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रातोंरात घर से गायब हुआ बेटा और सौतेली मां! पिता के सामने खुला ऐसा राज कि परिवार के रिश्ते रह गए दंग



हरियाणा के नूंह जिले से रिश्तों को हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी दूसरी पत्नी उसके नाबालिग बेटे के साथ घर से चली गई। पीड़ित पिता के मुताबिक, उसका बेटा उसकी पहली पत्नी से हुआ था और कुछ समय पहले ही वह अपने पिता के पास रहने आया था। आरोप है कि इसी दौरान बेटे और सौतेली मां के बीच ऐसी नजदीकियां बढ़ीं, जिसके बाद दोनों कथित तौर पर घर से चले गए।

मामला सामने आने के बाद पिता ने पुलिस और प्रशासन से शिकायत कर दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पिता का दावा है कि घर से जाते समय उसकी पत्नी नकदी और आभूषण समेत कई कीमती सामान भी अपने साथ ले गई।

हालांकि, इस पूरे मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चूंकि युवक के नाबालिग होने की बात कही जा रही है, इसलिए मामले में उसकी उम्र और अन्य परिस्थितियों की आधिकारिक जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम वास्तव में किस तरह हुआ और इसमें किन-किन कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई बनती है।

करीब 18 साल पहले हुई थी पहली शादी

शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह नूंह के बासदल्ला गांव का रहने वाला है। उसका नाम रामकिशन पुत्र कन्हैया बताया जा रहा है। उसकी पहली शादी करीब 18 साल पहले फिरोजाबाद में हुई थी।

पहली पत्नी से उसे एक बेटा हुआ था। कुछ समय बाद उसकी पहली पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद रामकिशन ने दूसरी शादी करने का फैसला किया।

बताया गया है कि पहली पत्नी की मौत के करीब तीन साल बाद उसने सोहना की रहने वाली एक महिला से दूसरी शादी की। दोनों की शादी को करीब 15 साल बीत चुके थे। इस शादी से रामकिशन की एक बेटी भी हुई।

इस तरह परिवार में पहली पत्नी से हुआ बेटा, दूसरी पत्नी और दूसरी शादी से हुई बेटी साथ रहने लगे।

कुछ साल बाद परिवार में ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे रिश्ते को ही सवालों के घेरे में ला दिया।

पिता के मुताबिक, बेटा कुछ समय के लिए घर आया था

रामकिशन का कहना है कि उसकी पहली पत्नी से हुआ बेटा बड़ा होने के बाद किसी तरह अपने पिता का पता लगाकर पुन्हाना पहुंचा।

इसके बाद युवक करीब तीन महीने तक अपने पिता और सौतेली मां के साथ रहा।

पिता के अनुसार, इस दौरान उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि घर के भीतर कोई ऐसी स्थिति पैदा हो रही है जो आगे चलकर पूरे परिवार को तोड़ देगी।

रामकिशन का दावा है कि उसका बेटा पहले अपनी सौतेली मां को मां के रूप में ही सम्मान देता था। उसने शिकायत में कथित तौर पर कहा कि उसे समझ नहीं आया कि दोनों के बीच कब नजदीकियां बढ़ गईं।

यह दावा फिलहाल शिकायतकर्ता का पक्ष है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अचानक दोनों घर से हो गए गायब

पिता के अनुसार, एक दिन उसे पता चला कि उसकी पत्नी और बेटा दोनों घर पर नहीं हैं।

पहले परिवार को लगा कि शायद दोनों किसी काम से बाहर गए होंगे, लेकिन जब काफी समय तक वापस नहीं लौटे तो तलाश शुरू की गई।

रामकिशन का आरोप है कि दोनों कथित तौर पर घर से चले गए और उनके साथ कुछ नकदी और आभूषण भी गायब थे।

उसके मुताबिक, करीब 30 हजार रुपये नकद के अलावा चांदी की पायजेब, सोने के कानों के कुंडल, हाथ फूल और चांदी की तगड़ी समेत अन्य सामान भी घर से गायब था।

इन सामानों को लेकर भी पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाए हैं।

हालांकि, घर से सामान ले जाने और उसकी वास्तविक मात्रा से संबंधित दावों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों से ही हो सकेगी।

पिता ने तीन महीने तक की तलाश

रामकिशन का कहना है कि पत्नी और बेटे के अचानक गायब होने के बाद उसने दोनों को खोजने की काफी कोशिश की।

उसका दावा है कि वह करीब तीन महीने तक पुलिस और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा। उसका आरोप है कि उसे अपेक्षित मदद नहीं मिली, जिसके बाद उसने प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने का फैसला किया।

पीड़ित ने कथित तौर पर सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है।

शिकायत में उसने दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पिता का कहना है कि उसके लिए यह केवल पत्नी के घर छोड़कर जाने का मामला नहीं है, बल्कि उसके नाबालिग बेटे से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है।

‘बेटा पहले मां के पैर छूता था’

शिकायतकर्ता ने अपने बयान में परिवार के पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया है।

उसका कहना है कि उसका बेटा पहले अपनी सौतेली मां का सम्मान करता था और उसके पैर छूता था। उसे कभी अंदाजा नहीं था कि कुछ समय बाद परिस्थितियां इतनी बदल जाएंगी।

पिता के लिए सबसे बड़ा झटका यही बताया जा रहा है कि जिस महिला को वह अपने परिवार का हिस्सा मानता था और जिस बेटे को लेकर वह भविष्य के सपने देख रहा था, दोनों ही कथित तौर पर उसके घर से चले गए।

उसका कहना है कि उसे समझ नहीं आया कि दोनों के बीच ऐसी स्थिति कब और कैसे पैदा हुई।

नाबालिग होने का दावा क्यों है महत्वपूर्ण?

इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू युवक की कथित उम्र है।

अगर जांच में यह साबित होता है कि घटना के समय युवक नाबालिग था, तो मामला सामान्य पति-पत्नी या पारिवारिक विवाद की तरह नहीं देखा जाएगा। नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून अलग तरीके से लागू होता है और उसकी उम्र की आधिकारिक पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण होती है।

ऐसी स्थिति में जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल रिकॉर्ड या अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर उम्र की जांच की जा सकती है।

इसके अलावा महिला की भूमिका, युवक की इच्छा, उसके साथ कौन गया, कहां गया और किन परिस्थितियों में गया—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी होगी।

यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली किसी कहानी के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

क्या दोनों ने शादी की?

शिकायतकर्ता की ओर से यह दावा सामने आया है कि दोनों कथित तौर पर घर से जाने के बाद अदालत में शादी करने पहुंचे।

लेकिन इस दावे की कानूनी स्थिति कई बातों पर निर्भर करेगी, जिसमें युवक की वास्तविक उम्र सबसे महत्वपूर्ण है।

अगर युवक नाबालिग पाया जाता है तो केवल किसी दस्तावेज या कथित विवाह के आधार पर मामले को सामान्य वयस्क विवाह के रूप में नहीं देखा जा सकता। संबंधित कानूनों के तहत अलग-अलग पहलुओं की जांच हो सकती है।

इसलिए कथित शादी की बात की भी आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।

पुलिस के सामने कई सवाल

इस मामले की जांच में पुलिस के सामने कई अहम सवाल होंगे।

सबसे पहले युवक की वास्तविक उम्र क्या है? दूसरा, वह अपनी इच्छा से घर से गया या उसे किसी तरह प्रभावित, दबाव या बहलावे में ले जाया गया? तीसरा, महिला के साथ उसके संबंधों की वास्तविक प्रकृति क्या थी? चौथा, घर से सामान ले जाने का आरोप कितना सही है? और पांचवां, दोनों इस समय कहां हैं?

इन सभी सवालों के जवाब मिलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

यदि पुलिस दोनों को खोज लेती है तो उनके बयान भी जांच में महत्वपूर्ण होंगे। नाबालिग होने की स्थिति में युवक से जुड़े बयान और उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

सिर्फ वायरल दावों से नहीं निकलेगा निष्कर्ष

ऐसे पारिवारिक मामलों में सोशल मीडिया पर कहानी तेजी से फैल सकती है। लेकिन सोशल मीडिया पर किसी पक्ष का बयान या दावा अपने आप में कानूनी रूप से अंतिम प्रमाण नहीं होता।

इस मामले में भी पिता ने जो आरोप लगाए हैं, वे उसकी शिकायत का हिस्सा हैं। दूसरी ओर महिला और युवक का पक्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की दूसरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।

विशेष रूप से जब मामला नाबालिग से जुड़ा हो, तब उसकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक करने में भी सावधानी बरतना जरूरी है।

पिता के लिए परिवार टूटने का दर्द

इस पूरे मामले का सबसे भावनात्मक पहलू शिकायतकर्ता पिता की स्थिति है।

एक तरफ वह अपनी पत्नी के घर छोड़कर जाने से परेशान है, दूसरी तरफ उसका बेटा भी उसके पास नहीं है। पिता का कहना है कि उसने कभी नहीं सोचा था कि परिवार के भीतर ऐसी स्थिति पैदा होगी।

उसकी शिकायत में पत्नी द्वारा कथित तौर पर नकदी और आभूषण ले जाने का आरोप भी है, जिससे आर्थिक नुकसान की बात सामने आती है।

लेकिन उसके लिए सबसे बड़ा सवाल सामान का नहीं, बल्कि अपने बेटे की स्थिति का है।

वह चाहता है कि पुलिस दोनों को खोजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे।

अब जांच से खुलेगा पूरा राज

फिलहाल नूंह का यह मामला कई सवालों के बीच उलझा हुआ है। शिकायतकर्ता पिता ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है और मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की है।

अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि पुलिस युवक और महिला को तलाश कर उनके बयान दर्ज करे और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करे।

युवक की उम्र, घर से जाने की परिस्थितियां, कथित विवाह, घर से गायब सामान और दोनों के बीच संबंधों को लेकर लगाए गए आरोप—इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र जांच जरूरी है।

अगर युवक वास्तव में नाबालिग है, तो उसकी सुरक्षा और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी होगी।

फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। एक पिता की शिकायत ने परिवार के भीतर पैदा हुए ऐसे विवाद को सामने ला दिया है, जिसमें रिश्तों के साथ-साथ नाबालिग की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों का सवाल भी जुड़ा हुआ है। अब पुलिस जांच ही तय करेगी कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, दोनों घर से क्यों गए और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वास्तविक कहानी क्या है।

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