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रातभर छलकाए जाम, सुबह मैदान पर मचाया तहलका! इन क्रिकेटरों के किस्से सुनकर रह जाएंगे दंग



क्रिकेट को आमतौर पर अनुशासन, फिटनेस, एकाग्रता और लगातार मेहनत का खेल माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए मैच से पहले अपनी फिटनेस और मानसिक तैयारी का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। लेकिन क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे किस्से भी दर्ज हैं, जिन्होंने इस धारणा को पूरी तरह अलग रंग दे दिया। कुछ खिलाड़ियों की जिंदगी से जुड़े ऐसे किस्से सामने आए, जब उन्होंने मैच से ठीक पहले शराब पी, रातभर पार्टी की या भारी हैंगओवर के बावजूद मैदान पर कदम रखा।

इन कहानियों में सबसे ज्यादा चर्चित नाम दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स का है। साल 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 434 रनों के ऐतिहासिक लक्ष्य का पीछा करते हुए गिब्स ने 175 रन की ऐसी पारी खेली थी, जिसे वनडे क्रिकेट की महान पारियों में गिना जाता है। बाद में अपनी आत्मकथा में उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक मुकाबले से एक रात पहले उन्होंने शराब पी थी और मैच के समय उन्हें जबरदस्त हैंगओवर था।

वहीं वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 1973 में लॉर्ड्स पर 150 रन का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है। उन्होंने बताया था कि मैच के दौरान एक रात उन्होंने सोया नहीं था और अगली सुबह मैदान पर उतरकर शानदार पारी खेली।

हालांकि, इस तरह की कहानियों को क्रिकेटरों की उपलब्धियों के मजेदार किस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि खेल से पहले शराब पीने को सही ठहराने के तौर पर। शराब और नशा खिलाड़ी की फिटनेस, प्रतिक्रिया क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

हर्शल गिब्स: हैंगओवर में उतरे और 175 रन ठोक दिए

12 मार्च 2006 का दिन वनडे क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांचवां वनडे खेला जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 434 रन बना दिए। रिकी पोंटिंग ने 164 रन की तूफानी पारी खेली और उस समय ऐसा लग रहा था कि इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना लगभग असंभव होगा।

लेकिन दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स ने इस असंभव दिख रहे लक्ष्य को चुनौती में बदल दिया।

गिब्स ने केवल 111 गेंदों में 175 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 21 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट करीब 157.65 का रहा। दक्षिण अफ्रीका ने अंततः 438 रन बनाकर मैच जीत लिया और उस समय 400 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा करने वाली पहली टीम बनी। उनकी यह पारी आज भी वनडे इतिहास की सबसे यादगार पारियों में शामिल है।

लेकिन इस पारी की एक और वजह से खूब चर्चा हुई।

गिब्स ने बाद में अपनी आत्मकथा में बताया कि मैच से एक रात पहले वह एक दोस्त के साथ देर रात तक शराब पी रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, वह रात करीब एक बजे तक शराब पीते रहे और मैच के दिन उन्हें भारी हैंगओवर था। इसके बावजूद मैदान पर पहुंचते ही उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के पास उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं था।

यह किस्सा इसलिए भी हैरान करता है क्योंकि आमतौर पर खिलाड़ी मैच से पहले आराम, पर्याप्त नींद और सही डाइट को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन गिब्स के मामले में कहानी बिल्कुल अलग थी। उनके प्रदर्शन ने उस रात की पार्टी के अगले दिन को क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार दिनों में बदल दिया।

गैरी सोबर्स: बिना सोए लॉर्ड्स में ठोक दिया 150

क्रिकेट इतिहास में सर गैरी सोबर्स का नाम महानतम ऑलराउंडरों में लिया जाता है। 1973 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला गया टेस्ट उनके करियर के अंतिम दौर की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक था।

लॉर्ड्स के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, सोबर्स ने इस मैच में नाबाद 150 रन बनाए थे। खास बात यह थी कि वह पिछली रात सोए नहीं थे और अगली सुबह मैदान पर पहुंचे। उन्होंने बाद में अपने प्रदर्शन से जुड़े किस्से में बताया कि रात बाहर बिताने के बाद भी उन्होंने मैदान पर बल्लेबाजी की।

सोबर्स ने 227 गेंदों का सामना करते हुए 150 रन बनाए और उनकी पारी में 19 चौके शामिल थे। वह इस दौरान पेट की परेशानी से भी जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी।

लॉर्ड्स के रिकॉर्ड के मुताबिक, यह सोबर्स का टेस्ट क्रिकेट में आखिरी शतक था। वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला पारी और 226 रन से जीता था।

सोबर्स के इस किस्से में एक और दिलचस्प बात सामने आती है। उन्होंने बताया था कि कप्तान रोहन कन्हाई की सलाह पर उन्होंने ब्रांडी और पोर्ट का सेवन किया था। इसके बाद भी वह मैदान पर उतरे और बड़ी पारी खेली।

हालांकि, इस तरह की घटनाओं को आज के पेशेवर क्रिकेट के नजरिए से देखें तो परिस्थितियां काफी अलग थीं। आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस और रिकवरी पर जितना जोर दिया जाता है, उतना उस दौर में नहीं था।

एंड्रयू साइमंड्स: मैदान पर खेलने के बजाय टीम से बाहर कर दिए गए

ऑस्ट्रेलिया के दिवंगत ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स का नाम भी क्रिकेट के सबसे चर्चित शराब विवादों में शामिल रहा है। लेकिन उनके मामले में कहानी गिब्स या सोबर्स से बिल्कुल अलग रही।

2005 में इंग्लैंड में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे से पहले साइमंड्स ने रातभर शराब पी थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह सुबह टीम होटल लौटे और मैच के लिए उनकी हालत सामान्य नहीं थी। टीम प्रबंधन ने उन्हें मैच से बाहर कर दिया।

यानी साइमंड्स ने नशे की हालत में मैच खेलकर कोई बड़ी पारी नहीं खेली। बल्कि उनकी स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा।

बाद में यह घटना उनके करियर की सबसे चर्चित अनुशासनात्मक घटनाओं में शामिल हो गई। साइमंड्स ने स्वयं भी शराब से जुड़ी अपनी समस्याओं के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की थी।

इस घटना से साफ होता है कि नशे की हालत में मैदान पर उतरना कितना जोखिम भरा हो सकता है। जहां गिब्स और सोबर्स के मामले में शानदार प्रदर्शन हुआ, वहीं साइमंड्स के मामले में इसका सीधा असर उनके टीम में चयन पर पड़ा।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ और पार्टी के किस्से

इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ भी अपनी मस्तीभरी जिंदगी और पार्टी के किस्सों के लिए लंबे समय तक सुर्खियों में रहे। उनके करियर के दौरान शराब और पार्टी से जुड़े कई किस्से मीडिया में सामने आए।

2005 की एशेज जीत के बाद फ्लिंटॉफ और इंग्लैंड टीम के जश्न की तस्वीरें और कहानियां खूब चर्चा में रही थीं। वह होटल बार में देर रात तक जश्न मनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। उस दौर में उनकी शराब पीने की आदत भी चर्चा का विषय बनी।

फ्लिंटॉफ के करियर में 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च टेस्ट में 137 रन का शतक भी दर्ज है। हालांकि, यह दावा कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किसी टेस्ट में नशे की हालत में उतरकर शतक लगाया था, उपलब्ध विश्वसनीय रिकॉर्ड से स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं होता। इसलिए इस किस्से को तथ्य के रूप में पेश करने के बजाय उनके पार्टी और हैंगओवर से जुड़े चर्चित किस्सों तक सीमित रखना ज्यादा सही है।

फ्लिंटॉफ के जीवन से जुड़े इन किस्सों ने यह भी दिखाया कि एक खिलाड़ी की निजी जिंदगी और पेशेवर करियर के बीच संतुलन कितना महत्वपूर्ण होता है।

इन कहानियों से क्या सीख मिलती है?

इन क्रिकेटरों की कहानियां सुनने में भले ही बेहद रोमांचक लगती हों, लेकिन इनके पीछे एक गंभीर संदेश भी छिपा है। आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस, नींद, डाइट और रिकवरी को लेकर बेहद सख्त नियम और वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाते हैं।

एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को लगातार कई घंटों तक मैदान पर रहना पड़ सकता है। टेस्ट मैचों में तो मानसिक और शारीरिक क्षमता की परीक्षा कई दिनों तक चलती है। ऐसे में शराब या किसी भी तरह का नशा प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

हर्शल गिब्स की 175 रन की पारी और गैरी सोबर्स की 150 रन की पारी क्रिकेट इतिहास में यादगार हैं, लेकिन इन पारियों की महानता उनकी बल्लेबाजी में थी, न कि मैच से पहले शराब पीने में।

दूसरी तरफ एंड्रयू साइमंड्स का मामला दिखाता है कि ऐसी आदतें करियर पर सीधा असर भी डाल सकती हैं।

क्रिकेट के इतिहास में रहेंगे ये अनोखे किस्से

क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों और रिकॉर्ड की किताब नहीं है। इसके पीछे खिलाड़ियों की जिंदगी, संघर्ष, विवाद, दोस्ती, जश्न और कई अनसुनी कहानियां भी छिपी होती हैं। हर्शल गिब्स की 175 रन की पारी, गैरी सोबर्स का बिना सोए 150 रन बनाना और एंड्रयू साइमंड्स का नशे की हालत में मैच से बाहर होना क्रिकेट इतिहास के ऐसे ही किस्से हैं।

इनमें से कुछ कहानियां सुनकर हैरानी होती है, कुछ मुस्कुराने पर मजबूर करती हैं और कुछ यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि पेशेवर खेल में अनुशासन कितना जरूरी है।

सबसे खास बात यह है कि गिब्स और सोबर्स जैसे खिलाड़ियों ने असाधारण परिस्थितियों के बावजूद असाधारण प्रदर्शन किया। लेकिन आज के क्रिकेट में ऐसी स्थिति को सामान्य या आदर्श नहीं माना जा सकता। आधुनिक खेल विज्ञान साफ बताता है कि बेहतर नींद, सही खान-पान, फिटनेस और मानसिक तैयारी ही लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की असली कुंजी है।

इसलिए इन किस्सों को क्रिकेट के इतिहास के दिलचस्प अध्याय के रूप में याद किया जा सकता है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए मैदान पर सफलता का असली रास्ता अब भी मेहनत, अनुशासन और फिटनेस से होकर ही गुजरता है। 

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