ऑर्डर की थी ताजी ब्रेड, पैकेट खोलते ही दिखा डरावना नजारा; वायरल वीडियो के बाद ₹10 हजार का जुर्माना
सूरत के वेसू इलाके में ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। Blinkit से ब्रेड ऑर्डर करने वाले एक ग्राहक ने जब पार्सल खोला तो उसके होश उड़ गए। ब्रेड पर फंगस लगी हुई थी और वह खाने लायक हालत में नहीं थी। इसके बाद ग्राहक खराब ब्रेड लेकर सीधे Blinkit के स्टोर पहुंच गया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सूरत नगर निगम का फूड सेफ्टी विभाग भी सक्रिय हुआ। जांच के दौरान करीब 2 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और Blink Commerce Private Limited पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया गया।
घर पहुंचते ही खोला पार्सल, ब्रेड देखकर रह गया हैरान
मामला सूरत के वेसू इलाके का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने Blinkit के जरिए ब्रेड ऑर्डर की थी। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ऑर्डर मिलने के बाद ग्राहक ने जब पैकेट खोला तो ब्रेड की स्थिति देखकर वह हैरान रह गया।
ब्रेड पर फंगस साफ दिखाई दे रही थी। ग्राहक के मुताबिक, उसे उम्मीद नहीं थी कि ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाद्य उत्पाद की हालत इतनी खराब हो सकती है। मामले ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और डिलीवरी से पहले सामान की जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
ग्राहक ने खराब ब्रेड को फेंकने के बजाय इसे लेकर संबंधित स्टोर पर शिकायत करने का फैसला किया। वह डिलीवरी राइडर के साथ ब्रेड लेकर Blinkit के नजदीकी स्टोर पर पहुंच गया।
खराब ब्रेड लेकर स्टोर पहुंचा ग्राहक
स्टोर पहुंचने के बाद ग्राहक ने वहां मौजूद मैनेजर और कर्मचारियों के सामने पूरी बात रखी। उसने खराब ब्रेड दिखाई और सवाल उठाया कि आखिर ऐसा खाद्य उत्पाद ग्राहक तक कैसे पहुंच गया।
वायरल वीडियो में ग्राहक को स्टोर मैनेजर से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि डिलीवरी से पहले सामान की जांच होनी चाहिए। ग्राहक का सवाल था कि अगर किसी खाद्य पदार्थ की हालत खराब है तो उसे ग्राहक के घर तक भेजने से पहले स्टोर स्तर पर उसकी जांच क्यों नहीं हुई।
इस दौरान ग्राहक और स्टोर कर्मचारियों के बीच काफी बहस भी हुई। ग्राहक लगातार खराब ब्रेड को लेकर सवाल करता रहा और यह जानना चाहता था कि आखिर क्वालिटी चेक की प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
बताया जा रहा है कि स्टोर मैनेजर ने ग्राहक को Blinkit ऐप के जरिए कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
सूरत में Blinkit पर खराब ब्रेड को लेकर कार्रवाई, ₹10 हजार का जुर्माना
— Trending Zone (@zone_trending) September 22, 2026
वेसू इलाके में Blinkit के जरिए मंगाई गई खराब ब्रेड का वीडियो वायरल होने के बाद सूरत नगर निगम के फूड सेफ्टी विभाग ने कार्रवाई की। जांच के दौरान करीब 2 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और Blink Commerce Private… pic.twitter.com/DzDOSdrNeD
वीडियो वायरल हुआ तो फूड सेफ्टी विभाग हुआ सक्रिय
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में खराब ब्रेड दिखाई देने के बाद मामला तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो सामने आने के बाद सूरत का फूड सेफ्टी विभाग भी सक्रिय हुआ। विभाग की टीम ने संबंधित स्टोर की जांच की और वहां रखे खाद्य पदार्थों की स्थिति का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान करीब 2 किलो खाद्य सामग्री ऐसी मिली, जिसे मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं माना गया। अधिकारियों ने इस सामग्री को नष्ट करवाया।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर Blink Commerce Private Limited पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई के बाद ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर रखे जाने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
ब्रेड पर फंगस ने खड़े किए कई सवाल
ब्रेड जैसे खाद्य पदार्थ को आमतौर पर जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री माना जाता है। इसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उचित स्टोरेज बेहद जरूरी होता है।
अगर ब्रेड को नमी, गर्मी या अनुचित परिस्थितियों में रखा जाए तो उस पर फंगस विकसित हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्टोर में खाद्य सामग्री के रखरखाव और नियमित जांच की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।
इस मामले में भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि ग्राहक को खराब ब्रेड मिलने से पहले स्टोर स्तर पर इसकी जांच क्यों नहीं हो पाई।
क्विक-कॉमर्स कंपनियां कुछ ही मिनटों में सामान पहुंचाने का दावा करती हैं। लेकिन तेजी से डिलीवरी करने के साथ खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
एक्सपायरी डेट से पहले भी खराब हो सकता है सामान
खाद्य पदार्थों को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल एक्सपायरी डेट देखकर उनकी गुणवत्ता तय नहीं की जा सकती। किसी उत्पाद को अगर सही तापमान और परिस्थितियों में स्टोर नहीं किया गया हो तो वह अपनी निर्धारित तारीख से पहले भी खराब हो सकता है।
ब्रेड के मामले में भी पैकेट की स्थिति, नमी, तापमान और स्टोरेज कंडीशन महत्वपूर्ण होती है।
यही वजह है कि खाद्य पदार्थों की सप्लाई चेन में केवल एक्सपायरी डेट की जांच पर्याप्त नहीं होती। स्टोर में उत्पाद के रखरखाव, पैकेजिंग और उसकी वास्तविक स्थिति की भी निगरानी आवश्यक होती है।
ग्राहकों को भी रखनी चाहिए सावधानी
इस घटना के बाद ऑनलाइन खाद्य सामग्री मंगाने वाले ग्राहकों के लिए भी सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।
डिलीवरी मिलने के बाद ग्राहक को पैकेट खोलकर उत्पाद की स्थिति देखनी चाहिए। अगर पैकेट खराब हो, उसमें असामान्य गंध हो, उत्पाद का रंग बदल गया हो या फंगस दिखाई दे रही हो तो उसे खाने से बचना चाहिए।
ऐसे मामलों में ग्राहक खराब उत्पाद की तस्वीर और वीडियो बना सकता है और उन्हें शिकायत के दौरान प्रमाण के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
खराब खाद्य सामग्री को खाने के बजाय तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म के कस्टमर सपोर्ट से शिकायत करना बेहतर होता है। जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में भी शिकायत की जा सकती है।
क्विक कॉमर्स कंपनियों के सामने क्वालिटी कंट्रोल की चुनौती
भारत में क्विक कॉमर्स का कारोबार तेजी से बढ़ा है। अब लोग कुछ ही मिनटों में घर बैठे दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां, स्नैक्स और रोजमर्रा का सामान मंगा लेते हैं।
लेकिन इस मॉडल में बड़ी चुनौती यह है कि सामान को तेजी से ग्राहक तक पहुंचाने के साथ उसकी गुणवत्ता भी बरकरार रखी जाए।
विशेषकर दूध, ब्रेड, डेयरी उत्पाद, मिठाई और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामानों के लिए स्टोरेज और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।
अगर किसी स्टोर में खराब खाद्य सामग्री लंबे समय तक रखी रहती है तो इससे केवल एक ग्राहक प्रभावित नहीं होता, बल्कि कई अन्य ग्राहकों तक भी वही उत्पाद पहुंच सकता है।
कार्रवाई के बाद बढ़ी निगरानी
वेसू की घटना में सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हुई। फूड सेफ्टी विभाग की जांच के दौरान करीब 2 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और ₹10 हजार का जुर्माना लगाया गया।
यह कार्रवाई ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाद्य सामग्री खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में स्टोर्स में रखे खाद्य उत्पादों की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
घटना ने फिर उठाया बड़ा सवाल
सूरत के वेसू इलाके की यह घटना एक बार फिर यह सवाल सामने लाती है कि ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए ग्राहक तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस स्तर पर और कितनी प्रभावी तरीके से निभाई जा रही है।
ग्राहक को फंगस लगी ब्रेड मिलने के बाद उसका स्टोर तक पहुंचना, वीडियो बनना और फिर फूड सेफ्टी विभाग द्वारा कार्रवाई किया जाना पूरे मामले को चर्चा में ले आया है।
इस घटना के बाद ग्राहकों के लिए भी यह संदेश है कि ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाद्य पदार्थों को आंख बंद करके इस्तेमाल न करें। डिलीवरी मिलने के बाद उसकी पैकेजिंग, गुणवत्ता और स्थिति की जांच करना जरूरी है।
वहीं, क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी ऐसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि तेज डिलीवरी के साथ खाद्य सुरक्षा और क्वालिटी कंट्रोल को प्राथमिकता देना आवश्यक है। आखिरकार कुछ मिनटों में सामान पहुंचाना तभी उपयोगी है, जब ग्राहक तक पहुंचने वाला उत्पाद सुरक्षित और इस्तेमाल के योग्य भी हो।

कोई टिप्पणी नहीं