मोमोज नहीं, खाने की डिलीवरी में हुई देरी ने मचाया तांडव! डिलीवरी बॉय को फ्लैट में घसीटा, CCTV में कैद हुआ खौफनाक सच
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां खाने की डिलीवरी में हुई कथित देरी और खाना फ्लैट तक पहुंचाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। आरोप है कि एक अपार्टमेंट निवासी ने डिलीवरी एजेंट के साथ पहले बाहर मारपीट की और फिर उसे खींचकर अपने फ्लैट के अंदर ले गया। इस घटना का करीब तीन मिनट से ज्यादा लंबा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
घटना मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगासागर इलाके में स्थित गंगा हाइट्स अपार्टमेंट की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिलीवरी बॉय हाथ में खाना लेकर फ्लैट के बाहर पहुंचता दिखाई देता है। इसके बाद वहां मौजूद व्यक्ति के साथ उसकी बातचीत शुरू होती है। कुछ ही पलों में बातचीत कथित तौर पर बहस में बदल जाती है और फिर डिलीवरी एजेंट के साथ हाथापाई होती नजर आती है।
महज डिलीवरी की देरी से शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट एक ग्राहक का ऑर्डर लेकर गंगा हाइट्स अपार्टमेंट पहुंचा था। दावा है कि ऑर्डर पहुंचने में कुछ समय की देरी हुई थी। इसी बात को लेकर ग्राहक और डिलीवरी एजेंट के बीच फोन पर कहासुनी हुई थी।
आरोप है कि फोन पर हुई नोकझोंक का गुस्सा ग्राहक ने डिलीवरी बॉय के सामने पहुंचने के बाद निकाला। जैसे ही डिलीवरी एजेंट फ्लैट के पास पहुंचा, दोनों के बीच फिर से बातचीत शुरू हुई। लेकिन स्थिति सामान्य होने के बजाय विवाद बढ़ता चला गया।
वायरल सीसीटीवी फुटेज में एक युवक डिलीवरी एजेंट के साथ बहस करता दिखाई देता है। इसके बाद कथित तौर पर वह उस पर हाथ उठाता है। डिलीवरी एजेंट खुद को बचाने की कोशिश करता नजर आता है, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं होता।
अचानक बदला पूरा घटनाक्रम
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इस मामले ने सबसे ज्यादा इसलिए ध्यान खींचा क्योंकि शुरुआती बहस के बाद घटनाक्रम अचानक और गंभीर हो जाता है। आरोप है कि डिलीवरी बॉय को फ्लैट के अंदर ले जाया गया।
ऑर्डर पहुंचने में देर हुई तो डिलीवरी बॉय को ही कूट दिया...#मेरठ pic.twitter.com/ggopVaQF60
— Ajay Kumar Dwivedi... (@AjayDwi65357304) August 15, 2026
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान फ्लैट के अंदर से एक महिला बाहर आती दिखाई देती है। वीडियो को लेकर सामने आई जानकारी में दावा किया जा रहा है कि महिला ने डिलीवरी एजेंट को अंदर ले जाने का इशारा किया। इसके बाद युवक कथित तौर पर डिलीवरी बॉय को फ्लैट के भीतर ले जाता है और दरवाजा बंद हो जाता है।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सीसीटीवी में फ्लैट के अंदर का पूरा दृश्य दिखाई नहीं देता। इसलिए अंदर वास्तव में क्या हुआ, इसके बारे में सामने आ रहे दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
करीब तीन मिनट बाद बाहर आया डिलीवरी एजेंट
वायरल फुटेज के मुताबिक, डिलीवरी बॉय करीब तीन मिनट बाद फ्लैट से बाहर निकलता दिखाई देता है। यही हिस्सा सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर खाना पहुंचाने आए एक डिलीवरी कर्मचारी के साथ विवाद इतना क्यों बढ़ गया कि उसे फ्लैट के अंदर ले जाने की नौबत आ गई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई लोग पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही डिलीवरी एजेंट जैसे गिग वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
इस मामले में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सामने आए वीडियो में विवाद की शुरुआत से लेकर डिलीवरी बॉय के फ्लैट के अंदर जाने और कुछ समय बाद बाहर आने तक की गतिविधियां दिखाई देती हैं।
हालांकि, किसी वायरल वीडियो को देखकर पूरी घटना का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। वीडियो का संदर्भ, दोनों पक्षों के बयान और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट के दौरान क्या-क्या हुआ।
मामले में पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।
घटना के बाद थाने पहुंचा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के बाद डिलीवरी एजेंट ने पुलिस से शिकायत की। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। शुरुआती रिपोर्टों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी दंपती अपने फ्लैट पर ताला लगाकर वहां से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने डिलीवरी कर्मचारियों के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि डिलीवरी में देरी होने पर ग्राहक को कंपनी या ऐप के माध्यम से शिकायत करनी चाहिए, न कि कर्मचारी के साथ हिंसा करनी चाहिए।
वहीं, कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि डिलीवरी एजेंट को किसी निजी फ्लैट के अंदर ले जाना और उसके साथ कथित मारपीट करना कितना गंभीर मामला हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर उन हजारों डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा पर चर्चा छेड़ दी है, जो रोजाना शहरों में अलग-अलग इलाकों और अपार्टमेंट्स में ग्राहकों के ऑर्डर पहुंचाते हैं।
डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा पर उठे सवाल
आज के दौर में ऑनलाइन फूड और सामान की डिलीवरी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। डिलीवरी एजेंट ट्रैफिक, मौसम और समय की पाबंदी के बीच लगातार काम करते हैं। कई बार उन्हें ग्राहकों तक पहुंचने में ट्रैफिक जाम, गलत लोकेशन, सुरक्षा जांच या अन्य कारणों से देरी हो सकती है।
ऐसी परिस्थितियों में ग्राहक और डिलीवरी एजेंट के बीच विवाद होना संभव है, लेकिन किसी भी विवाद का हिंसा में बदल जाना गंभीर चिंता का विषय है।
मेरठ की यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पूरा घटनाक्रम कथित तौर पर कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। अगर कैमरा नहीं होता तो विवाद के दौरान क्या हुआ, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आ सकते थे।
अब पुलिस जांच से खुलेगा पूरा राज
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि डिलीवरी में कथित देरी को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिर हिंसा तक कैसे पहुंचा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, शिकायत और दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हो सकता है कि डिलीवरी में वास्तविक देरी कितनी थी, फोन पर दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, फ्लैट के बाहर क्या हुआ और अंदर ले जाने के बाद डिलीवरी एजेंट के साथ क्या हुआ।
इस घटना ने एक साधारण फूड डिलीवरी को लेकर शुरू हुए विवाद को एक गंभीर कानूनी मामले में बदल दिया है। अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वायरल वीडियो ने इस मामले को भले ही सोशल मीडिया तक पहुंचा दिया हो, लेकिन घटना की पूरी सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगी।

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