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10 हजार कदम का सच आया सामने! वजन, दिल और नींद पर पड़ेगा ऐसा असर, जानिए पूरा राज



आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम और जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत के लिए समय निकालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। खासकर डेस्क जॉब करने वाले लोगों की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि काफी कम हो गई है। कई लोग सुबह घर से निकलने के बाद घंटों ऑफिस की कुर्सी पर बैठे रहते हैं और शाम को थकान के कारण एक्सरसाइज करने का मन नहीं करता। लंबे समय तक ऐसी दिनचर्या रहने पर वजन बढ़ना, शरीर में सुस्ती, मांसपेशियों में अकड़न और तनाव जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

ऐसे में रोजाना पैदल चलना एक आसान और कम खर्च वाला तरीका हो सकता है, जिसे अधिकांश लोग अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। अक्सर 10 हजार कदम प्रतिदिन का लक्ष्य फिटनेस से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए एक ही संख्या जरूरी नहीं होती। अगर आप अभी बहुत कम चलते हैं तो सीधे 10 हजार कदम का लक्ष्य रखने के बजाय अपनी वर्तमान गतिविधि से धीरे-धीरे कदम बढ़ाना बेहतर तरीका है।

खास बात यह है कि 10 हजार कदम पूरे करने के लिए आपको एक ही समय में लंबी वॉक करने की जरूरत नहीं है। दिनभर की छोटी-छोटी गतिविधियों को बढ़ाकर भी कदमों की संख्या काफी बढ़ाई जा सकती है।

10 हजार कदम पूरे करना मुश्किल नहीं, बस बदलनी होंगी कुछ आदतें

अगर आपकी नौकरी या रोजमर्रा की जिंदगी ऐसी है जिसमें ज्यादा समय बैठकर गुजरता है, तो शुरुआत में 4,000 से 5,000 कदम का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसके बाद अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं।

यहां आठ ऐसे आसान तरीके हैं, जिनकी मदद से आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादा चलने की आदत विकसित कर सकते हैं।

1. लिफ्ट की जगह सीढ़ियों को दें प्राथमिकता

अगर आप घर, ऑफिस या किसी अन्य इमारत में लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं, तो जहां संभव हो वहां सीढ़ियों का विकल्प चुन सकते हैं। सीढ़ियां चढ़ने से सिर्फ कदमों की संख्या ही नहीं बढ़ती, बल्कि पैरों की मांसपेशियों पर भी काम होता है और शरीर की सक्रियता बढ़ती है।

हालांकि, जिन लोगों को घुटने, हृदय या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार ही सीढ़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

2. फोन पर बात करते समय बैठे न रहें

आजकल मोबाइल फोन पर लंबी बातचीत रोजमर्रा का हिस्सा है। अगर कोई कॉल ऐसी है जिसमें लगातार बैठना जरूरी नहीं है, तो फोन पर बातचीत करते समय धीरे-धीरे टहल सकते हैं।

ऑफिस में कॉरिडोर, घर की खुली जगह या सुरक्षित स्थान पर चलते हुए फोन पर बात करने से दिनभर की गतिविधि बढ़ सकती है। छोटी-छोटी फोन कॉल को वॉकिंग टाइम में बदलना उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जो डेस्क पर लंबे समय तक बैठते हैं।

3. छोटी दूरी के लिए पैदल जाने की आदत डालें

पास की दुकान, सब्जी की दुकान या आसपास के किसी स्थान पर जाने के लिए हर बार बाइक या कार निकालना जरूरी नहीं है। यदि दूरी सुरक्षित और पैदल चलने योग्य है, तो वहां पैदल जाने की आदत डालें।

इससे आपको अलग से वॉक के लिए समय निकालने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और आपके रोजाना के कदम अपने आप बढ़ने लगेंगे।

4. हर घंटे कुछ मिनट के लिए कुर्सी छोड़ें

डेस्क जॉब करने वालों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लगातार बैठे रहना है। अगर आपका काम कई घंटे कंप्यूटर पर बैठकर होता है, तो समय-समय पर उठकर कुछ मिनट चलना उपयोगी हो सकता है।

पानी लेने जाना, ऑफिस के कॉरिडोर में थोड़ी देर चलना या अपने डेस्क से दूर जाकर कोई छोटा काम करना आपकी गतिविधि बढ़ा सकता है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में शरीर को हिलाना-डुलाना भी जरूरी है।

5. पार्किंग की जगह थोड़ा दूर चुनें

अगर आप ऑफिस, बाजार या किसी अन्य जगह कार या बाइक से जाते हैं, तो जहां सुरक्षित और सुविधाजनक हो वहां वाहन को गंतव्य से थोड़ी दूरी पर पार्क किया जा सकता है।

इसके बाद पार्किंग से अपने गंतव्य तक पैदल चलें। रोजमर्रा की ऐसी छोटी गतिविधियां पूरे दिन के कदमों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी कर सकती हैं।

6. भोजन के बाद हल्की वॉक करें

खाने के बाद तुरंत बिस्तर या सोफे पर जाने के बजाय कुछ समय हल्की गतिविधि के लिए निकाला जा सकता है। भोजन के बाद आराम से टहलना दिनभर के कदम बढ़ाने का आसान तरीका है।

विशेष रूप से जिन लोगों को लंबे समय तक बैठने की आदत है, उनके लिए भोजन के बाद हल्की वॉक एक अच्छी दिनचर्या बन सकती है। हालांकि, बहुत भारी भोजन के तुरंत बाद तेज गति से व्यायाम करने के बजाय आरामदायक गति से चलना बेहतर है।

7. स्टेप काउंटर से अपनी प्रगति पर नजर रखें

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच में स्टेप काउंट करने की सुविधा मौजूद होती है। इसका इस्तेमाल अपनी दैनिक गतिविधि को समझने के लिए किया जा सकता है।

अगर किसी दिन आपके कदम 4,000 रहे हैं, तो अगले कुछ दिनों में धीरे-धीरे उन्हें बढ़ाने का प्रयास करें। अपनी प्रगति देखने से मोटिवेशन मिल सकता है और आपको यह भी पता चलता रहेगा कि आपकी दिनचर्या में वास्तव में कितनी शारीरिक गतिविधि हो रही है।

लेकिन स्टेप काउंट को लेकर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने की आवश्यकता नहीं है। लक्ष्य व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों के अनुसार अलग हो सकता है।

8. वॉकिंग पार्टनर बनाएं

अकेले टहलना कई लोगों को उबाऊ लग सकता है। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य, दोस्त या सहकर्मी को वॉकिंग पार्टनर बनाया जा सकता है।

साथ में चलने से बातचीत भी हो जाती है और नियमित वॉक की आदत बनाए रखना आसान हो सकता है। अगर कोई साथ उपलब्ध नहीं है तो सुरक्षित वातावरण में संगीत, पॉडकास्ट या ऑडियोबुक सुनते हुए भी वॉक की जा सकती है।

रोजाना चलने से शरीर को मिल सकते हैं कई फायदे

नियमित पैदल चलना शरीर को सक्रिय रखने का आसान तरीका है। यदि कोई व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार नियमित रूप से चलता है, तो इससे उसकी फिटनेस और दैनिक शारीरिक गतिविधि में सुधार हो सकता है।

वजन को नियंत्रित रखने में मदद

चलने से शरीर ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। संतुलित खानपान के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, केवल कदमों की संख्या बढ़ाने से ही वजन कम होना जरूरी नहीं है। वजन प्रबंधन में भोजन, नींद, तनाव और कुल शारीरिक गतिविधि की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय और रक्त संचार के लिए अच्छी मानी जाती है। पैदल चलना भी ऐसी गतिविधियों में शामिल है। लगातार सक्रिय रहने से शरीर की ओवरऑल फिटनेस को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

तनाव और मूड पर सकारात्मक असर

वॉक सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकती है। कुछ समय बाहर चलने, ताजी हवा लेने और रोजमर्रा के काम से ब्रेक लेने से मन को आराम मिल सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि तनाव और मूड को बेहतर करने में मदद कर सकती है।

मांसपेशियों और शरीर की सक्रियता में सुधार

नियमित चलने से पैरों और शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं। जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं, उनके लिए नियमित रूप से उठना और चलना शरीर की जकड़न कम करने में मदद कर सकता है।

नींद की गुणवत्ता में मदद

दिनभर पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करने और नियमित दिनचर्या बनाए रखने से कुछ लोगों को रात में बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अच्छी नींद के लिए केवल वॉक ही नहीं बल्कि सोने का नियमित समय, तनाव प्रबंधन और स्क्रीन टाइम जैसी आदतें भी महत्वपूर्ण हैं।

क्या हर किसी के लिए 10 हजार कदम जरूरी हैं?

यह समझना जरूरी है कि 10 हजार कदम कोई जादुई संख्या नहीं है। हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, काम और शारीरिक क्षमता अलग होती है। यदि कोई व्यक्ति अभी बहुत कम चलता है, तो अचानक 10 हजार कदम का लक्ष्य रखने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

बेहतर तरीका यह है कि अपनी वर्तमान गतिविधि को आधार बनाकर धीरे-धीरे कदम बढ़ाए जाएं। उदाहरण के लिए, अगर अभी रोजाना करीब 4 हजार कदम चलते हैं तो पहले 5 हजार या 6 हजार का लक्ष्य रखा जा सकता है और बाद में सुविधा के अनुसार इसे बढ़ाया जा सकता है।

जिन लोगों को हृदय रोग, गंभीर जोड़ों की समस्या, सांस की बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें नई एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

फिटनेस के लिए जरूरी है निरंतरता

फिट रहने के लिए किसी एक दिन बहुत ज्यादा चलना और फिर कई दिनों तक बिल्कुल सक्रिय न रहना उतना प्रभावी नहीं है, जितना नियमित रूप से अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहना। इसलिए शुरुआत छोटे लक्ष्य से करें और उसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।

लिफ्ट की जगह सीढ़ियां, फोन पर बातचीत के दौरान वॉक, छोटी दूरी पैदल तय करना, हर घंटे सीट से उठना और भोजन के बाद हल्की सैर जैसे छोटे बदलाव दिनभर की गतिविधि बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

इसलिए अगर आप अभी 10 हजार कदम पूरे नहीं कर पा रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। 4,000 या 5,000 कदम से शुरुआत करें और धीरे-धीरे अपनी गतिविधि बढ़ाएं। फिटनेस किसी एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि लंबे समय तक अपनाई जाने वाली जीवनशैली है। छोटे कदम ही समय के साथ बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।

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