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रातभर कुछ नहीं खाया, फिर सुबह क्यों बढ़ गई शुगर? शरीर के अंदर हो रहा है ये बड़ा खेल!


Morning Blood Sugar: डायबिटीज के मरीजों के लिए सुबह उठते ही ब्लड शुगर चेक करना कई बार हैरान करने वाला अनुभव होता है। रात में खाना खाने के बाद कुछ लोगों को लगता है कि सुबह तक शुगर कम हो जानी चाहिए, लेकिन कई बार खाली पेट यानी Fasting Blood Sugar अपेक्षा से ज्यादा निकलती है। सवाल उठता है कि जब रातभर कुछ खाया ही नहीं, फिर ब्लड शुगर बढ़ी कैसे?

दरअसल, इसके पीछे शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया काम करती है। रात के आखिरी हिस्से और सुबह के आसपास शरीर जागने की तैयारी करता है। इस दौरान कुछ हार्मोन सक्रिय होते हैं और लिवर को ग्लूकोज छोड़ने का संकेत देते हैं। स्वस्थ व्यक्ति में इंसुलिन इस बढ़ोतरी को काफी हद तक नियंत्रित कर लेता है, लेकिन डायबिटीज में इंसुलिन की कमी या इंसुलिन के प्रति शरीर की कम संवेदनशीलता के कारण सुबह शुगर ज्यादा रह सकती है।

रातभर शरीर में चलता रहता है ये काम

भले ही हम सो रहे हों, लेकिन शरीर के अंदर कई प्रक्रियाएं लगातार चलती रहती हैं। मस्तिष्क और दूसरे अंगों को ऊर्जा की जरूरत होती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए शरीर लिवर में जमा ग्लाइकोजन को तोड़कर ग्लूकोज उपलब्ध करा सकता है।

जरूरत पड़ने पर शरीर कुछ अन्य स्रोतों से भी ग्लूकोज बनाता है। इसे gluconeogenesis कहा जाता है।

यानी रात में खाना न खाने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में ग्लूकोज बनना बंद हो जाता है।

सुबह के समय हार्मोन क्यों बढ़ाते हैं शुगर?

सुबह के करीब शरीर धीरे-धीरे जागने की तैयारी करता है। इस दौरान कॉर्टिसोल, ग्रोथ हार्मोन, ग्लूकागॉन और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन की गतिविधि बढ़ सकती है।

इन हार्मोनों का काम शरीर को जागने और दिन की गतिविधियों के लिए तैयार करने में मदद करना है। इसका एक प्रभाव यह भी हो सकता है कि लिवर ज्यादा ग्लूकोज रक्त में छोड़ने लगे।

इसे आम तौर पर Dawn Phenomenon यानी 'डॉन फिनॉमेनन' कहा जाता है।

अगर शरीर में इंसुलिन ठीक तरह से काम कर रहा है तो इस अतिरिक्त ग्लूकोज को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। लेकिन डायबिटीज में इंसुलिन का प्रभाव कम होने पर सुबह ब्लड शुगर बढ़ी हुई दिखाई दे सकती है।

डायबिटीज में यह समस्या ज्यादा क्यों दिखती है?

डायबिटीज में मुख्य समस्या यह है कि शरीर ग्लूकोज को सामान्य तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाता।

टाइप-2 डायबिटीज में अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है। इसका मतलब है कि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति पहले जैसी प्रतिक्रिया नहीं देतीं।

ऐसे में रातभर लिवर से निकलने वाला ग्लूकोज सुबह तक रक्त में ज्यादा मात्रा में रह सकता है।

यही कारण है कि कोई व्यक्ति रात में सामान्य भोजन करने के बावजूद सुबह उठकर ज्यादा फास्टिंग शुगर देख सकता है।

क्या देर रात खाना इसकी वजह है?

देर रात बहुत ज्यादा खाना, खासकर कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन, कुछ लोगों में रात और अगली सुबह की ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है। लेकिन हर व्यक्ति में सुबह की हाई शुगर का कारण सिर्फ देर रात खाना नहीं होता।

इसके पीछे दवाओं का असर, इंसुलिन की मात्रा और समय, भोजन का पैटर्न, शारीरिक गतिविधि, नींद और डायबिटीज का प्रकार जैसे कई कारक हो सकते हैं।

इसलिए केवल सुबह की एक रीडिंग देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि समस्या खाने की वजह से ही है।

एक और स्थिति है 'Somogyi Effect'

सुबह ब्लड शुगर बढ़ने की चर्चा में Somogyi effect का भी जिक्र किया जाता है। इसमें रात के दौरान ब्लड शुगर बहुत कम होने के बाद शरीर उसकी भरपाई करने के लिए ऐसे हार्मोन छोड़ सकता है जो ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं।

हालांकि सुबह की हाई शुगर को हर बार Somogyi effect मान लेना सही नहीं है। वास्तविक कारण पता करने के लिए रात और सुबह के अलग-अलग समय पर ग्लूकोज की निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।

आजकल लगातार ग्लूकोज मॉनिटरिंग यानी CGM जैसे उपकरण कुछ मरीजों में रातभर ग्लूकोज के पैटर्न को समझने में मदद कर सकते हैं।

कैसे पता चलेगा कि सुबह शुगर क्यों बढ़ रही है?

अगर किसी व्यक्ति की सुबह की शुगर लगातार ज्यादा आ रही है, तो डॉक्टर कुछ दिनों तक अलग-अलग समय पर ग्लूकोज जांच करने की सलाह दे सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर सोने से पहले, रात के बीच में और सुबह उठने के बाद की रीडिंग की तुलना करने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि रातभर ग्लूकोज का स्तर किस तरह बदल रहा है।

कुछ मामलों में डॉक्टर HbA1c जैसी जांच और मरीज की दवाओं, भोजन तथा दिनचर्या की भी समीक्षा कर सकते हैं।

बिना डॉक्टर की सलाह के इंसुलिन या डायबिटीज की दवा की मात्रा बदलना सही नहीं है।

सुबह की शुगर को नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?

डायबिटीज में ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए सबसे जरूरी है कि डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा और भोजन की योजना का नियमित पालन किया जाए।

इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रात में बहुत भारी भोजन करने से बचना और भोजन के समय में नियमितता रखना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है, लेकिन हर मरीज की जरूरत अलग होती है।

अगर लगातार सुबह की शुगर ज्यादा आती है, तो खुद से खाना बहुत कम करना या दवा की मात्रा बदलना समाधान नहीं है। डॉक्टर से बात करके पैटर्न के अनुसार उपचार में बदलाव करना ज्यादा सुरक्षित है।

क्या सिर्फ सुबह की शुगर से डायबिटीज का पता चलता है?

नहीं। केवल एक बार फास्टिंग शुगर बढ़ी हुई आने से डायबिटीज का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार दोबारा जांच या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

इसी तरह डायबिटीज के मरीजों में भी रोजाना शुगर की रीडिंग में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है।

महत्वपूर्ण यह है कि लगातार कई दिनों तक सुबह की शुगर बढ़ी हुई आ रही है या नहीं, और पूरे दिन का ग्लूकोज पैटर्न कैसा है।

शरीर रातभर सोता है, लेकिन लिवर नहीं

सुबह की हाई ब्लड शुगर को समझने का सबसे आसान तरीका यही है कि सोते समय भी शरीर ऊर्जा की मांग करता रहता है। लिवर जरूरत के अनुसार ग्लूकोज उपलब्ध कराता है और सुबह के समय कुछ हार्मोन इस प्रक्रिया को बढ़ा सकते हैं।

डायबिटीज में जब इंसुलिन इस बढ़े हुए ग्लूकोज को पर्याप्त रूप से नियंत्रित नहीं कर पाता, तो सुबह खाली पेट शुगर ज्यादा दिखाई दे सकती है।

इसलिए अगली बार सुबह शुगर बढ़ी मिले तो सिर्फ यह सोचकर परेशान न हों कि रात में कुछ गलत खा लिया होगा। सुबह की हाई शुगर के पीछे शरीर की रातभर चलने वाली प्राकृतिक प्रक्रियाएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं।

हालांकि, अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है तो डॉक्टर से सलाह लेकर कारण पता करना जरूरी है, क्योंकि सही कारण के आधार पर ही भोजन, दवा या उपचार की रणनीति तय की जा सकती है। 

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