दो दिन में शादी… लाखों खर्च और फिर दुल्हन गायब! ‘फ्लैश मैरिज’ के पीछे छिपा करोड़ों का खौफनाक खेल
बीजिंग: शादी को जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला माना जाता है, लेकिन चीन में कुछ लोगों के लिए यही रिश्ता कथित तौर पर करोड़ों की ठगी का जरिया बन गया है। यहां ‘फ्लैश मैरिज फ्रॉड’ नाम का एक ऐसा स्कैम चर्चा में है, जिसमें शादी की जल्दी, अकेलेपन और सामाजिक दबाव का फायदा उठाकर पुरुषों से भारी रकम ऐंठी जाती है।
इस कथित नेटवर्क में शादी कराने वाली एजेंसियों, दलालों और कुछ महिलाओं की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि पहले ऐसे पुरुषों की तलाश की जाती है, जो लंबे समय से शादी के लिए परेशान हैं। इसके बाद उन्हें कुछ ही दिनों में शादी का भरोसा दिया जाता है। लड़की से मुलाकात कराई जाती है, बेहद कम समय में रिश्ते को पक्का करने का दबाव बनाया जाता है और शादी के नाम पर बड़ी रकम ली जाती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शादी के कुछ दिन बाद ही दुल्हन के अचानक गायब होने की शिकायत सामने आती है। कभी परिवार में किसी की मौत का बहाना बनाया जाता है तो कभी किसी जरूरी काम के नाम पर महिला घर से निकल जाती है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटती।
आखिर क्यों तेजी से बढ़ा ‘फ्लैश मैरिज’ का खतरा?
चीन में लंबे समय से पुरुषों और महिलाओं की संख्या के बीच असंतुलन को लेकर चर्चा होती रही है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में कई पुरुषों के लिए शादी करना मुश्किल माना जाता है।
ऐसे में जब किसी अविवाहित पुरुष या उसके परिवार को यह बताया जाता है कि कुछ ही दिनों में शादी तय हो सकती है, तो कई लोग बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के इस प्रस्ताव पर भरोसा कर लेते हैं।
यही जल्दबाजी कथित ठगी करने वाले गिरोहों का सबसे बड़ा हथियार बन जाती है।
शादी की उम्र बढ़ने, सामाजिक दबाव और परिवार की चिंता के बीच कुछ लोग ऐसी एजेंसियों पर भरोसा कर लेते हैं, जो बेहद कम समय में रिश्ता तय कराने का दावा करती हैं। यहीं से पूरा खेल शुरू होने का आरोप है।
ऐसे तैयार होती है ठगी की पूरी कहानी
इस तरह के कथित स्कैम में सबसे पहले शिकार की तलाश की जाती है। एजेंसियां ऑनलाइन और ऑफलाइन विज्ञापनों के जरिए ऐसे पुरुषों और उनके परिवारों तक पहुंचने की कोशिश करती हैं, जो जल्द शादी करना चाहते हैं।
विज्ञापनों में कुछ ही दिनों में शादी कराने, तुरंत रिश्ता तय कराने या ‘फ्लैश मैरिज’ जैसे दावे किए जा सकते हैं।
इसके बाद पुरुष को किसी दूसरे शहर में बुलाया जाता है। वहां उसकी मुलाकात एक महिला से कराई जाती है। आरोपों के मुताबिक, महिला को इस तरह पेश किया जाता है कि पुरुष को लगे कि दोनों के बीच तेजी से प्रेम संबंध बन रहा है।
कई मामलों में मुलाकात के कुछ घंटे या एक-दो दिन बाद ही शादी की बात आगे बढ़ाने का दबाव बनाया जाता है।
शादी से पहले लाखों की मांग
जब रिश्ता पक्का होने लगता है तो कथित तौर पर पैसे की मांग शुरू होती है। इसमें एजेंसी की फीस, दहेज, नकद रकम, सोने के आभूषण और अन्य खर्च शामिल हो सकते हैं।
कुछ मामलों में पुरुष के परिवार से लाखों रुपये खर्च कराए जाने का दावा किया गया है। परिवार को लगता है कि वह अपने बेटे की शादी कर रहा है, जबकि आरोप है कि दूसरी तरफ पहले से पूरी योजना तैयार रहती है।
यानी शादी के नाम पर भावनात्मक भरोसा पैदा किया जाता है और उसी भरोसे के आधार पर आर्थिक लेन-देन कराया जाता है।
फिर अचानक गायब हो जाती है दुल्हन
शादी के बाद कुछ मामलों में असली खेल सामने आने का आरोप है। दुल्हन कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद अचानक घर जाने की बात कहती है।
कभी परिवार में किसी की मौत, कभी किसी रिश्तेदार की बीमारी और कभी जरूरी काम का बहाना बनाया जाता है। महिला घर से निकलती है और फिर वापस नहीं आती।
जब पति या उसका परिवार संपर्क करने की कोशिश करता है तो फोन बंद मिल सकता है या महिला बातचीत से बचने लगती है। इसके बाद परिवार को पता चलता है कि शादी के दौरान बताई गई कई जानकारियां भी संदिग्ध थीं।
एक मामले में दो दिन में शादी और लाखों रुपये खर्च
ऐसे ही एक मामले में चीन के अंहुई प्रांत के एक युवक ने वर्ष 2025 में गुइयांग जाकर एक महिला से कथित तौर पर सिर्फ दो दिन में शादी कर ली। शादी और उससे जुड़े खर्चों पर उसने करीब 33 लाख रुपये खर्च किए।
बताया गया कि शादी के बाद महिला केवल चार दिन उसके घर रही। इसके बाद उसने अजीब वजह बताकर घर छोड़ दिया और तलाक की मांग करने लगी।
बाद की जांच में महिला की पिछली जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी बातें सामने आने का दावा किया गया, जिनके बारे में युवक को शादी से पहले जानकारी नहीं थी। आरोप है कि महिला के तीन बच्चे थे और उसकी पिछली शादी भी हाल ही में टूटी थी।
मामले में महिला के परिवार से जुड़ी कुछ जानकारियों पर भी सवाल उठे। यहां तक कि जिस रिश्तेदार को परिवार का सदस्य बताया गया था, उसके बारे में भी कथित तौर पर अलग सच्चाई सामने आई।
एक और मामले में शादी के बाद खुला पुराना राज
37 वर्षीय वांग झुआंग से जुड़े मामले ने भी इस कथित स्कैम को लेकर सवाल खड़े किए। रिपोर्टों के अनुसार, शादी के लिए उसने करीब 40 से 50 लाख रुपये तक खर्च किए।
बाद में उसे पत्नी की पिछली जिंदगी से जुड़ी ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे वह हैरान रह गया। आरोपों के अनुसार, महिला पहले कई बार शादी कर चुकी थी और उसके बच्चे भी थे। उसके आर्थिक हालात और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे।
मामले ने यह सवाल खड़ा किया कि शादी से पहले दोनों पक्षों की पहचान और पिछली जिंदगी की सही जांच आखिर कितनी जरूरी है।
‘फ्लैश मैरिज-फ्लैश डिवोर्स’ ने उड़ाए होश
इस कथित नेटवर्क का सबसे चौंकाने वाला तरीका ‘फ्लैश मैरिज-फ्लैश डिवोर्स’ बताया जाता है। यानी बेहद कम समय में शादी और फिर तलाक।
एक मामले में एक महिला पर आरोप लगा कि उसने अलग-अलग पुरुषों से तेजी से शादी की और भारी रकम हासिल की। एक घटना में तो महिला ने कथित तौर पर सुबह एक व्यक्ति से तलाक लिया और उसी दिन बाद में दूसरे पुरुष से शादी कर ली।
मा नाम के एक व्यक्ति पर कई महिलाओं को संगठित कर इसी तरह का नेटवर्क चलाने का आरोप लगा। बताया गया कि इस गिरोह ने करीब 15 परिवारों को निशाना बनाया और दो करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की। मामले में अदालत ने उसे 12 साल की सजा सुनाई।
कानून की नजर में शादी के नाम पर ठगी
शादी का रजिस्ट्रेशन हो जाना किसी व्यक्ति को ठगी के आरोप से अपने आप मुक्त नहीं करता। यदि जांच में यह साबित हो जाए कि किसी व्यक्ति ने शुरू से ही शादी को केवल पैसा ऐंठने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया था, तो मामला गंभीर धोखाधड़ी का रूप ले सकता है।
चीन में भी अदालतों ने ऐसे मामलों में शादी के पीछे की वास्तविक मंशा पर ध्यान देने की बात कही है। यानी केवल यह तथ्य कि शादी कानूनी रूप से हुई थी, अपने आप में यह साबित नहीं करता कि रिश्ता ईमानदार था।
हाल के मामलों में चीन की न्यायपालिका ने ऊंची दहेज मांग और शादी के नाम पर आर्थिक शोषण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है।
सरकार और पुलिस ने भी कड़ा रुख अपनाया
इस तरह की घटनाओं के सामने आने के बाद चीन में विवाह और विवाह-मध्यस्थता से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों पर कार्रवाई बढ़ी है। 2024 से मार्च 2025 के बीच चीनी अभियोजन संस्थाओं ने विवाह-मध्यस्थता क्षेत्र से जुड़े अपराधों में 1,546 लोगों के खिलाफ मामले संभाले थे।
अधिकारियों ने ऐसे मामलों में फर्जी पहचान, नकली विवाह प्रस्ताव, अवैध विवाह-मध्यस्थता और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग जैसी गतिविधियों पर चिंता जताई है।
गुइयांग जैसे इलाकों में भी कथित फर्जी विवाह एजेंसियों और उनसे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियों का लक्ष्य ऐसे गिरोहों की पूरी श्रृंखला तक पहुंचना है, जिसमें एजेंट, दलाल और कथित ‘दुल्हन’ की भूमिका निभाने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।
‘फ्लैश मैरिज’ के पीछे छिपा बड़ा सामाजिक सवाल
यह मामला सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे अकेलापन, शादी का सामाजिक दबाव, लैंगिक असंतुलन और जल्दी फैसला लेने की मानसिकता जैसे कई कारण भी जुड़े हुए हैं।
जब कोई व्यक्ति लंबे समय से शादी का इंतजार कर रहा हो और अचानक उसे कुछ दिनों में रिश्ता तय होने का प्रस्ताव मिले, तो वह भावनात्मक रूप से बेहद प्रभावित हो सकता है। इसी कमजोरी का फायदा उठाने वाले लोग कथित तौर पर विश्वास का जाल तैयार करते हैं।
यही वजह है कि शादी जैसे बड़े फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहद जरूरी है।
कैसे बचें ऐसे शादी के जाल से?
किसी भी विवाह एजेंसी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। शादी से पहले व्यक्ति की पहचान, परिवार, वैवाहिक स्थिति, नौकरी, पता और पिछली शादी से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच जरूरी है।
अगर कोई एजेंसी कुछ ही दिनों में शादी कराने का दबाव बनाए या बहुत बड़ी रकम तुरंत जमा करने को कहे, तो सावधान हो जाना चाहिए।
इसी तरह शादी से पहले बड़े नकद लेन-देन, महंगे गहने या भारी दहेज की मांग को सामान्य नहीं मानना चाहिए। परिवार को भी भावनात्मक दबाव में आकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
‘फ्लैश मैरिज फ्रॉड’ की सबसे बड़ी सीख यही है कि शादी कोई ऐसा सौदा नहीं है जिसे कुछ घंटों या कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाए। रिश्ते में भरोसा जरूरी है, लेकिन भरोसे के साथ सत्यापन भी उतना ही जरूरी है।

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