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कैंसर से बचाव के लिए बड़ा कदम! 80 लाख से ज्यादा HPV डोज लगीं, यूपी में 22 लाख से ज्यादा टीकाकरण



भारत में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान ने एक बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2026 में शुरू हुए राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान के तहत देशभर में 80 लाख से ज्यादा HPV वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं। इस अभियान में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहां अब तक 22 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। सरकार के मुताबिक कई राज्यों ने अपने चिन्हित लक्ष्य का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा पूरा कर लिया है, जबकि कुछ राज्यों ने 100 फीसदी कवरेज हासिल कर लिया है।

HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक ऐसा वायरस है, जिसके कुछ प्रकार सर्वाइकल कैंसर सहित कई तरह के कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसी वजह से HPV संक्रमण से बचाव के लिए कम उम्र में टीकाकरण को महत्वपूर्ण निवारक उपाय माना जाता है। भारत में शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य किशोरियों को भविष्य में HPV संक्रमण और उससे जुड़े कैंसर के जोखिम से बचाने की दिशा में कदम उठाना है।

फरवरी में शुरू हुआ था राष्ट्रीय अभियान

राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान की शुरुआत फरवरी 2026 में की गई थी। इसके तहत 14 वर्ष की लड़कियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर HPV वैक्सीन की एकल खुराक मुफ्त और स्वैच्छिक रूप से दी जा रही है। टीकाकरण के लिए माता-पिता की सहमति आवश्यक है। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान में देशभर की बड़ी संख्या में पात्र किशोरियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर साल करीब 1.2 करोड़ लड़कियां 14 वर्ष की आयु वर्ग में आती हैं, जिन्हें इस अभियान से लाभ पहुंचाने की योजना है।

अभियान का उद्देश्य सिर्फ वैक्सीन लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ HPV संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय स्वास्थ्य नेटवर्क के माध्यम से पात्र किशोरियों तक पहुंच बनाने पर जोर दे रही हैं।

उत्तर प्रदेश सबसे आगे

राष्ट्रीय अभियान के तहत टीकाकरण की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे निकल गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 22 लाख से अधिक किशोरियों को HPV वैक्सीन दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश के साथ गुजरात, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने-अपने चिन्हित लक्ष्य समूह में 100 फीसदी कवरेज हासिल किया है।

इसके अलावा बिहार, आंध्र प्रदेश और असम ने 90 फीसदी से अधिक कवरेज हासिल किया है। कर्नाटक में 85 फीसदी से ज्यादा कवरेज दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़, सिक्किम, केरल, तेलंगाना और ओडिशा में भी 60 फीसदी से ज्यादा पात्र लाभार्थियों तक टीकाकरण पहुंच चुका है।

उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में किशोरियों का टीकाकरण होना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। राज्य के सभी जिलों में अभियान को आगे बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

HPV वैक्सीन क्यों है महत्वपूर्ण?

HPV एक बेहद सामान्य वायरस है और इसके कई प्रकार होते हैं। इनमें से कुछ प्रकार लंबे समय तक शरीर में बने रहने पर कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। सर्वाइकल कैंसर से HPV संक्रमण का सीधा संबंध पाया गया है। ऐसे में संक्रमण होने से पहले वैक्सीन देना रोकथाम की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

इसी कारण HPV वैक्सीन को किशोरावस्था में देने पर जोर दिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वैक्सीन का उद्देश्य संक्रमण से पहले सुरक्षा प्रदान करना है। हालांकि वैक्सीन लगवाने के बाद भी महिलाओं के लिए भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और नियमित स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण बनी रहती है।

भारत सरकार ने भी HPV टीकाकरण को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की व्यापक रणनीति का हिस्सा बनाया है। इसमें टीकाकरण के साथ बीमारी की शुरुआती पहचान और उपचार पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण

इस अभियान की एक बड़ी खासियत यह है कि पात्र किशोरियों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से HPV वैक्सीन मुफ्त दी जा रही है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के जरिए टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

सरकार के अनुसार सभी टीकाकरण सत्र प्रशिक्षित मेडिकल अधिकारियों की निगरानी में आयोजित किए जा रहे हैं। किसी दुर्लभ प्रतिकूल घटना की स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे की स्वास्थ्य सेवाओं से भी व्यवस्था जोड़ी गई है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टीकाकरण के बाद किसी किशोरी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उसे समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सके।

टीकाकरण को लेकर जागरूकता भी जरूरी

HPV वैक्सीन को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई परिवारों के लिए HPV और सर्वाइकल कैंसर से जुड़े विषय नए हो सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

माता-पिता को यह समझना जरूरी है कि वैक्सीन किस उद्देश्य से दी जा रही है और इसके लाभ क्या हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय की तरह HPV वैक्सीन को लेकर भी परिवारों को डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी से जानकारी लेकर निर्णय लेना चाहिए।

सरकार की ओर से यह अभियान स्वैच्छिक रखा गया है और 14 वर्ष की पात्र लड़कियों को माता-पिता की सहमति के साथ टीका दिया जा रहा है।

अभियान में कई राज्यों ने हासिल किया बड़ा लक्ष्य

राष्ट्रीय स्तर पर 80 लाख से ज्यादा डोज का आंकड़ा पार होना अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। खास बात यह है कि अलग-अलग राज्यों में टीकाकरण की गति अलग रही है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने चिन्हित लक्ष्य समूह में 100 फीसदी कवरेज हासिल किया है।

बिहार, आंध्र प्रदेश और असम ने भी 90 फीसदी से अधिक कवरेज दर्ज किया है। इससे पता चलता है कि कई राज्यों में अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि जिन राज्यों में कवरेज अभी कम है, वहां शेष पात्र किशोरियों तक पहुंच बनाना स्वास्थ्य विभाग के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।

आगे क्या है सरकार की चुनौती?

80 लाख से ज्यादा डोज दिए जाने के बाद अब अभियान के सामने सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यह है कि कोई भी पात्र किशोरी टीकाकरण से छूट न जाए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों, दूरदराज के इलाकों और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच वाले परिवारों तक जानकारी और सुविधा पहुंचाना जरूरी होगा।

सरकार ने अभियान में जिला स्तर की स्वास्थ्य टीमों, फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया है। टीकाकरण की निगरानी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के जरिए भी की जा रही है।

कुल मिलाकर 80 लाख से ज्यादा HPV वैक्सीन डोज का आंकड़ा भारत के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में 22 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण अभियान की व्यापक पहुंच को दिखाता है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में टीकाकरण के साथ जागरूकता, समय पर जांच और जरूरत पड़ने पर उपचार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

आने वाले समय में अभियान की सफलता इस बात से तय होगी कि बाकी पात्र किशोरियों तक वैक्सीन कितनी तेजी से पहुंचती है और परिवारों में HPV संक्रमण तथा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर जागरूकता कितनी बढ़ती है।

यह खबर सरकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों और HPV टीकाकरण अभियान से संबंधित आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। टीकाकरण को लेकर व्यक्तिगत सलाह के लिए योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी से परामर्श लेना उचित है।

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