Breaking News

पिता की मौत के बाद खुला बेटे का खौफनाक राज! शव के अंगूठे से सादे कागज पर निशान लेता बेटा, वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी

 


लखनऊ। जमीन-जायदाद के लालच में इंसान किस हद तक गिर सकता है, इसका एक हैरान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है। रहीमाबाद थाना क्षेत्र के खड़ौहा गांव में एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके बेटे पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पिता की मौत के बाद बेटे ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर उनके शव के अंगूठे का निशान सादे कागजों पर लगवा लिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

बताया जा रहा है कि पूरा विवाद बुजुर्ग की करीब साढ़े छह बीघा जमीन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से पिता की मौत के बाद कथित तौर पर दस्तावेज तैयार कराने की कोशिश की गई। ग्रामीणों ने जब यह कथित हरकत देखी तो उन्होंने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

पिता ने पहले ही बेटे-बहू को संपत्ति से किया था बेदखल

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक मृतक बुजुर्ग छत्रपाल अपनी बेटियों के साथ रहते थे। आरोप है कि बेटे और बहू के व्यवहार से परेशान होकर उन्होंने पहले ही दोनों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद से संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था।

बताया जा रहा है कि छत्रपाल के पास करीब साढ़े छह बीघा जमीन थी। यही जमीन कथित तौर पर विवाद की सबसे बड़ी वजह बनी हुई थी। परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद बुजुर्ग की मौत के बाद और गंभीर हो गया।

7 जुलाई को बिगड़ी तबीयत, बेटे के साथ गए थे पिता

जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को छत्रपाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। आरोप है कि उनका बेटा महेंद्र इलाज कराने के बहाने उन्हें अपने साथ ले गया। इसके बाद 9 जुलाई को बुजुर्ग की मौत हो गई।

बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल था। अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। लेकिन इसी दौरान कथित तौर पर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने का प्रयास किए जाने का आरोप सामने आया।

अंतिम संस्कार के दौरान सामने आया कथित खेल

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि श्मशान में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान ही बुजुर्ग के शव के अंगूठे का निशान सादे कागज पर लगवाया गया। आरोप है कि इस काम में मृतक के बेटे महेंद्र के साथ उसका चचेरा भाई भी शामिल था।

ग्रामीणों को जब इस कथित हरकत का पता चला तो उन्होंने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो में शव के अंगूठे का निशान लिए जाने की कथित घटना दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही पूरी घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने इस मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल संपत्ति विवाद बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला है। पिता की मृत्यु के बाद उनके कथित अंगूठे के निशान का इस्तेमाल संपत्ति संबंधी दस्तावेजों में करने की कोशिश के आरोप ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

वीडियो सामने आने के बाद रहीमाबाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना वास्तव में कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा कथित तौर पर तैयार किए गए दस्तावेजों का उद्देश्य क्या था।

जांच के दौरान परिवार के सदस्यों और घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और बुजुर्ग की मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

मौत की परिस्थितियां भी जांच के दायरे में

इस मामले में सिर्फ संपत्ति विवाद ही सवालों के घेरे में नहीं है। बुजुर्ग की मौत की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि 7 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेटा अपने साथ लेकर गया था और 9 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत किसी आपराधिक वजह से हुई थी। मृत्यु का वास्तविक कारण चिकित्सकीय और आधिकारिक जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकता है।

संपत्ति के लिए रिश्तों की हद पार करने का आरोप

मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संपत्ति का लालच किस तरह पारिवारिक रिश्तों को खत्म कर सकता है। जिस पिता की संपत्ति को लेकर कथित विवाद चल रहा था, उनकी मौत के बाद भी उसी संपत्ति के लिए उनके शव से अंगूठे का निशान लेने का आरोप सामने आया है।

फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और कथित दस्तावेजों का वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बुजुर्ग की मौत के बाद उनके अंगूठे का निशान सादे कागज पर क्यों लिया गया? क्या इसके पीछे वास्तव में जमीन हड़पने की साजिश थी, या कहानी का कोई दूसरा पहलू भी है? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

कोई टिप्पणी नहीं