रात 1:30 बजे सुनी गई थी तेज आवाजें, सुबह RTO इंस्पेक्टर की मिली लाश; 20 मीटर दूर मिला दूसरा शव
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दतिया में पदस्थ RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार सुबह खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेक पर्ल कॉलोनी स्थित एक मकान में मीनाक्षी का शव मिला। उनके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे और शव के पास खून से सना हथौड़ा मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
मामला उस समय और रहस्यमय हो गया, जब मकान से करीब 20 मीटर दूर एक पेड़ पर पवन कुमार द्विवेदी का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों घटनाओं के बीच संबंध होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को हत्या के बाद आत्महत्या के एंगल से जांच रही है। हालांकि घटना की वास्तविक वजह और दोनों मौतों के बीच का पूरा क्रम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
रात में मीनाक्षी पहुंची थीं पवन के घर
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार मीनाक्षी रविवार शाम अपनी परिचित कृतिका और उसकी तीन साल की बेटी के साथ लेक पर्ल कॉलोनी स्थित पवन के घर पहुंची थीं। बताया गया है कि उन्हें आगे इंदौर जाना था, लेकिन रात होने के कारण वे पवन के घर पर ही रुक गईं।
रात में घर के अंदर सभी लोग मौजूद थे। इसके बाद कृतिका अपनी बच्ची के साथ अलग कमरे में चली गई, जबकि मीनाक्षी और पवन घर में थे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि देर रात दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बातचीत और विवाद हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस समय दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और उसके बाद वास्तव में क्या हुआ।
रात की बातचीत के बाद सुबह सामने आया खौफनाक मंजर
मीडिया रिपोर्टों में सामने आई जानकारी के अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे मीनाक्षी और पवन के बीच तेज आवाज में बातचीत होने की बात सामने आई है। बताया गया कि दोनों के बीच पहले भी किसी बात को लेकर मतभेद होते थे।
कृतिका ने पुलिस को बताया कि रात में दोनों के बीच बातचीत के दौरान उसने हस्तक्षेप नहीं किया। घर में एयर कूलर चल रहे थे, जिसके कारण बाद में किसी तरह की आवाज सुनाई नहीं दी।
सुबह जब कृतिका की नींद खुली तो उसने मीनाक्षी को फोन करने की कोशिश की। फोन का जवाब नहीं मिलने पर वह कमरे से बाहर आई। इसके बाद सामने का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। मीनाक्षी खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं और उनके सिर पर चोट के निशान थे।
मामले की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।
शव के पास पड़ा था खून से सना हथौड़ा
पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई। मीनाक्षी के शव के पास एक हथौड़ा मिला, जिस पर खून के निशान होने की बात सामने आई है। यही हथौड़ा फिलहाल पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्यों में से एक माना जा रहा है।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मीनाक्षी को चोट कैसे लगी और घटनास्थल पर मिले हथौड़े की इस मामले में क्या भूमिका है।
कुछ रिपोर्टों में यह आशंका भी सामने आई है कि हमला घर के किसी दूसरे हिस्से में हुआ और बाद में शव को अंदर लाया गया होगा। हालांकि इस बात की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस घटनास्थल के हर हिस्से की जांच कर रही है।
घर से थोड़ी दूरी पर पेड़ पर मिला पवन का शव
मीनाक्षी का शव मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में भी जांच शुरू की। इसी दौरान घर से करीब 20 मीटर दूर एक पेड़ पर पवन कुमार द्विवेदी का शव फंदे से लटका मिला।
पुलिस के अनुसार, पवन मीनाक्षी का परिचित था और दोनों के बीच करीबी संबंध होने की जानकारी सामने आई है। पवन की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस इस संभावना को देख रही है कि मीनाक्षी पर हमला करने के बाद पवन ने आत्महत्या की हो। हालांकि यह अभी पुलिस की जांच का एक एंगल है और इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
शादी को लेकर विवाद की बात क्यों सामने आई?
पुलिस की शुरुआती जांच में मीनाक्षी और पवन के रिश्ते को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। कई रिपोर्टों के मुताबिक पवन मीनाक्षी से शादी करना चाहता था, जबकि मीनाक्षी इस संबंध में तैयार नहीं थीं। पुलिस को आशंका है कि इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच रविवार रात विवाद हुआ होगा।
हालांकि शादी को लेकर कथित विवाद ही हत्या की वजह था, यह अभी जांच में साबित नहीं हुआ है। पुलिस इस एंगल के साथ-साथ दूसरे संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों की जांच कर सकती है। पवन की जेब से बैंक की पासबुक मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिसे पुलिस जांच का हिस्सा बना रही है।
इंदौर में हुई थी दोनों की मुलाकात
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक मीनाक्षी और पवन एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे। दोनों की पहचान इंदौर में हुई थी। उस समय मीनाक्षी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, जबकि पवन कोचिंग से जुड़ा हुआ था।
बाद में मीनाक्षी परिवहन विभाग में नौकरी में आ गईं। उनकी शादी हुई और बाद में उनका तलाक हो गया। पुलिस अब दोनों के पुराने संबंधों और हाल के घटनाक्रम की भी जानकारी जुटा रही है।
जांच अधिकारियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच संबंध कैसे थे और क्या हाल के दिनों में किसी मुद्दे को लेकर तनाव चल रहा था।
मीनाक्षी दतिया में थीं पदस्थ
मीनाक्षी गोखले दतिया में परिवहन विभाग में RTO इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ थीं। घटना के समय वह छुट्टी पर थीं। पुलिस अब उनकी छुट्टी की अवधि और इस दौरान उनकी गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।
यह भी जांच का विषय है कि वह घटना से पहले कहां-कहां गई थीं और भोपाल आने की उनकी क्या योजना थी। पुलिस उनकी यात्रा और संपर्कों को घटनाक्रम के साथ जोड़कर देख रही है।
मीनाक्षी के भोपाल पहुंचने और पवन के घर जाने से लेकर सुबह शव मिलने तक के समय को पुलिस की जांच में सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
इस दोहरी मौत के मामले में फोरेंसिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। घटनास्थल से मिले खून के नमूने, हथौड़े और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि हथौड़े पर मिले निशान और अन्य साक्ष्य घटना के क्रम से मेल खाते हैं या नहीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मीनाक्षी की मौत की वजह, चोटों की प्रकृति और मौत के समय से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं पवन की मौत को लेकर भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जरूरी जानकारी मिल सकती है।
पुलिस इसके अलावा दोनों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर सकती है, ताकि घटना से पहले हुई बातचीत और गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। आखिर रात में मीनाक्षी और पवन के बीच क्या हुआ? मीनाक्षी पर हमला किस परिस्थिति में हुआ? क्या दोनों के बीच वास्तव में शादी को लेकर विवाद था? घटना के बाद पवन घर से बाहर कैसे गया और उसने पेड़ तक पहुंचकर आत्महत्या क्यों की? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
सबसे अहम बात यह है कि अभी हत्या और आत्महत्या का जो क्रम सामने आया है, वह पुलिस की प्रारंभिक आशंका है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम, एफएसएल रिपोर्ट, मोबाइल रिकॉर्ड, प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
भोपाल की लेक पर्ल कॉलोनी में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक ओर दतिया में पदस्थ महिला RTO इंस्पेक्टर की संदिग्ध मौत और दूसरी ओर उसी घर से कुछ दूरी पर उनके परिचित का शव मिलने से मामला बेहद गंभीर हो गया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ और दोनों मौतों के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।

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