फ्रिज को लेकर सामने आया सबसे बड़ा खतरा! घर में रखे इस सामान की एक गलती बन सकती है ब्लास्ट की वजह, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये काम?
कर्नाटक के बेलगावी में गणेश उत्सव के दौरान फ्रिज से जुड़े एक हादसे में चार लोगों की मौत की खबर ने घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। फ्रिज आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है और ज्यादातर परिवार इसे दिन-रात लगातार चलाते हैं। ऐसे में इसकी सुरक्षा और सही रखरखाव को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
फ्रिज को आमतौर पर ऐसा उपकरण माना जाता है जिसे एक बार घर में लगाने के बाद बस प्लग लगाकर छोड़ दिया जाता है। लेकिन वास्तव में फ्रिज भी दूसरे इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तरह नियमित देखभाल मांगता है। खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन, ओवरहीटिंग, कंप्रेसर या दूसरे हिस्सों में खराबी और कुछ परिस्थितियों में रेफ्रिजरेंट से जुड़ी समस्या आग या गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि फ्रिज का अचानक विस्फोट होना सामान्य घटना नहीं है। किसी हादसे के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। इसलिए किसी एक कारण को हर फ्रिज हादसे की वजह मानना सही नहीं होगा।
इसके बावजूद कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें घरों में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर समय रहते इनसे बचा जाए तो इलेक्ट्रिकल हादसे के जोखिम को कम किया जा सकता है।
1. कमजोर प्लग या एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल न करें
फ्रिज को ऐसी विद्युत व्यवस्था से जोड़ना चाहिए जो उसके लोड के लिए उपयुक्त हो। कई बार लोग घर में उपलब्ध एक्सटेंशन बोर्ड, मल्टी-प्लग या कमजोर सॉकेट में फ्रिज लगा देते हैं।
फ्रिज का कंप्रेसर चालू होते समय विद्युत की मांग बदल सकती है। अगर प्लग, सॉकेट या वायरिंग खराब गुणवत्ता की है, ढीली है या उसमें खराब कनेक्शन है, तो वह गर्म हो सकती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर शॉर्ट सर्किट या आग का जोखिम पैदा हो सकता है।
इसलिए फ्रिज के लिए उचित क्षमता वाला सॉकेट और अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का इस्तेमाल करना बेहतर है। अगर प्लग गर्म हो रहा है, जलने की गंध आ रही है या सॉकेट के आसपास काला निशान दिखाई दे रहा है, तो इसे सामान्य बात समझकर इस्तेमाल जारी नहीं रखना चाहिए।
2. फ्रिज को दीवार से बिल्कुल चिपकाकर न रखें
फ्रिज के पीछे और आसपास हवा के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह होना जरूरी है। फ्रिज काम करते समय गर्मी बाहर निकालता है। अगर उसे दीवार से बिल्कुल सटाकर रख दिया जाए या उसके वेंटिलेशन वाले हिस्से को सामान से ढक दिया जाए, तो गर्मी बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है।
इससे उपकरण को निर्धारित तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है और कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
फ्रिज लगाते समय निर्माता की ओर से दी गई दूरी और वेंटिलेशन संबंधी सलाह का पालन करना चाहिए। फ्रिज के पीछे कपड़े, कागज, प्लास्टिक या दूसरे सामान भरकर रखना भी उचित नहीं है।
3. फ्रिज की आवाज या जलने की गंध को नजरअंदाज न करें
फ्रिज से हल्की आवाज आना सामान्य हो सकता है, क्योंकि कंप्रेसर और दूसरे हिस्से काम करते समय आवाज करते हैं। लेकिन अगर फ्रिज से अचानक असामान्य आवाज आने लगे, बार-बार क्लिक जैसी आवाज हो, जलने की गंध आए या प्लग और वायर असामान्य रूप से गर्म हों, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में फ्रिज को सुरक्षित तरीके से बिजली से अलग करके योग्य तकनीशियन से जांच करवाना बेहतर है।
खासकर अगर फ्रिज के पीछे से धुआं, चिंगारी या तेज जलने की गंध दिखाई दे तो खुद से वायरिंग खोलने या मरम्मत करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
4. फ्रिज के ऊपर भारी सामान रखने की आदत छोड़ें
कई घरों में फ्रिज के ऊपर डिब्बे, भारी बर्तन, राशन के पैकेट, फल-सब्जियों की टोकरियां या अन्य घरेलू सामान रख दिया जाता है।
फ्रिज के ऊपर सामान रखने से हर स्थिति में दुर्घटना हो, ऐसा नहीं है, लेकिन अगर इससे उपकरण के वेंटिलेशन या गर्मी बाहर निकलने की व्यवस्था प्रभावित होती है तो परेशानी बढ़ सकती है।
इसलिए फ्रिज के ऊपर ऐसा सामान रखने से बचना चाहिए जो उसके वेंटिलेशन को रोकता हो। विशेष रूप से गर्मी रोकने वाली चीजों या कपड़ों से फ्रिज के आसपास के हिस्से को ढकना उचित नहीं है।
5. जरूरत से ज्यादा बर्फ जमने पर ध्यान दें
पुराने या मैनुअल डिफ्रॉस्ट वाले फ्रिज में फ्रीजर में समय के साथ बर्फ जमा हो सकती है। अगर बर्फ की मोटी परत बन गई है तो निर्माता के निर्देश के अनुसार डिफ्रॉस्ट करना जरूरी हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बर्फ हटाने के लिए चाकू, स्क्रूड्राइवर या कोई नुकीली धातु की वस्तु इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। इससे अंदर की कूलिंग लाइन या दूसरे हिस्से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और रेफ्रिजरेंट लीक होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
अगर बर्फ बहुत ज्यादा जम रही है या फ्रिज बार-बार ऐसी समस्या कर रहा है, तो तकनीशियन से इसकी जांच करवाना बेहतर है।
फ्रिज की कूलिंग कम हो तो भी सावधान हो जाएं
अगर फ्रिज पहले की तुलना में कम ठंडा कर रहा है, कंप्रेसर लगातार चल रहा है, जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है या बार-बार बंद और चालू हो रहा है, तो इसे सिर्फ तापमान की समस्या समझकर छोड़ना ठीक नहीं है।
ऐसे लक्षण थर्मोस्टेट, कंप्रेसर, सील, एयरफ्लो या किसी अन्य तकनीकी समस्या से जुड़े हो सकते हैं। समय रहते जांच कराने से छोटी समस्या के बड़े रूप लेने से बचा जा सकता है।
पुराने फ्रिज की भी कराएं जांच
कई परिवारों में फ्रिज कई वर्षों तक बिना किसी तकनीकी जांच के चलता रहता है। अगर उपकरण बहुत पुराना हो चुका है और उसमें बार-बार खराबी आ रही है, तो उसकी स्थिति की विशेषज्ञ से जांच कराना समझदारी है।
पुराने उपकरणों में वायरिंग, प्लग, कंप्रेसर, इंसुलेशन और दूसरे हिस्सों में टूट-फूट या खराबी हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि हर पुराना फ्रिज खतरनाक है, लेकिन लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे उपकरण की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।
स्टेबलाइजर हर फ्रिज के लिए जरूरी है?
इसका जवाब फ्रिज के मॉडल और आपके घर की विद्युत आपूर्ति पर निर्भर करता है। आजकल कई आधुनिक फ्रिज विस्तृत वोल्टेज रेंज में काम करने के लिए बनाए जाते हैं, जबकि कुछ परिस्थितियों में निर्माता स्टेबलाइजर की सलाह दे सकता है।
इसलिए केवल किसी दूसरे व्यक्ति की सलाह के आधार पर स्टेबलाइजर खरीदने के बजाय अपने फ्रिज के मॉडल की निर्माता संबंधी जानकारी देखना बेहतर है।
अगर आपके इलाके में वोल्टेज में बार-बार उतार-चढ़ाव होता है, तो किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से घर की विद्युत व्यवस्था की जांच भी कराई जा सकती है।
घर से बाहर जाते समय क्या करें?
अगर आप लंबे समय के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो फ्रिज को बंद करने या चालू रखने का फैसला उसकी सामग्री और आपकी अनुपस्थिति की अवधि पर निर्भर करता है। केवल बिजली बचाने के लिए थोड़े समय के लिए फ्रिज बंद करना हमेशा व्यावहारिक नहीं होता, क्योंकि अंदर रखे खाद्य पदार्थ खराब हो सकते हैं।
अगर लंबे समय के लिए फ्रिज बंद करना हो तो उसे खाली करके, साफ करके और निर्माता के निर्देश के अनुसार सुखाकर रखना चाहिए। केवल स्विच बंद करके कई दिनों तक फ्रिज को बंद कमरे में छोड़ देना उचित तरीका नहीं है।
हादसे की स्थिति में खुद मरम्मत करने से बचें
फ्रिज में बिजली और रेफ्रिजरेशन सिस्टम दोनों होते हैं। इसलिए अगर कोई गंभीर खराबी दिखाई दे तो खुद से फ्रिज खोलना या तार जोड़ना जोखिम भरा हो सकता है।
अगर वायरिंग जलने की गंध आए, धुआं दिखाई दे या चिंगारी निकले तो सबसे पहले सुरक्षित तरीके से बिजली की सप्लाई बंद करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर घर के लोगों को उस स्थान से दूर करना चाहिए। इसके बाद योग्य तकनीशियन या आवश्यक होने पर आपातकालीन सेवा से संपर्क करना चाहिए।
अगर रेफ्रिजरेंट लीक होने का संदेह हो तो भी खुद से पाइप काटने या गैस निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
अगर आपके फ्रिज में इनमें से कोई संकेत दिखाई दे तो जांच करवाना बेहतर है—
प्लग या सॉकेट का असामान्य रूप से गर्म होना।
जलने या पिघले प्लास्टिक जैसी गंध आना।
वायरिंग पर काले या जले हुए निशान दिखना।
फ्रिज से अचानक असामान्य आवाज आना।
कूलिंग लगातार कम होना।
कंप्रेसर का बहुत ज्यादा गर्म होना।
फ्रिज बार-बार ट्रिप करना।
अंदर या आसपास असामान्य तरीके से पानी या बर्फ जमा होना।
बिजली का झटका महसूस होना।
छोटी सावधानी, बड़ा हादसा रोक सकती है
बेलगावी में सामने आए हादसे ने घरों में लगातार चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत फिर सामने ला दी है। हालांकि किसी विशेष घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकता है, लेकिन यह जरूर है कि फ्रिज को लापरवाही से इस्तेमाल करना सही नहीं है।
फ्रिज को सही जगह रखना, उचित विद्युत कनेक्शन का इस्तेमाल करना, उसके आसपास पर्याप्त वेंटिलेशन रखना, असामान्य आवाज या गंध को नजरअंदाज न करना और समय-समय पर उसकी तकनीकी स्थिति की जांच कराना जरूरी है।
सबसे अहम बात यह है कि फ्रिज में किसी भी तरह की इलेक्ट्रिकल या तकनीकी खराबी दिखाई दे तो खुद से प्रयोग करने के बजाय योग्य तकनीशियन की मदद लें। थोड़ी सी सावधानी न केवल फ्रिज की उम्र बढ़ा सकती है, बल्कि घर और परिवार की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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