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पैर के अंगूठे में अचानक दर्द क्यों? शरीर में बढ़ रहा हो सकता है यूरिक एसिड, इन 7 संकेतों को न करें नजरअंदाज



यूरिक एसिड हमारे शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ है। शरीर में मौजूद प्यूरीन नामक पदार्थों के टूटने के बाद यूरिक एसिड बनता है। आमतौर पर किडनी इसे खून से फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगे या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए, तो इसका स्तर खून में बढ़ सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में यूरिक एसिड बढ़ने पर कोई लक्षण दिखाई दें। कई लोगों में इसका स्तर बढ़ा होने के बावजूद लंबे समय तक कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन कुछ मामलों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा होने लगते हैं और इसके कारण गाउट नामक गठिया की समस्या हो सकती है।

गाउट का अटैक अचानक शुरू हो सकता है और इसमें पैर के अंगूठे, टखने, घुटने या किसी अन्य जोड़ में तेज दर्द, सूजन और गर्माहट महसूस हो सकती है।

पैर के अंगूठे में अचानक तेज दर्द

यूरिक एसिड से जुड़ी समस्या में सबसे आम लक्षणों में से एक पैर के अंगूठे के जोड़ में अचानक तेज दर्द होना है। कई बार यह दर्द रात में अचानक शुरू होता है और कुछ ही घंटों में काफी बढ़ सकता है।

स्थिति इतनी परेशान करने वाली हो सकती है कि प्रभावित पैर को जमीन पर रखने या हल्के से छूने पर भी दर्द महसूस हो। पैर के अंगूठे के आसपास लालिमा और सूजन भी दिखाई दे सकती है।

हालांकि पैर के अंगूठे में दर्द होने का मतलब हमेशा गाउट नहीं होता। चोट, संक्रमण और दूसरी जोड़ों की समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं।

पैरों और टखनों में सूजन

यूरिक एसिड के क्रिस्टल जब किसी जोड़ में जमा होते हैं तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण वहां सूजन पैदा हो सकती है। इसका असर पैर के अंगूठे के अलावा टखने और पैर के अन्य जोड़ों पर भी पड़ सकता है।

अगर किसी जोड़ में अचानक सूजन के साथ तेज दर्द, लालिमा और गर्माहट महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जोड़ छूने पर गर्म महसूस होना

गाउट के दौरान प्रभावित जोड़ सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस हो सकता है। त्वचा लाल हो सकती है और उस हिस्से को छूने पर अत्यधिक संवेदनशीलता महसूस हो सकती है।

कई बार मरीज को ऐसा लगता है कि जोड़ के आसपास जलन या तेज गर्माहट हो रही है। यह लक्षण यूरिक एसिड के क्रिस्टल के कारण होने वाली सूजन से जुड़ा हो सकता है।

रात में अचानक शुरू हो सकता है दर्द

गाउट का अटैक कई बार अचानक रात में शुरू होता है। व्यक्ति सोने से पहले बिल्कुल सामान्य महसूस कर सकता है, लेकिन कुछ घंटों बाद तेज दर्द के कारण उसकी नींद खुल सकती है।

दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि प्रभावित जोड़ को हिलाना या उस पर वजन डालना मुश्किल हो जाए। गाउट का अटैक कुछ दिनों तक रह सकता है और उपचार के बाद धीरे-धीरे कम हो सकता है।

चलने-फिरने में परेशानी

जब यूरिक एसिड के क्रिस्टल पैर, टखने या घुटने के जोड़ में जमा होते हैं, तो दर्द और सूजन के कारण चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है।

पैर पर वजन डालने में दर्द होना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या जोड़ को मोड़ने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

अगर जोड़ों का दर्द बार-बार हो रहा है और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

दर्द कम होने के बाद भी रह सकती है परेशानी

गाउट के अटैक का तेज दर्द कुछ समय बाद कम हो सकता है, लेकिन प्रभावित जोड़ में हल्का दर्द या असहजता कई दिनों तक रह सकती है।

अगर इसका सही उपचार न किया जाए तो भविष्य में गाउट के अटैक दोबारा हो सकते हैं। लंबे समय तक अनियंत्रित गाउट की स्थिति में यूरिक एसिड के क्रिस्टल त्वचा के नीचे जमा होकर छोटी-छोटी गांठें बना सकते हैं। इन्हें टोफी कहा जाता है।

सिर्फ पैरों में नहीं, हाथों के जोड़ों में भी हो सकता है असर

यह मानना सही नहीं है कि यूरिक एसिड की समस्या केवल पैर के अंगूठे को प्रभावित करती है। गाउट टखने, घुटने, कलाई, उंगलियों और कोहनी जैसे जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है।

इसलिए अगर अचानक किसी भी जोड़ में तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट दिखाई देती है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

यूरिक एसिड बढ़ने के प्रमुख कारण

यूरिक एसिड बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। शरीर में यूरिक एसिड का ज्यादा बनना या किडनी द्वारा इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाना इसके प्रमुख कारणों में शामिल है।

इसके अलावा कुछ लोगों में आनुवंशिक कारण भी भूमिका निभा सकते हैं। अधिक वजन, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी से जुड़ी समस्याएं और कुछ दवाओं के सेवन से भी यूरिक एसिड बढ़ने का जोखिम प्रभावित हो सकता है।

खान-पान भी इसमें भूमिका निभा सकता है। प्यूरीन की अधिक मात्रा वाले कुछ खाद्य पदार्थ, शराब और अधिक मीठे पेय पदार्थ गाउट के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

क्या मांस खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है?

कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा ज्यादा होती है। शरीर प्यूरीन को तोड़ता है और इससे यूरिक एसिड बनता है। लाल मांस, ऑर्गन मीट जैसे लिवर और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है।

हालांकि केवल एक खाद्य पदार्थ को जिम्मेदार मानना सही नहीं है। यूरिक एसिड और गाउट पर वजन, आनुवंशिक कारण, किडनी की कार्यक्षमता, दवाएं और पूरी जीवनशैली का भी असर पड़ सकता है।

यूरिक एसिड की जांच कैसे होती है?

यूरिक एसिड का स्तर जानने के लिए ब्लड टेस्ट किया जा सकता है। लेकिन केवल ब्लड टेस्ट में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ मिलना गाउट की पुष्टि नहीं करता।

इसी तरह गाउट के अटैक के दौरान कुछ लोगों में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य भी मिल सकता है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों और शारीरिक जांच के साथ जरूरत पड़ने पर अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

कुछ मामलों में प्रभावित जोड़ के तरल पदार्थ की जांच की जाती है। इससे यूरिक एसिड के क्रिस्टल की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

इलाज कैसे किया जाता है?

गाउट के इलाज का उद्देश्य दर्द और सूजन को नियंत्रित करना तथा भविष्य में होने वाले अटैक को रोकना होता है। डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं दे सकते हैं।

बार-बार गाउट होने वाले मरीजों को यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित करने के लिए लंबे समय तक दवाओं की जरूरत भी पड़ सकती है।

किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद नहीं करना चाहिए। खासकर यदि मरीज को किडनी, लिवर, ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है तो दवा का चुनाव सावधानी से किया जाता है।

पानी पीना और वजन नियंत्रित रखना क्यों जरूरी है?

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर के सामान्य हाइड्रेशन के लिए जरूरी है और किडनी को अपना काम करने में मदद करता है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग होती है, खासकर किडनी या हृदय की बीमारी वाले लोगों में।

इसके साथ स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और संतुलित आहार लेना भी महत्वपूर्ण है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर पहली बार किसी जोड़ में अचानक बहुत तेज दर्द और सूजन हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। खासकर अगर जोड़ लाल और गर्म है तथा इसके साथ बुखार, ठंड लगना या कंपकंपी भी हो रही है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

इस तरह के लक्षण केवल गाउट में ही नहीं, बल्कि जोड़ के संक्रमण जैसी गंभीर स्थिति में भी दिखाई दे सकते हैं।

जरूरी बात

यूरिक एसिड बढ़ना और गाउट एक ही चीज नहीं हैं। कई लोगों में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा होने के बावजूद कोई लक्षण नहीं दिखाई देता। वहीं अचानक पैर के अंगूठे या किसी अन्य जोड़ में तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट गाउट की ओर इशारा कर सकती है।

फिर भी केवल लक्षण देखकर खुद से बीमारी या इलाज तय करना सही नहीं है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच जरूरी है। अगर पैरों या जोड़ों में बार-बार दर्द और सूजन हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर टालने के बजाय समय पर चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।

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