अचानक दिल में उठा दर्द और कोई मदद के लिए नहीं! जानिए हार्ट अटैक में पहला कदम क्या होना चाहिए
हार्ट अटैक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है जो किसी भी व्यक्ति को अचानक प्रभावित कर सकती है। कई बार इसके लक्षण बेहद स्पष्ट होते हैं, जबकि कुछ मामलों में शुरुआत हल्की बेचैनी, थकान, सांस फूलने या अपच जैसी महसूस हो सकती है। यही वजह है कि कुछ लोग शुरुआती संकेतों को मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हार्ट अटैक में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिलती है, उतनी जल्दी हृदय में रक्त प्रवाह बहाल करने की कोशिश की जा सकती है और हृदय की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
सबसे बड़ी चुनौती तब हो सकती है जब व्यक्ति घर या किसी दूसरी जगह पर अकेला हो और उसे हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस होने लगें। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हार्ट अटैक के संभावित लक्षण दिखाई देने पर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को तुरंत सक्रिय करना चाहिए और खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने से बचना चाहिए।
हार्ट अटैक आखिर होता क्या है?
हार्ट अटैक को मेडिकल भाषा में मायोकार्डियल इंफार्क्शन कहा जाता है। यह तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली रक्त वाहिका में रक्त प्रवाह अचानक कम या बंद हो जाता है। अक्सर इसका संबंध कोरोनरी धमनियों में जमा प्लाक और उसके ऊपर बनने वाले रक्त के थक्के से होता है।
जब हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो उन्हें नुकसान पहुंचना शुरू हो सकता है। इसलिए हार्ट अटैक को ऐसी स्थिति माना जाता है जिसमें इलाज में देरी करना खतरनाक हो सकता है।
छाती में दर्द ही एकमात्र संकेत नहीं
हार्ट अटैक का सबसे पहचाना जाने वाला लक्षण छाती में दर्द या बेचैनी है। यह बेचैनी अक्सर छाती के बीच में महसूस हो सकती है और दबाव, जकड़न, भारीपन, कसाव या दर्द जैसी लग सकती है। यह कुछ मिनटों तक रह सकती है या कुछ समय के लिए कम होकर दोबारा लौट सकती है।
लेकिन हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते। हार्ट अटैक के दौरान शरीर के दूसरे हिस्सों में भी दर्द या बेचैनी हो सकती है।
इन संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
छाती के बीच में दबाव, जकड़न या दर्द
एक या दोनों बांहों में दर्द या बेचैनी
कंधे में दर्द
पीठ में दर्द
गर्दन या जबड़े में दर्द
पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता
सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना
अचानक ठंडा पसीना आना
मितली या उल्टी जैसा महसूस होना
चक्कर या सिर हल्का महसूस होना
असामान्य थकान या कमजोरी
दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान छाती में दर्द के अलावा सांस फूलना, मितली, पेट खराब जैसा महसूस होना, पीठ या कंधे में दर्द और असामान्य थकान जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
अकेले हों और हार्ट अटैक का शक हो तो सबसे पहले क्या करें?
अगर आपको अचानक ऐसे लक्षण महसूस होने लगें जिनसे हार्ट अटैक का शक हो, तो सबसे महत्वपूर्ण काम तुरंत स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को कॉल करना है।
किसी दोस्त, रिश्तेदार या पड़ोसी के आने का इंतजार करते हुए समय बर्बाद न करें। पहले मेडिकल इमरजेंसी सहायता सक्रिय करें। इमरजेंसी मेडिकल टीम रास्ते में ही शुरुआती जांच और जरूरी उपचार शुरू कर सकती है तथा आपको अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था कर सकती है।
अगर संभव हो तो कॉल करने के बाद दरवाजा इस तरह खोलने या अनलॉक करने की कोशिश करें कि मेडिकल टीम अंदर आसानी से पहुंच सके। अपने फोन को पास रखें और ऑपरेटर द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।
खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल न जाएं
हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर खुद कार या बाइक चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है। रास्ते में हालत अचानक बिगड़ सकती है, चक्कर आ सकता है या व्यक्ति बेहोश हो सकता है।
इमरजेंसी मेडिकल टीम से अस्पताल जाने का फायदा यह है कि प्रशिक्षित कर्मी रास्ते में स्थिति पर नजर रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू कर सकते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी संभावित हार्ट अटैक में खुद वाहन चलाकर अस्पताल जाने के बजाय EMS से मदद लेने की सलाह देता है।
एस्पिरिन को लेकर क्या करें?
हार्ट अटैक की स्थिति में एस्पिरिन को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की सलाह दी जाती है। लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए बिना किसी शर्त के लेने की सलाह देना सही नहीं है।
2024 के अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन रेड क्रॉस के फर्स्ट-एड दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि किसी सतर्क वयस्क को गैर-चोट संबंधी अचानक छाती में दर्द हो और इमरजेंसी सहायता बुला ली गई हो, तो 162 से 325 मिलीग्राम एस्पिरिन चबाकर निगलने पर विचार किया जा सकता है, बशर्ते व्यक्ति को एस्पिरिन से एलर्जी न हो और किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने उसे एस्पिरिन लेने से मना न किया हो। यदि यह स्पष्ट न हो कि एस्पिरिन लेना सुरक्षित है या नहीं, तो इमरजेंसी मेडिकल टीम के आने तक इंतजार करना उचित है।
इसलिए केवल सोशल मीडिया पर पढ़ी किसी सलाह के आधार पर एस्पिरिन लेना शुरू न करें। खासकर जिन लोगों को एस्पिरिन से एलर्जी है, ब्लीडिंग का जोखिम है या डॉक्टर ने इसे लेने से मना किया है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एस्पिरिन लेने के चक्कर में इमरजेंसी कॉल करने में बिल्कुल देरी न करें।
“जोर-जोर से खांसने” वाला तरीका कितना सही है?
सोशल मीडिया पर लंबे समय से एक दावा वायरल होता रहा है कि हार्ट अटैक आने पर जोर-जोर से खांसने से व्यक्ति खुद को बचा सकता है। इसे कई जगह “कफ CPR” जैसी सलाह के रूप में बताया जाता है।
लेकिन इस तरह की सलाह को सामान्य हार्ट अटैक की स्थिति में भरोसेमंद प्राथमिक उपचार नहीं माना जाना चाहिए। संभावित हार्ट अटैक में प्राथमिकता इमरजेंसी मेडिकल सहायता बुलाने की होनी चाहिए। इंटरनेट पर बताए गए किसी घरेलू तरीके को आजमाने में समय गंवाना खतरनाक हो सकता है।
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक ही स्थिति नहीं हैं। कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर सकता है। ऐसी स्थिति में CPR और AED जैसी आपातकालीन मदद महत्वपूर्ण हो सकती है।
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर समझें
अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं।
हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशी तक रक्त का प्रवाह बाधित होता है। व्यक्ति आमतौर पर होश में रह सकता है और छाती में दर्द या दूसरे लक्षण महसूस कर सकता है।
वहीं कार्डियक अरेस्ट में हृदय की विद्युत प्रणाली में गंभीर समस्या के कारण दिल प्रभावी तरीके से पंप करना बंद कर देता है। व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है और सामान्य सांस नहीं ले सकता। हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन दोनों एक ही चीज नहीं हैं।
अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए तो क्या करें?
अगर हार्ट अटैक के संदेह वाला व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो यह कार्डियक अरेस्ट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता बुलानी चाहिए और उपलब्ध हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा CPR शुरू किया जाना चाहिए।
यदि आसपास AED यानी Automated External Defibrillator उपलब्ध हो, तो उसे इस्तेमाल करने के लिए मशीन के वॉयस निर्देशों का पालन किया जा सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट में CPR और AED का समय पर इस्तेमाल जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
महिलाओं में लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा फिल्मी अंदाज वाले तेज छाती दर्द की तरह नहीं होते। कुछ महिलाओं में असामान्य थकान, सांस फूलना, मितली, पीठ या कंधे में दर्द और बेचैनी जैसे लक्षण प्रमुख हो सकते हैं।
यही कारण है कि ऐसे लक्षणों को केवल गैस, एसिडिटी, थकान या तनाव मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर लक्षण अचानक आए हैं या लगातार बने हुए हैं, तो चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
लक्षण कम हो जाएं तो भी सावधान रहें
कई लोग यह गलती करते हैं कि छाती की बेचैनी कुछ देर बाद कम हो गई तो वे मान लेते हैं कि अब खतरा टल गया। लेकिन हार्ट अटैक के लक्षण आ-जा सकते हैं। इसलिए केवल दर्द कम हो जाने को सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार छाती की बेचैनी कुछ मिनट तक रह सकती है या खत्म होकर दोबारा लौट सकती है। ऐसे लक्षणों में चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
हार्ट अटैक के बाद भी सावधानी जरूरी
एक बार हार्ट अटैक हो जाने के बाद आगे के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टर के साथ नियमित संपर्क महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार दवाओं, खान-पान, शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान से दूरी और अन्य जोखिम कारकों को नियंत्रित करने की सलाह दे सकते हैं।
हार्ट अटैक के बाद कार्डियक रिहैबिलिटेशन और जीवनशैली में बदलाव भी रिकवरी का हिस्सा हो सकते हैं।
सबसे जरूरी बात: समय बर्बाद न करें
हार्ट अटैक की स्थिति में सबसे बड़ी गलती लक्षणों को नजरअंदाज करना या घरेलू उपायों के भरोसे बैठना हो सकती है। अगर छाती में दबाव या दर्द के साथ सांस फूलना, ठंडा पसीना, मितली, चक्कर या शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।
अकेले होने पर किसी के आने का इंतजार करने, खुद गाड़ी चलाने या इंटरनेट पर बताए गए किसी घरेलू नुस्खे को आजमाने के बजाय पहला कदम इमरजेंसी सेवा को कॉल करना होना चाहिए। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक में हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है और जल्दी उपचार मिलने से हृदय को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हार्ट अटैक का संदेह होने पर ऑनलाइन सलाह का इंतजार न करें और तुरंत स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सेवा या डॉक्टर से संपर्क करें।

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