पति की बीमारी का फोन आया… चंडीखोल पहुंची महिला, फिर सुनसान बंगले में जो हुआ उसने उड़ा दिए होश!
जाजपुर, ओडिशा: ओडिशा के जाजपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक गंभीर वारदात सामने आई है। आरोप है कि 32 वर्षीय एक महिला को उसके पति की तबीयत अचानक खराब होने की झूठी सूचना देकर घर से बुलाया गया और फिर मदद करने के बहाने उसे एक सुनसान बंगले में ले जाया गया। वहां दो आरोपियों ने कथित तौर पर शराब के नशे में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी महिला के परिचितों में से बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों में से एक व्यक्ति महिला को पहले से जानता था और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम देने की कथित साजिश रची।
फोन कर कहा- पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महिला को फोन किया और उसे बताया कि उसके पति की अचानक तबीयत बिगड़ गई है और वह चंडीखोल इलाके में हैं। पति की बीमारी की बात सुनकर महिला घबरा गई और उनकी मदद के लिए तत्काल वहां पहुंचने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम करीब 7 बजे महिला बस से चंडीखोल पहुंची। वहां आरोपी पहले से मौजूद था। महिला को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसे जिस वजह से बुलाया गया है, वह कथित तौर पर एक झूठ था और उसके साथ गंभीर अपराध की योजना बनाई जा चुकी थी।
मदद के बहाने सुनसान बंगले में ले गया
चंडीखोल पहुंचने के बाद आरोपी ने महिला को कथित तौर पर मदद करने की बात कही। इसके बाद वह उसे चंडी मंदिर के पास स्थित एक सुनसान बंगले में ले गया। पुलिस की जांच के मुताबिक, कुछ समय बाद आरोपी का एक दूसरा साथी भी वहां पहुंच गया।
आरोप है कि दोनों आरोपियों ने वहां शराब पी और इसके बाद महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के दौरान महिला के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की गई। घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़िता ने कलिंगनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई और बड़चना तथा जेनापुर इलाके में छापेमारी की।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान दोनों संदिग्ध आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जाता है।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि घटना से पहले आरोपियों और पीड़िता के बीच किस तरह का संपर्क हुआ था और महिला को बुलाने के लिए किस तरह की योजना बनाई गई थी।
अस्पताल में चल रहा पीड़िता का इलाज
घटना के बाद पीड़िता का इलाज सुकिंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर मामले की जांच आगे बढ़ाई है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर इस बात को सामने लाती है कि अपराधी किस तरह परिचित होने और भरोसे का फायदा उठाकर किसी महिला को निशाना बना सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ पीड़िता की सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और कानूनी मदद बेहद महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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