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दिल्ली में आ गई कंबल लेने की नौबत! कब से पड़ेगी राजधानी में सर्दी; IMD की ये रिपोर्ट चौंका देगी



नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। शनिवार को बारिश, गरज और तेज हवाओं के बाद रविवार, 27 सितंबर 2026 की सुबह भी दिल्ली में बादल छाए रहे। मौसम में आई इस तब्दीली के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।

हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोग इसे दिल्ली में सर्दी की शुरुआत से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग के उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक अभी इसे सर्दी की शुरुआत कहना जल्दबाजी होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के New Delhi-Safdarjung पूर्वानुमान में 27 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। इस दिन के लिए वहां कोई अलग मौसम चेतावनी दर्ज नहीं है।

वहीं New Delhi-Ridge के पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने और करीब 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान का अनुमान दिया गया है। इसके विपरीत 26 सितंबर को गरज, बिजली और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान था।

27 सितंबर को दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रविवार को दिल्ली में आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। तापमान में भी सामान्य दिनों की तुलना में नरमी देखने को मिल सकती है।

Safdarjung केंद्र के अनुसार 27 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 28 सितंबर को भी न्यूनतम तापमान 22 और अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

यानी रविवार को राजधानी में मौसम गर्म और उमस भरा रहने के बजाय अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकता है। हालांकि दिन के दौरान धूप निकलने पर तापमान बढ़ सकता है।

26 सितंबर को बदला था मौसम का मिजाज

दिल्ली में मौसम में अचानक बदलाव शनिवार से ही दिखाई देने लगा था। IMD के New Delhi-Safdarjung पूर्वानुमान में 26 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई थी।

मौसम विभाग ने कुछ समयावधियों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना बताई थी। इसी वजह से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की जरूरत थी।

New Delhi-Ridge के आंकड़ों में भी 26 सितंबर को गरज, बिजली और 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान दर्ज था।

क्या दिल्ली में जल्दी शुरू हो गई सर्दी?

दिल्ली में तापमान में गिरावट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच एक सवाल तेजी से चर्चा में है—क्या इस बार राजधानी में सर्दी जल्दी दस्तक देने वाली है?

सितंबर के आखिरी सप्ताह में तापमान का सामान्य से नीचे जाना निश्चित रूप से मौसम में बदलाव का संकेत देता है, लेकिन इसे सीधे सर्दी की शुरुआत कहना मौसम वैज्ञानिक दृष्टि से सही नहीं होगा।

IMD के अगले कई दिनों के पूर्वानुमान में तापमान फिर से धीरे-धीरे बढ़ने का संकेत मिलता है। Safdarjung के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री, 30 सितंबर को 34 डिग्री और 1 अक्टूबर को भी करीब 34 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

इससे साफ है कि फिलहाल दिल्ली में तापमान में आई गिरावट स्थायी रूप से ठंड के मौसम में बदलती हुई दिखाई नहीं दे रही है।

अगले कुछ दिनों में फिर बढ़ सकता है तापमान

27 सितंबर के बाद दिल्ली के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है। 28 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री, जबकि 29 सितंबर को यह करीब 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

इसके बाद 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यानी रविवार की ठंडक के बाद दिन के तापमान में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है।

इसलिए अगर किसी को सुबह या देर शाम हल्की ठंड महसूस हो रही है तो यह मौसम में बदलाव का असर हो सकता है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि दिल्ली में सर्दी पूरी तरह शुरू हो गई है।

बारिश के बाद हवा में भी महसूस होगी ठंडक

बारिश और बादल रहने की स्थिति में जमीन की सतह का तापमान कुछ समय के लिए कम हो सकता है। इसके अलावा बारिश के बाद वातावरण में ठंडक बढ़ने के कारण सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है।

दिल्ली जैसे शहर में जहां सितंबर के दौरान दिन के समय गर्मी और उमस बनी रह सकती है, वहां बारिश के बाद कुछ घंटों की ठंडक लोगों को मौसम बदलने का अहसास करा सकती है।

इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोग मौसम को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों को सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है तो कुछ लोग इसे आने वाली सर्दियों का संकेत मान रहे हैं।

अक्टूबर में क्या हो सकता है मौसम का रुख?

दिल्ली में आम तौर पर सितंबर के आखिरी दिनों से मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है। इसके बाद अक्टूबर में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने लगता है और दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगता है।

हालांकि अक्टूबर की शुरुआत में ही सर्दी का असर दिखाई देना सामान्य नहीं है। दिल्ली में वास्तविक ठंडक आने में अभी समय लग सकता है। इस दौरान दिन में गर्मी और रात में अपेक्षाकृत कम तापमान का मिश्रित मौसम देखने को मिल सकता है।

मौजूदा IMD पूर्वानुमान भी अक्टूबर की शुरुआत में दिन का तापमान करीब 33–34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का संकेत दे रहा है।

मौसम बदलने पर दिल्ली वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

मौसम में अचानक बदलाव के दौरान लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात के तापमान में होने वाले अंतर का ध्यान रखना चाहिए। बारिश के दौरान खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली चमकने और तेज हवाओं से सावधान रहना चाहिए।

26 सितंबर के लिए IMD ने 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई थी। ऐसे मौसम में पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रुकने और बिजली के खंभों या कमजोर संरचनाओं के पास रहने से बचना सामान्य सुरक्षा के लिहाज से उचित है।

वाहन चालकों को भी बारिश के बाद सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए।

अभी सर्दी मानना जल्दबाजी, मौसम जरूर बदल रहा

दिल्ली में 27 सितंबर को बादलों और अपेक्षाकृत कम तापमान ने राजधानी के मौसम को जरूर बदल दिया है। सुबह और रात में लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है और बारिश के बाद वातावरण भी सुहावना महसूस हो सकता है।

लेकिन IMD के उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान फिर 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। इसलिए मौजूदा ठंडक को सीधे सर्दी की शुरुआत कहना सही नहीं होगा।

फिलहाल दिल्ली में मौसम संक्रमण के दौर में है—एक तरफ मानसून से जुड़ी बारिश और बादल हैं, तो दूसरी तरफ अक्टूबर की ओर बढ़ता मौसम धीरे-धीरे तापमान के पैटर्न में बदलाव ला रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बारिश का रुख यह तय करेगा कि राजधानी में ठंडक कितनी तेजी से बढ़ती है।

मौसम पूर्वानुमान समय और स्थान के साथ बदल सकता है। स्थानीय स्तर पर बारिश, गरज या तेज हवाओं की स्थिति अलग-अलग इलाकों में अलग हो सकती है। किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि से पहले नवीनतम IMD अपडेट देखना बेहतर रहेगा।

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