशिश की। लोगों से पूछताछ की गई और अब शहर के अलग-अलग हिस्सों में हरि की तस्वीर और जानकारी वाले पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं।

डाली को उम्मीद है कि किसी व्यक्ति को हरि कहीं दिखाई दे सकता है और वह उसके बारे में जानकारी देकर उसे घर वापस पहुंचाने में मदद करेगा।

तोते का पता बताने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम

हरि को खोजने के लिए अब परिवार ने इनाम की घोषणा भी की है। तोते का पता बताने या उसे सुरक्षित वापस घर पहुंचाने में मदद करने वाले व्यक्ति को 20 हजार रुपये का इनाम देने की पेशकश की गई है।

शहर में लगाए गए पोस्टरों में हरि की जानकारी देकर लोगों से उसकी तलाश में मदद की अपील की जा रही है। डाली चाहती हैं कि अगर किसी व्यक्ति को यह तोता दिखाई दे तो वह उसे पकड़ने या डराने के बजाय परिवार से संपर्क करे।

पोस्टर लगाने का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हरि की तस्वीर और उसकी पहचान की जानकारी पहुंचाना है। डाली को उम्मीद है कि शहर में पोस्टर देखने वाला कोई व्यक्ति अगर हरि को पहचान लेता है तो उसकी तलाश आसान हो सकती है।

रोटी थी हरि की पसंद, मीठा नहीं था पसंद

डाली ने हरि की आदतों और पसंद के बारे में भी बताया है। उनके अनुसार, हरि को रोटी खाना काफी पसंद था। वह उसे रोटी खिलाती थीं और हरि बड़े चाव से इसे खाता था।

हालांकि, मीठी चीजें उसे पसंद नहीं थीं और उन्हें खाने से उसकी तबीयत खराब हो जाती थी। डाली बताती हैं कि कुछ दिन पहले हरि की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान यानी आइवीआरआइ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने हरि को मीठी चीजें नहीं देने की सलाह दी थी। डाली और उनका परिवार उसकी सेहत को लेकर काफी सावधान रहने लगा था।

यही कारण है कि हरि के अचानक गायब होने से डाली की चिंता और बढ़ गई है। उन्हें डर है कि कहीं वह बाहर कुछ ऐसा न खा ले जिससे उसकी तबीयत खराब हो जाए।

बीमारी से ठीक होने के बाद फिर गायब हुआ हरि

हरि की बीमारी के दौरान डाली ने उसकी काफी देखभाल की थी। इलाज के बाद उसकी हालत बेहतर हुई और परिवार को उम्मीद थी कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ रहेगा।

लेकिन इसके कुछ ही समय बाद दशहरा मेले की पटाखों की तेज आवाज ने स्थिति बदल दी। डरकर उड़ जाने के बाद हरि अभी तक वापस नहीं लौटा है।

डाली का कहना है कि वह लगातार उसे खोज रही हैं। आसपास के घरों, गलियों और संभावित स्थानों पर नजर रखी जा रही है। वह लोगों से भी अपील कर रही हैं कि अगर उन्हें कोई ऐसा तोता दिखाई दे जो इंसानों के करीब आता हो या घर में पाले गए पक्षी जैसा व्यवहार करता हो, तो वे तुरंत जानकारी दें।

हरि के जाने के बाद डाली ने खाना तक छोड़ दिया

हरि के साथ डाली का लगाव कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके गायब होने के बाद उन्होंने खाना तक छोड़ दिया है।

डाली के मुताबिक, हरि उनके लिए केवल एक पक्षी नहीं था। वह बचपन से उनके साथ रहा और उनके अकेलेपन में उनका साथी बना। वह उससे बातें करती थीं और उसकी आवाज घर में एक परिचित माहौल पैदा करती थी।

अब उसके बिना उन्हें घर खाली-खाली लगता है। वह लगातार इस उम्मीद में हैं कि किसी दिन अचानक हरि वापस उड़कर उनके पास आ जाएगा।

डाली का कहना है कि वह हरि के लौटने का इंतजार कर रही हैं और जब तक उसका पता नहीं चलता, तब तक उसकी तलाश जारी रखेंगी।

शहर में लगे पोस्टर बने चर्चा का विषय

हरि को खोजने के लिए लगाए गए पोस्टर अब शहर में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आम तौर पर पालतू जानवरों के गुम होने पर लोग पोस्टर लगाते हैं, लेकिन 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।

लोग पोस्टर देखकर डाली और हरि की कहानी के बारे में जान रहे हैं। कई लोग उनकी मदद करने की कोशिश भी कर रहे हैं।

ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि कोई पालतू पक्षी अक्सर बहुत दूर नहीं जाता और आसपास के पेड़ों, छतों या घरों में बैठ सकता है।

डाली को अब सिर्फ एक खबर का इंतजार

हरि की तलाश में डाली की सबसे बड़ी उम्मीद शहर के लोगों पर टिकी है। वह चाहती हैं कि अगर किसी को हरि दिखाई दे तो वह तुरंत उन्हें सूचना दे।

हरि के घर लौटने की उम्मीद में डाली लगातार उसकी तलाश कर रही हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक गुम हुए पालतू पक्षी को खोजने की कोशिश नहीं है, बल्कि बचपन के उस साथी को वापस पाने की कोशिश है जिसके साथ उन्होंने वर्षों का समय बिताया है।

दशहरा मेले की कुछ मिनटों की तेज आतिशबाजी ने डाली से उनका प्यारा साथी छीन लिया। अब पोस्टरों, अपीलों और 20 हजार रुपये के इनाम के सहारे एक परिवार अपने खोए हुए सदस्य को वापस पाने की कोशिश कर रहा है।

फिलहाल हरि का कोई पता नहीं चल सका है। लेकिन डाली को उम्मीद है कि शहर में लगा कोई एक पोस्टर, किसी व्यक्ति की नजर या किसी राहगीर की छोटी-सी मदद उनके हरि को वापस घर तक पहुंचा सकती है।

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