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15 अगस्त पर पेट्रोल-डीजल को लेकर आया बड़ा ट्विस्ट! पेट्रोल का एक्सपोर्ट टैक्स हुआ जीरो, लेकिन आम आदमी की जेब पर क्या पड़ेगा असर?



नई दिल्ली: देश आज 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इसी बीच पेट्रोलियम सेक्टर से भी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट लेवी में बदलाव किया है। नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं।

सरकार के इस फैसले में सबसे बड़ा बदलाव पेट्रोल को लेकर हुआ है। पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ₹3.50 प्रति लीटर की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। वहीं डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में भी कटौती की गई है।

हालांकि, इस फैसले का सीधा मतलब यह नहीं है कि देश के पेट्रोल पंपों पर आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत कम हो गई हैं। घरेलू बाजार में खुदरा कीमतों पर इस फैसले का तत्काल कोई सीधा असर नहीं पड़ा है।

पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी हुई जीरो

केंद्र सरकार की नई दरों के मुताबिक पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली लेवी को ₹3.50 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यानी अब भारत से विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोल पर यह एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।

वहीं डीजल के निर्यात पर लगने वाली लेवी में भी कमी की गई है। इसे ₹25.50 प्रति लीटर से घटाकर ₹24 प्रति लीटर कर दिया गया है।

इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी विमान ईंधन के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी भी कम की गई है। ATF पर शुल्क ₹22 से घटाकर ₹19.50 प्रति लीटर कर दिया गया है।

नई दरें एक नजर में

पेट्रोलियम उत्पादपुरानी एक्सपोर्ट लेवीनई एक्सपोर्ट लेवी
पेट्रोल₹3.50 प्रति लीटर₹0
डीजल₹25.50 प्रति लीटर₹24
ATF₹22 प्रति लीटर₹19.50

सरकार के इस कदम से पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली कंपनियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर पेट्रोल के मामले में निर्यात शुल्क पूरी तरह समाप्त होने से निर्यातकों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

3 अगस्त को बढ़ाई गई थी एक्सपोर्ट ड्यूटी

दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने कुछ दिन पहले ही इन पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्सपोर्ट लेवी बढ़ाई थी। 3 अगस्त को पेट्रोल, डीजल और ATF की निर्यात लेवी में बड़ी बढ़ोतरी की गई थी।

उस समय पेट्रोल की एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹2.50 से बढ़ाकर ₹3.50 प्रति लीटर कर दी गई थी। डीजल की लेवी को ₹15.50 से बढ़ाकर ₹25.50 प्रति लीटर किया गया था।

इसी तरह ATF के निर्यात पर शुल्क ₹14.50 से बढ़ाकर ₹22 प्रति लीटर कर दिया गया था।

अब करीब 12 दिन बाद सरकार ने इन दरों में आंशिक राहत दी है। पेट्रोल पर बढ़ाई गई ड्यूटी पूरी तरह वापस ले ली गई, जबकि डीजल और ATF पर भी कुछ कटौती की गई।

आखिर क्यों बदली गईं ये दरें?

पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाली निर्यात लेवी को सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के आधार पर समय-समय पर बदलती है। कच्चे तेल की कीमत, पेट्रोलियम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमत और वैश्विक ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलाव इन फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी या गिरावट आने पर सरकार पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े शुल्क की समीक्षा करती है।

ऐसे में 15 अगस्त से लागू हुई नई दरों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलती परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या देश में पेट्रोल-डीजल सस्ता हो गया?

यह सवाल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

जवाब है—फिलहाल नहीं।

सरकार ने जिस एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया है, वह देश से बाहर भेजे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित है। इसका मतलब यह नहीं है कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला टैक्स भी घट गया है।

इसलिए पेट्रोल पंप पर आम ग्राहक को इस फैसले का तत्काल फायदा नहीं मिला है।

अगर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, घरेलू टैक्स व्यवस्था और तेल कंपनियों की कीमत नीति में बदलाव होता है, तभी आम उपभोक्ता को पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में राहत मिल सकती है।

दिल्ली में क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव?

15 अगस्त को दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई तत्काल बदलाव नहीं हुआ है।

राजधानी दिल्ली में सामान्य पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर बताई गई है।

वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से काफी ज्यादा है। XP100 की कीमत करीब ₹167.35 प्रति लीटर और XP95 की कीमत करीब ₹109.24 प्रति लीटर है।

इससे साफ है कि एक्सपोर्ट लेवी में कटौती और घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें दो अलग-अलग विषय हैं।

ATF पर शुल्क घटने से क्या होगा?

सरकार ने ATF यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर भी शुल्क कम किया है। ATF विमानों में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख ईंधन है।

नई व्यवस्था के तहत इसके निर्यात पर लगने वाली लेवी ₹22 से घटकर ₹19.50 प्रति लीटर हो गई है।

इससे विमान ईंधन का निर्यात करने वाली कंपनियों को राहत मिल सकती है। हालांकि, इसे सीधे हवाई टिकट सस्ता होने से जोड़ना सही नहीं होगा।

हवाई टिकट की कीमतों पर कई कारकों का असर पड़ता है। इनमें विमान ईंधन की कीमत, एयरलाइन की परिचालन लागत, मांग, एयरपोर्ट शुल्क और अन्य खर्च शामिल होते हैं।

विंडफॉल टैक्स से क्या है संबंध?

भारत में पेट्रोलियम कंपनियों से जुड़े विंडफॉल टैक्स की चर्चा पिछले कुछ वर्षों में काफी हुई है।

जुलाई 2022 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल और कुछ पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क लगाया था।

इसका उद्देश्य असाधारण लाभ पर कर लगाना और घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा कीमतों को लेकर संतुलन बनाए रखना था।

समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बदलाव हुआ और इन शुल्कों में कई बार बढ़ोतरी और कटौती की गई।

तेल कंपनियों पर पड़ेगा सीधा असर

एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव का सबसे सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली कंपनियों पर पड़ता है।

भारत में कई बड़ी रिफाइनरियां कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल, ATF और अन्य उत्पादों में बदलती हैं। इन उत्पादों का एक हिस्सा घरेलू बाजार में इस्तेमाल होता है, जबकि कुछ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेचा जाता है।

पेट्रोल पर एक्सपोर्ट लेवी पूरी तरह खत्म होने से निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार करने में कुछ अतिरिक्त राहत मिल सकती है।

डीजल और ATF पर शुल्क में कमी भी कंपनियों के लिए सकारात्मक मानी जा सकती है, हालांकि इन दोनों उत्पादों पर अभी भी लेवी जारी है।

आम आदमी को कब मिल सकती है राहत?

फिलहाल सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा निर्यात से जुड़ी पेट्रोलियम कंपनियों को मिल सकता है। आम उपभोक्ता के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में तत्काल कोई बड़ी राहत नहीं आई है।

हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है और घरेलू परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना बन सकती है।

यानी 15 अगस्त का यह फैसला पेट्रोल पंप पर कीमत घटाने का सीधा फैसला नहीं है, बल्कि पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में बदलाव है।

फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव पेट्रोल को लेकर हुआ है, जहां एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹3.50 प्रति लीटर से सीधे शून्य कर दी गई है। डीजल और ATF पर भी राहत दी गई है। अब आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और सरकार की अगली समीक्षा पर नजर रहेगी।

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