Breaking News

धनतेरस से पहले सोना-चांदी के भाव में बड़ा उलटफेर! अचानक क्यों गिरे दाम, आगे फिर बढ़ेंगे या और सस्ता होगा?



नई दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से राहत की खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। खास तौर पर चांदी की कीमत में करीब 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा की साप्ताहिक गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा है। वहीं सोने की कीमत भी पिछले सप्ताह के मुकाबले नीचे आई है।

यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब देश में त्योहारी खरीदारी का दौर तेज होने वाला है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है और हर साल इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग आभूषण, सिक्के, बार और अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी करते हैं। ऐसे में कीमतों में आई नरमी खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सोने के भाव में कितनी गिरावट आई?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 16 अक्टूबर 2026 को 999 शुद्धता वाला सोना करीब ₹1,46,426 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। 22 कैरेट यानी 916 शुद्धता वाले सोने का भाव करीब ₹1,34,126 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट यानी 750 शुद्धता वाला सोना करीब ₹1,09,820 प्रति 10 ग्राम रहा। ये IBJA के दरें हैं और इनमें 3 प्रतिशत जीएसटी तथा मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।

साप्ताहिक आधार पर देखें तो 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹3,004 प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। यह गिरावट ऐसे समय में हुई है जब कुछ समय पहले सोना लगातार ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहा था।

हालांकि खुदरा बाजार में ग्राहकों को मिलने वाली कीमत इससे अलग हो सकती है। ज्वेलरी खरीदते समय जीएसटी, मेकिंग चार्ज, डिजाइन चार्ज और ज्वेलर के अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं। इसलिए केवल बुलियन रेट देखकर अंतिम खरीद कीमत का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।

चांदी ने भी दिया बड़ा झटका

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी इस सप्ताह बड़ी गिरावट देखने को मिली। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक 16 अक्टूबर को चांदी करीब ₹2,10,918 प्रति किलोग्राम पर थी। सप्ताह के दौरान चांदी का भाव इससे काफी नीचे भी गया था। 15 अक्टूबर को IBJA के आंकड़ों में चांदी करीब ₹2,07,098 प्रति किलोग्राम तक पहुंची थी।

साप्ताहिक तुलना में चांदी करीब ₹10,191 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई। यही वजह है कि बाजार में चांदी की कीमत में आई गिरावट को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धनतेरस पर चांदी के सिक्के, बर्तन और निवेश के लिए चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को इससे फायदा मिल सकता है।

हालांकि चांदी का बाजार सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। इसलिए एक दिन की गिरावट को लंबी अवधि के रुझान के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

आखिर क्यों सस्ता हुआ सोना-चांदी?

कीमती धातुओं की कीमतों में हालिया कमजोरी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण अमेरिकी डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में कारोबार करता है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं में सोना अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है और इससे इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है। हाल में डॉलर की मजबूती ने सोने पर दबाव बनाया है।

इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी सोने के लिए महत्वपूर्ण कारक बन गई है। सोना खुद कोई ब्याज नहीं देता। ऐसे में जब ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ती है, तो निवेशकों का एक हिस्सा उन परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित हो सकता है जिनसे ब्याज या यील्ड मिलती है। इसका असर सोने की मांग पर पड़ सकता है।

अमेरिका की महंगाई ने भी बढ़ाई चिंता

अमेरिका से आए हालिया महंगाई के आंकड़ों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। सितंबर की अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई दर उम्मीद से ज्यादा रही। इसके बाद बाजार में यह चर्चा बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर अपेक्षाकृत सख्त रुख अपना सकता है।

जब बाजार में ब्याज दरों में बढ़ोतरी या ऊंची दरें लंबे समय तक बने रहने की संभावना बढ़ती है, तो सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश पर दबाव आ सकता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हाल के दिनों में कमजोरी देखने को मिली है।

कच्चे तेल की कीमतों का भी असर

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहा है। हाल में तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर संबंधी नीतियों को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ती है।

इसका सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ता है। सोना और चांदी सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी डॉलर, ब्याज दर, महंगाई, निवेशकों की खरीद-बिक्री और वैश्विक घटनाक्रम से प्रभावित होते हैं।

धनतेरस से पहले खरीदारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह गिरावट?

भारत में धनतेरस को सोना-चांदी खरीदने के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। बहुत से परिवार इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के, बर्तन या निवेश के दूसरे विकल्प खरीदते हैं।

इसलिए यदि त्योहारी सीजन से पहले कीमतों में कुछ नरमी आती है तो ग्राहकों को मनोवैज्ञानिक रूप से भी राहत मिलती है। खासकर ऐसे समय में जब सोना लंबे समय से ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है, कुछ हजार रुपये की गिरावट भी बड़ी खरीदारी करने वाले परिवारों के बजट को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि विशेषज्ञों की सामान्य सलाह यही रहती है कि केवल कीमत में एक-दो दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में बड़ा निवेश नहीं करना चाहिए। सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर और ब्याज दरों के साथ तेजी से बदल सकती हैं।

क्या दिवाली तक फिर बढ़ सकते हैं भाव?

यह सवाल अब सबसे ज्यादा चर्चा में है। मौजूदा गिरावट के बाद बाजार में आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एक तरफ मजबूत डॉलर और ब्याज दरों की संभावना सोने पर दबाव डाल रही है, तो दूसरी तरफ त्योहारी मांग, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की मांग कीमतों को सहारा दे सकती है।

रॉयटर्स की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक सोना उस सप्ताह करीब 0.7 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट की ओर था, जबकि भारतीय बाजार में कीमतों में नरमी के बाद घरेलू खरीदारों की खरीदारी बढ़ी और सोना भारतीय बाजार में प्रीमियम पर भी कारोबार करता दिखा।

यानी बाजार में एक तरफ अंतरराष्ट्रीय दबाव है तो दूसरी तरफ भारत में त्योहारी मांग का समर्थन मिल रहा है। यही टकराव आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय कर सकता है।

खरीदारी करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अगर आप धनतेरस या दिवाली पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ बाजार भाव देखकर खरीदारी न करें। सबसे पहले सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, प्रति ग्राम कीमत और मेकिंग चार्ज की जानकारी लें।

ज्वेलरी की अंतिम कीमत में 3 प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज का असर पड़ सकता है। इसलिए अलग-अलग दुकानों से अंतिम बिल की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।

चांदी खरीदने वालों को भी शुद्धता और वजन की सही जानकारी लेनी चाहिए। निवेश के लिए चांदी का सिक्का या बार खरीद रहे हैं तो उसकी शुद्धता, पैकिंग और बिल जरूर जांचें।

फिलहाल बाजार में क्या तस्वीर है?

फिलहाल तस्वीर यह है कि धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी अपने हालिया ऊंचे स्तरों से कुछ नीचे आए हैं। 24 कैरेट सोने में साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई है और चांदी में भी 10 हजार रुपये से ज्यादा की कमी आई है।

लेकिन बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं है। डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक घटनाक्रम आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

ऐसे में धनतेरस पर खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए मौजूदा गिरावट निश्चित रूप से राहत की खबर है, लेकिन आने वाले दिनों में भाव और नीचे जाएंगे या फिर त्योहारी मांग के कारण दोबारा तेजी आएगी, इस पर अभी निश्चित रूप से कुछ कहना मुश्किल है। यही वजह है कि बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों और खरीदारों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

कोई टिप्पणी नहीं