घर से निकलने से पहले पढ़ लें ये खबर! मौसम विभाग ने जारी किया सबसे बड़ा अलर्ट
नई दिल्ली। अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और अब मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी ने करोड़ों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक सक्रिय मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम बेहद खराब रह सकता है।
सबसे अधिक चिंता उन इलाकों को लेकर जताई जा रही है जहां पहले से ही लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक और गुजरात के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश जारी रह सकती है। कई स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उत्तर प्रदेश में लगातार पांच दिन बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के लिए जारी ताज़ा बुलेटिन में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में लगातार कई दिनों तक भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी लगातार भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, कानपुर, बरेली, मेरठ, सहारनपुर और आसपास के जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार और झारखंड पर भी मंडरा रहा खतरा
बिहार में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। झारखंड के कई हिस्सों में भी तेज बारिश और वज्रपात का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग प्रभावित होने की आशंका है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम की ताज़ा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कमजोर पहाड़ों में दरारें बढ़ सकती हैं और अचानक मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।
गुजरात और पश्चिमी भारत में भी अलर्ट
गुजरात के कई जिलों में पहले ही भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कुछ क्षेत्रों में रेड अलर्ट तक जारी किया गया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
केरल और दक्षिण भारत में मानसून का असर
दक्षिण भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। केरल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण कुछ जिलों में स्कूलों और कॉलेजों तक में अवकाश घोषित किया गया है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
क्यों बिगड़ रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय अवस्था में है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत की ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी बढ़ रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण कई राज्यों में बारिश की तीव्रता बढ़ रही है। यही वजह है कि कहीं हल्की बारिश तो कहीं अत्यधिक वर्षा की स्थिति बन रही है।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी वहां खेतों में जलभराव के कारण फसल को नुकसान भी पहुंच सकता है।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें और मौसम की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या खेतों में काम कर रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों और पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर लगातार नजर रखें।
बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों में न रहें।
नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अगले कुछ दिन रहेंगे बेहद अहम
मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 से 7 दिन मानसून की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। कई राज्यों में लगातार बारिश होने की संभावना है और कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। ऐसे में प्रशासन ने राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बारिश जहां किसानों और जलाशयों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह चुनौती भी बन सकती है। इसलिए मौसम विभाग की हर नई चेतावनी पर ध्यान देना और समय रहते सावधानी बरतना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

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