हार्ट की इस जांच को हर कोई करवा रहा था, लेकिन नई रिसर्च ने खोल दी आंखें! 6 हजार लोगों पर 10 साल की स्टडी में सामने आया बड़ा सच
दिल की बीमारी से बचने के लिए लोग कई तरह की जांच करवाते हैं। इनमें से एक जांच पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई है—Coronary Artery Calcium Scan यानी CAC Scan। माना जाता है कि यह टेस्ट दिल की धमनियों में जमा कैल्शियम और plaque का पता लगाकर भविष्य में हार्ट अटैक या अन्य cardiovascular disease के खतरे का अंदाजा लगाने में मदद कर सकता है।
लेकिन अब एक नई और लंबी अवधि की रिसर्च ने इस जांच को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है। क्या हर व्यक्ति को हार्ट कैल्शियम स्कैन करवाने की जरूरत है? या फिर इसका फायदा केवल कुछ खास लोगों को ही मिलता है?
अमेरिका में 6 हजार से ज्यादा लोगों पर करीब 10 साल तक किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि सामान्य आबादी में CAC स्कोर जोड़ने से हार्ट डिजीज के जोखिम का अनुमान लगाने में बहुत ज्यादा अतिरिक्त फायदा नहीं हुआ। लेकिन जिन लोगों का जोखिम पहले से borderline या intermediate यानी सीमित से मध्यम स्तर का था, उनमें यह स्कैन ज्यादा उपयोगी साबित हुआ।
6 हजार से ज्यादा लोगों पर हुई 10 साल की स्टडी
यह अध्ययन Multi-Ethnic Study of Atherosclerosis यानी MESA के 6,098 वयस्कों के आंकड़ों पर आधारित था। अध्ययन में शामिल लोगों की उम्र 45 से 79 वर्ष के बीच थी और शुरुआत में उन्हें cardiovascular disease नहीं थी।
शोधकर्ताओं ने लोगों के cardiovascular risk का अनुमान PREVENT-ASCVD नामक risk calculator से लगाया। इसमें उम्र, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य सामान्य स्वास्थ्य कारकों का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके बाद वैज्ञानिकों ने देखा कि इस सामान्य risk calculation में coronary artery calcium score जोड़ने पर भविष्य में हार्ट डिजीज का खतरा पहचानने की क्षमता कितनी बेहतर होती है।
नतीजे चौंकाने वाले थे। पूरी study population में CAC score जोड़ने से prediction में केवल मामूली सुधार हुआ। लेकिन जब वैज्ञानिकों ने उन लोगों को अलग करके देखा जिनका शुरुआती जोखिम borderline या intermediate था, तब CAC scan ने ज्यादा महत्वपूर्ण जानकारी दी।
आखिर क्या होता है हार्ट कैल्शियम स्कैन?
CAC scan एक तरह का CT scan है, जिसका इस्तेमाल coronary arteries यानी दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में जमा calcium-containing plaque को देखने के लिए किया जाता है।
धमनियों में plaque जमा होने की प्रक्रिया को atherosclerosis कहा जाता है। समय के साथ इस plaque में कैल्शियम जमा हो सकता है। CAC scan इसी calcified plaque को मापकर एक calcium score देता है।
आम तौर पर score जितना ज्यादा होता है, coronary artery disease का खतरा उतना अधिक माना जाता है। लेकिन यहां एक बेहद महत्वपूर्ण बात है—calcium score धमनियों में blockage का प्रतिशत नहीं बताता। यह मुख्य रूप से calcified plaque की मात्रा के बारे में जानकारी देता है।
यानी अगर किसी व्यक्ति का calcium score ज्यादा है तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि उसकी धमनी 80 या 90 प्रतिशत बंद है।
फिर हर किसी को यह टेस्ट क्यों नहीं करवाना चाहिए?
नई रिसर्च का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक जिन लोगों का cardiovascular risk पहले से बहुत कम है, उनमें CAC scan करवाने से clinical decision में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हो सकता। ऐसे लोगों को अनावश्यक जांच, खर्च और radiation exposure का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी तरफ जिन लोगों का cardiovascular risk पहले से बहुत ज्यादा है, उनके मामले में भी CAC scan हमेशा जरूरी नहीं हो सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि high-risk व्यक्ति में डॉक्टर पहले ही preventive treatment जैसे statin therapy पर विचार कर सकते हैं।
इसलिए CAC scan का सबसे बड़ा फायदा उस स्थिति में दिखाई देता है जब डॉक्टर और मरीज के सामने यह सवाल हो कि इलाज शुरू करना चाहिए या नहीं, और व्यक्ति का वास्तविक खतरा कितना है।
Borderline और intermediate risk वालों के लिए ज्यादा उपयोगी
स्टडी में PREVENT-ASCVD के आधार पर cardiovascular risk को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया।
लगभग 3 प्रतिशत से कम 10-year risk को low risk माना गया, जबकि 3 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के बीच borderline और 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच intermediate risk की श्रेणी में आता है। 10 प्रतिशत या उससे ज्यादा जोखिम high-risk category में आता है।
रिसर्च में पाया गया कि borderline और intermediate risk वाले लोगों में CAC score जोड़ने से यह समझने में ज्यादा मदद मिली कि कौन व्यक्ति वास्तव में भविष्य में cardiovascular event के ज्यादा खतरे में है।
यानी दो लोगों की उम्र, ब्लड प्रेशर और cholesterol जैसी रिपोर्ट लगभग समान हो सकती है, लेकिन calcium scan से उनके coronary arteries में plaque की स्थिति अलग-अलग सामने आ सकती है। इससे डॉक्टर preventive treatment को लेकर बेहतर फैसला कर सकते हैं।
10 साल में कितने लोगों को हार्ट अटैक या स्ट्रोक हुआ?
इस अध्ययन के प्रतिभागियों को करीब एक दशक तक follow किया गया। इस दौरान लगभग 6 प्रतिशत लोगों को heart attack या stroke जैसी cardiovascular घटना हुई।
जब वैज्ञानिकों ने सामान्य risk prediction और CAC score वाले prediction की तुलना की तो CAC जोड़ने के बाद overall prediction में केवल सीमित सुधार दिखाई दिया। लेकिन borderline और intermediate risk वाले लोगों में इसका प्रभाव ज्यादा महत्वपूर्ण था।
यही वजह है कि वैज्ञानिक CAC scan को हर व्यक्ति के लिए routine screening test बनाने के बजाय selective use पर जोर दे रहे हैं।
क्या calcium score zero है तो दिल पूरी तरह सुरक्षित है?
यह भी एक बड़ी गलतफहमी हो सकती है।
अगर किसी व्यक्ति का CAC score 0 आता है तो आम तौर पर यह एक reassuring sign माना जाता है, क्योंकि scan में detectable calcified plaque नहीं मिला। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति की coronary arteries में किसी भी तरह की बीमारी नहीं हो सकती।
विशेष रूप से कम उम्र के लोगों में शुरुआती या non-calcified plaque मौजूद हो सकता है, जो calcium scan में दिखाई नहीं दे। हाल की चिकित्सा रिपोर्टों में ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां calcium score कम या शून्य होने के बावजूद significant blockage मौजूद था।
इसलिए केवल calcium score के आधार पर यह तय करना सही नहीं है कि किसी व्यक्ति का दिल पूरी तरह स्वस्थ है।
अगर calcium score बहुत ज्यादा आए तो क्या होगा?
दूसरी तरफ अगर calcium score ज्यादा आता है तो इसका मतलब coronary arteries में calcified plaque का burden ज्यादा हो सकता है। ऐसे व्यक्ति में भविष्य के cardiovascular risk को गंभीरता से लेना पड़ सकता है।
लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि मरीज को तुरंत angioplasty या stent की जरूरत है। Calcium score मुख्य रूप से risk assessment और prevention में मदद करता है।
अगर किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना या exertion के दौरान discomfort जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार दूसरे tests जैसे CT coronary angiography या stress testing की सलाह दे सकते हैं। कौन सी जांच जरूरी है, यह व्यक्ति के symptoms और overall risk पर निर्भर करता है।
नई 2026 गाइडलाइन से भी जुड़ा है यह मुद्दा
CAC scoring को लेकर 2026 की अमेरिकी cholesterol guideline में भी selective use पर जोर दिया गया है। नई दिशा-निर्देश व्यवस्था में कुछ चुने हुए लोगों में CAC score का इस्तेमाल cardiovascular risk को और स्पष्ट करने के लिए किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य हर व्यक्ति को scan करवाना नहीं, बल्कि उन मामलों में अतिरिक्त जानकारी हासिल करना है जहां सामान्य risk calculation से treatment को लेकर तस्वीर साफ नहीं होती।
यानी अगर किसी व्यक्ति का risk बहुत कम है, तो scan की जरूरत कम हो सकती है। अगर risk बहुत ज्यादा है और preventive treatment की जरूरत पहले से स्पष्ट है, तब भी scan से निर्णय में बहुत बड़ा बदलाव जरूरी नहीं है। लेकिन बीच की स्थिति में यह जांच डॉक्टर और मरीज दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
क्या cholesterol की रिपोर्ट सामान्य होने पर भी CAC scan जरूरी है?
किसी व्यक्ति का cholesterol सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि उसे cardiovascular disease का कोई खतरा नहीं है। उम्र, ब्लड प्रेशर, diabetes, smoking, family history, obesity, physical inactivity और अन्य factors भी heart disease risk को प्रभावित करते हैं।
इसी वजह से डॉक्टर केवल एक blood test देखकर heart disease का पूरा खतरा तय नहीं करते। CAC scan कुछ लोगों में इस risk picture को और स्पष्ट कर सकता है, लेकिन इसे भी बाकी स्वास्थ्य जानकारी के साथ देखा जाना चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल—किसे करवाना चाहिए?
नई रिसर्च का सीधा संदेश है कि CAC scan को “हर किसी के लिए जरूरी टेस्ट” नहीं माना जाना चाहिए।
अगर किसी व्यक्ति का cardiovascular risk borderline या intermediate है और डॉक्टर को यह तय करने में कठिनाई हो रही है कि preventive treatment कितना जरूरी है, तब CAC scan मददगार हो सकता है।
वहीं low-risk व्यक्ति में केवल डर के कारण यह scan करवाना जरूरी नहीं है। इसी तरह high-risk व्यक्ति में भी scan की जरूरत डॉक्टर की clinical assessment पर निर्भर करेगी।
इस रिसर्च से आम लोगों को क्या सीखना चाहिए?
हार्ट की बीमारी का खतरा केवल cholesterol या किसी एक टेस्ट से तय नहीं होता। दिल की सेहत को समझने के लिए ब्लड प्रेशर, cholesterol, blood sugar, उम्र, वजन, smoking, physical activity, family history और अन्य जोखिम कारकों को एक साथ देखना जरूरी है।
नई 10 साल की स्टडी ने यह जरूर दिखाया है कि coronary calcium scan एक उपयोगी tool हो सकता है, लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों में दिखाई देता है जिनका cardiovascular risk पहले से borderline या intermediate है।
इसलिए अगली बार अगर कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए CAC scan करवाने की सोच रहा है क्योंकि यह लोकप्रिय हो गया है, तो पहले डॉक्टर से यह पूछना ज्यादा समझदारी होगी—“मेरे risk profile में इस जांच से वास्तव में क्या अतिरिक्त जानकारी मिलेगी?”
यही इस नई रिसर्च का सबसे बड़ा संदेश है: हर महंगी या आधुनिक जांच हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होती। सही मरीज में सही समय पर की गई जांच ही सबसे ज्यादा फायदा देती है।

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