नोएडा में 24 घंटे में 15 मौतों से मचा हड़कंप, आखिर क्या है इस खौफनाक सिलसिले के पीछे का राज?
दिल्ली-एनसीआर से सटे हाईटेक शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बीते 24 घंटे के दौरान सामने आई मौतों की घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया है। शहर और आसपास के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक के बाद एक कुल 15 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इनमें कई मामले आत्महत्या से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि अन्य मौतें संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हैं। लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
एक ही समयावधि में अलग-अलग इलाकों से मौतों की खबर सामने आने के कारण लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल किसी भी घटना को आपस में जोड़कर नहीं देखा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सदरपुर में 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-39 थाना क्षेत्र की सदरपुर कॉलोनी में रहने वाले 40 वर्षीय राजीव ने मंगलवार रात अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। राजीव मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला बताया गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे क्या वजह थी। फिलहाल किसी स्पष्ट कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
बरौला में किराये के मकान में मिला शव
सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला गांव में 42 वर्षीय राजू की भी मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, राजू किराये के मकान में रहता था और मंगलवार रात उसने कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की बात सामने आई है, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
24 वर्षीय सायरा बानो की मौत से भी जांच में जुटी पुलिस
सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के असगरपुर गांव में रहने वाली 24 वर्षीय सायरा बानो की भी मंगलवार रात मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सायरा ने कथित तौर पर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की।
बताया गया है कि उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी तरह का पारिवारिक या अन्य विवाद था।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी कारण को मौत के लिए जिम्मेदार मानना उचित नहीं होगा।
मानसिक तनाव के बाद जहरीला पदार्थ खाने की बात
बुलंदशहर के जहांगीरपुर निवासी 26 वर्षीय अंकित की मौत भी इस घटनाक्रम में शामिल है। पुलिस के अनुसार, अंकित ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया था।
तबीयत बिगड़ने के बाद उसे ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बीटा-2 थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस मामले में भी पुलिस घटना की परिस्थितियों और कथित मानसिक तनाव के कारणों की जांच कर रही है।
अफजल और मयंक की मौत की भी जांच
फेस-1 थाना क्षेत्र के नया बांस गांव निवासी 28 वर्षीय अफजल की भी मंगलवार रात मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की।
इसी तरह बिसरख थाना क्षेत्र की एक सोसायटी में रहने वाले 34 वर्षीय मयंक गुप्ता की मौत का मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मयंक ने भी कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या की।
दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी घटनास्थल से उपलब्ध जानकारी जुटाने के साथ-साथ मृतकों के परिजनों और परिचितों से भी पूछताछ कर रहे हैं।
इन 6 मामलों के अलावा 9 मौतों ने बढ़ाई चिंता
इन घटनाओं के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नौ अन्य लोगों की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, दादरी थाना क्षेत्र में रहने वाले 28 वर्षीय टीपू सुल्तान और 32 वर्षीय गुड़िया की मौत हुई। बिसरख थाना क्षेत्र में रहने वाले 26 वर्षीय पुलकित गौतम की भी मौत का मामला सामने आया है।
इसके अलावा सेक्टर-39 थाना क्षेत्र निवासी 30 वर्षीय संजय कुमार, बीटा-2 थाना क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय अखिलेश, खोड़ा कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय दिनेश उर्फ गुड्डू, सूरजपुर थाना क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय सोनू, फेस-2 थाना क्षेत्र निवासी 19 वर्षीय मनीष और जेवर थाना क्षेत्र के चरौली गांव निवासी 48 वर्षीय कर्मवीर की मौत की सूचना भी पुलिस को मिली।
इन सभी मामलों में मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
अस्पताल में इलाज के दौरान दिनेश की मौत
पुलिस के अनुसार, खोड़ा कॉलोनी निवासी दिनेश उर्फ गुड्डू की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी तबीयत किस वजह से बिगड़ी और मौत किन परिस्थितियों में हुई।
क्या इन सभी घटनाओं का आपस में कोई संबंध है?
एक ही अवधि में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 15 मौतों की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन घटनाओं के बीच कोई संबंध है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं?
फिलहाल पुलिस की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि सभी घटनाएं किसी एक कारण से जुड़ी हुई हैं। घटनाएं अलग-अलग इलाकों और अलग-अलग परिस्थितियों में हुई हैं। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मामले में अलग-अलग तथ्यों की जांच की जा रही है। घटनास्थल की स्थिति, परिजनों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौतों का राज
इन सभी मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के वास्तविक कारणों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
विशेषज्ञ जांच में यह भी देखा जाएगा कि मौत किस वजह से हुई और क्या किसी मामले में किसी तरह की आपराधिक भूमिका की संभावना है। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो पुलिस उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
अफवाहों से बचने की अपील
एक साथ कई मौतों की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू होना स्वाभाविक है। लेकिन जब तक पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से किसी तथ्य की पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी भी अपुष्ट दावे को सच मानना ठीक नहीं होगा।
फिलहाल पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। कुछ घटनाओं में आत्महत्या की प्रारंभिक आशंका जताई गई है, जबकि अन्य मामलों में मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
नोएडा में सामने आई इन 15 मौतों ने निश्चित तौर पर चिंता बढ़ा दी है, लेकिन इन घटनाओं के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसका जवाब जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिल सकेगा। अब निगाहें पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इन अलग-अलग घटनाओं की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।

कोई टिप्पणी नहीं