Viral Video : मौत के साए में गोमती नदी में कूद पड़ा दरोगा! अपनी जान जोखिम में डालकर निभाया ऐसा फर्ज, हर कोई कर रहा सलाम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। थाना मड़ियांव में तैनात दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने अपनी जान की परवाह किए बिना गोमती नदी में उतरकर डूबे हुए एक मासूम बच्चे के शव को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस साहसिक कदम की स्थानीय लोगों और पुलिस विभाग में सराहना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गोमती नदी में एक मासूम के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे और नदी का बहाव राहत कार्य में बाधा बन रहा था। ऐसे मुश्किल समय में दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने बिना किसी हिचकिचाहट के नदी में उतरने का फैसला किया।
जोखिम उठाकर निभाया फर्ज
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राहत अभियान के दौरान दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना नदी में उतरकर खोजबीन में सक्रिय भूमिका निभाई। काफी प्रयासों के बाद मासूम के शव को नदी से बाहर निकाला गया। इस पूरी कार्रवाई में उन्होंने साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कठिन हालात में किसी भी व्यक्ति के लिए नदी में उतरना आसान नहीं होता, लेकिन दरोगा ने मानवता और अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए राहत अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मानवता और पुलिसिंग की मिसाल
अक्सर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित समझी जाती है, लेकिन इस घटना ने यह साबित किया कि पुलिसकर्मी संकट की हर घड़ी में आम नागरिकों के साथ खड़े रहते हैं। दरोगा विमलेश सिंह चंदेल का यह कदम केवल एक सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी परिचायक माना जा रहा है।
हालांकि मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन शव को बाहर निकालकर परिजनों तक पहुंचाने में पुलिस की तत्परता ने राहत कार्य को समय पर पूरा करने में मदद की।
लोगों ने की सराहना
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने दरोगा विमलेश सिंह चंदेल की बहादुरी और समर्पण की जमकर प्रशंसा की। सोशल मीडिया पर भी उनके साहसिक कार्य की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मी समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।
पुलिस सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस सेवा केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव जीवन और समाज के प्रति संवेदनशीलता भी उसकी सबसे बड़ी पहचान है। दरोगा विमलेश सिंह चंदेल ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना गोमती नदी में उतरकर राहत अभियान में हिस्सा लिया, वह पुलिस सेवा के साहस, समर्पण और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। उनके इस कार्य की जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है।

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