गंगा में बहा भाई, किनारे खड़ा युवक चीखता रहा- “5 लाख दूंगा… बचा लो”, वायरल VIDEO ने मचाई सनसनी
देवप्रयाग/उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा के बीच उत्तराखंड से सामने आया एक दर्दनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक गंगा के किनारे खड़ा होकर अपने भाई को बचाने के लिए लोगों से लगातार गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। उसकी आंखों के सामने उसका छोटा भाई गंगा की तेज धारा में बहता चला जाता है और वह बेबसी में लोगों से मदद की अपील करता रहता है। इस दौरान युवक बार-बार कहता है कि “5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो।”
घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान नदी में स्नान करने को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून के मौसम में पहाड़ों पर बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों का बहाव अचानक बेहद तेज हो जाता है। ऐसे में कुछ सेकंड की लापरवाही भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
“मेरा भाई कहां है?” से शुरू हुई चीख-पुकार
वायरल वीडियो की शुरुआत बेहद परेशान कर देने वाली है। युवक अपने भाई को इधर-उधर तलाशता नजर आता है और घबराकर पूछता है—“मेरा भाई कहां है, कहां है मेरा भाई?”
कुछ ही देर बाद उसकी नजर गंगा की तेज धारा में बहते अपने भाई पर पड़ती है। इसके बाद उसकी आवाज में घबराहट और बढ़ जाती है। वह नदी के किनारे मौजूद लोगों से अपने भाई को पकड़ने की गुहार लगाने लगता है।
युवक लगातार चिल्लाता है कि उसका भाई पानी में बह रहा है। वह लोगों से उसे बचाने के लिए कहता है और मदद के बदले पांच लाख रुपये देने की बात तक कह देता है। उसकी आवाज से साफ महसूस होता है कि उस वक्त उसके लिए पैसे की कोई कीमत नहीं थी, उसके सामने सिर्फ अपने भाई की जान बचाने की चिंता थी।
गंगा की साइड में लगी चेन छोड़ी और देखते ही देखते गंगा में बह गया कांवड़िया....
— Kᴀᴘɪʟ Gᴏᴜʀ (@GaurBulandshahr) August 9, 2026
हालांकि गंगा पुलिस द्वारा कावड़िये को बचा लिया गया...अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो...#कांवड़_यात्रा_2026 pic.twitter.com/hLaCSDKlar
वह लोगों से कहता है कि “कोई पकड़ लो यार… भाई प्लीज पकड़ लो उसे… बचा लो यार… 5 लाख दूंगा… छोटा है भाई… हाथ दिख रहा है।”
इसके बाद वह अपनी बेबसी भी जाहिर करता है। युवक कहता है कि उसे तैरना नहीं आता और वह खुद पानी में जाकर अपने भाई को बचाने की स्थिति में नहीं है। वह वहां मौजूद लोगों से लगभग गिड़गिड़ाते हुए मदद मांगता दिखाई देता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि यह घटना उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र में हुई, जहां कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु गंगा में स्नान करने पहुंचे थे। टोंडेश्वर घाट पर स्नान के दौरान कांवड़िए का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव की चपेट में आ गया।
गंगा का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते युवक पानी के साथ आगे की ओर बहने लगा। किनारे खड़े उसके भाई और अन्य लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा के सामने तत्काल उसे पकड़ पाना मुश्किल हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घटनास्थल का माहौल बेहद तनावपूर्ण नजर आता है। एक तरफ नदी का तेज बहाव दिखाई देता है तो दूसरी तरफ परिवार का सदस्य अपने भाई को बचाने के लिए लगातार लोगों से मदद मांग रहा है।
पुलिस और रेस्क्यू टीम ने शुरू किया तलाशी अभियान
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद लापता कांवड़िए की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
तेज बहाव वाली पहाड़ी नदियों में किसी व्यक्ति की तलाश करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। पानी की गति के कारण बहा हुआ व्यक्ति घटनास्थल से काफी दूर तक जा सकता है। ऐसे मामलों में रेस्क्यू टीमों को नदी के किनारे के साथ-साथ संभावित स्थानों पर भी तलाश करनी पड़ती है।
देवप्रयाग क्षेत्र में इससे पहले भी गंगा और भागीरथी के तेज बहाव में लोगों के बहने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन की ओर से नदी के ऊपर रस्सियां और चेन लगाने जैसे उपायों पर भी काम किया गया है, ताकि आपात स्थिति में बहने वाला व्यक्ति किसी सहारे को पकड़ सके।
टोंडेश्वर घाट पर पहले भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं
टोंडेश्वर घाट और देवप्रयाग क्षेत्र में नदी के तेज बहाव को लेकर पहले भी चेतावनियां जारी की जाती रही हैं। यहां कई बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को खतरनाक हिस्सों में स्नान करते देखा गया है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से कई स्थानों पर लोगों को नदी में उतरने से रोकने के लिए चेतावनी भी दी जाती रही है। इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु नदी की गहराई और बहाव का सही अनुमान लगाए बिना पानी में उतर जाते हैं।
मानसून के दौरान स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। पहाड़ी इलाकों में कहीं दूर बारिश होने पर भी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। नदी किनारे मौजूद व्यक्ति को कई बार यह बदलाव कुछ ही मिनटों में दिखाई देता है।
एक नहीं, कई कांवड़िए हुए तेज धारा का शिकार
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा में बहने की यह अकेली घटना नहीं है। अलग-अलग घाटों पर तेज बहाव के कारण कई श्रद्धालुओं के मुश्किल में फंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
हरिद्वार और आसपास के घाटों पर भी स्नान के दौरान कांवड़ियों के तेज धारा की चपेट में आने की खबरें सामने आई हैं। कुछ मामलों में पुलिस और जल पुलिस की तत्परता से लोगों को बचा लिया गया, जबकि कुछ लोग गहरे पानी में लापता हो गए।
इसी वजह से प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील करता है कि वे नदी में स्नान करते समय सुरक्षा घेरे और निर्धारित क्षेत्र का ही इस्तेमाल करें।
आस्था के साथ सुरक्षा भी जरूरी
कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। हर साल बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखंड के दूसरे धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। गंगा स्नान और कांवड़ में जल भरना इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लेकिन मानसून के दौरान नदी का स्वरूप सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग हो जाता है। पानी का बहाव ऊपर से शांत दिखाई दे सकता है, लेकिन सतह के नीचे तेज धार व्यक्ति को कुछ ही सेकंड में अपने साथ खींच सकती है।
विशेषज्ञ और प्रशासन लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि नदी के बीच या सुरक्षा रेलिंग के बाहर जाकर स्नान करने से बचें। बच्चों और युवाओं को भी अकेले नदी में जाने से रोकना चाहिए।
वायरल वीडियो ने खड़ा किया बड़ा सवाल
इस घटना का वीडियो इसलिए भी लोगों को झकझोर रहा है क्योंकि इसमें किसी हादसे का सिर्फ दृश्य नहीं, बल्कि एक भाई की अपने भाई को बचाने की आखिरी कोशिश दिखाई देती है।
“5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…” जैसी उसकी पुकार इस बात को दिखाती है कि संकट के उस पल में इंसान अपने प्रियजन की जिंदगी के सामने किसी भी कीमत को छोटा समझने लगता है।
हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे भी किए जा रहे हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति की पहचान या घटना से जुड़ी अपुष्ट जानकारी को आगे बढ़ाने से बचना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद बचाव अभियान चलाया गया था और लापता कांवड़िए की तलाश की जा रही थी।
सबसे बड़ी सीख
यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि गंगा किनारे मौजूद हर श्रद्धालु के लिए चेतावनी है। आस्था जरूरी है, लेकिन जिंदगी उससे भी ज्यादा अनमोल है।
खासकर बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। इसलिए कांवड़िए और अन्य श्रद्धालु प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, बैरिकेडिंग पार न करें और तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने की कोशिश बिल्कुल न करें।
क्योंकि नदी में उतरने से पहले कुछ सेकंड का रोमांच भले ही छोटा लगे, लेकिन लापरवाही का परिणाम किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकता है।

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