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लाल किले से PM मोदी ने खोले भविष्य के 10 बड़े राज! 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग से लेकर ‘जीरो बिजली बिल’ तक—2047 के लिए क्या है पूरा प्लान?



नई दिल्ली: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की उपलब्धियों, भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। इस दौरान युवाओं, शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, खेल, महिला प्रतिनिधित्व और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे।

प्रधानमंत्री के भाषण में सबसे ज्यादा चर्चा युवाओं के लिए किए गए ऐलानों की रही। उन्होंने अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने की घोषणा की। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई। पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग का बढ़ता खर्च गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन गया है।

आइए जानते हैं लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें।

1. एक करोड़ युवाओं को मिलेगी AI स्किल्स की ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले एक साल में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि AI तेजी से दुनिया को बदल रहा है और भारत के युवाओं में इस क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है, ताकि वे रोजगार के नए अवसर हासिल करने के साथ-साथ दुनिया में भारत की तकनीकी ताकत को भी आगे बढ़ा सकें।

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह घोषणा खास मानी जा रही है।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग पर होने वाला खर्च गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी पड़ता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार देश के युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग का नेटवर्क तैयार करेगी। इसके लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के प्रतिभाशाली शिक्षकों तथा एजुकेटर्स की मदद ली जाएगी।

इस घोषणा से उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो महंगे कोचिंग संस्थानों का खर्च वहन नहीं कर पाते।

3. 2036 ओलंपिक के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट

पीएम मोदी ने भारत के खेल भविष्य को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। भारत ने 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी का संकल्प लिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे खेलों में प्रतिभाओं को खोजने पर जोर दिया जाएगा, जिनमें भारत अभी मजबूत स्थिति में नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में व्यापक स्तर पर स्पोर्ट्स टैलेंट हंट चलाया जाएगा। इसका मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तलाशना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है।

4. ऊर्जा सुरक्षा बनेगी प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया में ऊर्जा के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों के विस्तार के लिए आने वाले वर्षों में भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मजबूत और सुरक्षित व्यवस्था तैयार करनी होगी।

उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक रणनीति को देश की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर दिया।

5. सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर बड़ा फोकस

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर को आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए भारत की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मेडिकल मशीनों से लेकर परिवहन प्रणालियों तक लगभग हर आधुनिक क्षेत्र में चिप की आवश्यकता है।

पीएम मोदी ने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में काम शुरू हो चुका है और आने वाले वर्षों में कई और प्लांट शुरू करने की योजना है।

सरकार की कोशिश है कि महत्वपूर्ण तकनीकी जरूरतों के लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े और देश खुद को ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित कर सके।

6. ‘सप्तधारा’ से विकसित भारत का रोडमैप

प्रधानमंत्री ने लाल किले से ‘सप्तधारा’ का फॉर्मूला भी सामने रखा। इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में देश के विकास को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की ताकत के साथ आगे बढ़ाना है।

इस विजन में मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक और इनोवेशन, आधुनिक कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश आने वाले 5 से 7 वर्षों में ऐसी उपलब्धियां हासिल करने का प्रयास करेगा, जो पिछले कई दशकों की गति से आगे निकल सकें।

7. महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जाए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को देश की नीतियां बनाने में बराबर भागीदारी मिलनी चाहिए। महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री का यह संदेश राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

8. ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर चेतावनी

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सली हिंसा कमजोर हुई है, लेकिन वैचारिक स्तर पर मौजूद चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसी सोच को पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश को किसी भी ऐसी विचारधारा के प्रति सतर्क रहना होगा, जो राष्ट्रीय एकता और विकास के रास्ते में बाधा बन सकती है।

9. सोलर एनर्जी और ‘जीरो बिजली बिल’ का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में सोलर एनर्जी की क्षमता में पिछले वर्षों में बड़ा विस्तार हुआ है।

उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों घर सौर ऊर्जा को अपना चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य आम परिवारों को सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च कम करने में मदद करना है।

पीएम मोदी ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ आम परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

10. 2047 तक विकसित भारत का सपना

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इस लक्ष्य को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय संकल्प बनाने की अपील की। उनका कहना था कि भारत की युवा शक्ति, तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और करोड़ों नागरिकों की मेहनत के दम पर देश इस लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

युवाओं और तकनीक पर सबसे ज्यादा जोर

इस बार प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन की खास बात यह रही कि इसमें भविष्य की तकनीक और युवाओं को विशेष स्थान मिला। AI ट्रेनिंग और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा सीधे तौर पर युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़ी है।

वहीं सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा और सप्तधारा जैसे मुद्दों के जरिए प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक और रणनीतिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप सामने रखने की कोशिश की।

लाल किले से दिए गए इस संबोधन में 2047 के विकसित भारत को अंतिम लक्ष्य के रूप में सामने रखा गया। अब इन घोषणाओं को जमीन पर किस गति से लागू किया जाता है, यह आने वाले समय में सबसे बड़ा सवाल होगा। देश के युवाओं, छात्रों, महिलाओं और आम परिवारों की नजरें इन घोषणाओं के अमल पर टिकी रहेंगी।

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