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नेपाल से भारत सोना लाने वालों सावधान! 20-40 ग्राम की छूट के पीछे छिपा है बड़ा नियम, एक गलती और जब्त हो सकता है सोना



नेपाल से भारत आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सोना लेकर यात्रा करने के नियम अक्सर चर्चा में रहते हैं। खासकर तब, जब भारत और नेपाल के बीच बड़ी संख्या में लोग सड़क और हवाई मार्ग से यात्रा करते हैं। सोने के दाम बढ़ने के साथ यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि आखिर कोई यात्री नेपाल या किसी दूसरे देश से भारत लौटते समय कितना सोना बिना कस्टम ड्यूटी के ला सकता है और किस मात्रा के बाद उसे टैक्स देना पड़ता है।

भारतीय सीमा शुल्क नियमों के तहत विदेश में लंबे समय तक रहने वाले पात्र भारतीय यात्रियों को कुछ मात्रा में सोने के आभूषण ड्यूटी फ्री लाने की अनुमति है। मौजूदा नियमों के अनुसार, एक साल से अधिक समय से विदेश में रह रहे भारतीय यात्री अपने साथ महिला होने पर 40 ग्राम और पुरुष होने पर 20 ग्राम तक सोने के आभूषण निर्धारित मूल्य सीमा के भीतर बिना कस्टम ड्यूटी ला सकते हैं। महिलाओं के लिए यह मूल्य सीमा 1 लाख रुपये और पुरुषों के लिए 50 हजार रुपये है।

लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि यह छूट सोने के आभूषणों के लिए है। सोने की छड़, बिस्किट या सिक्कों को इसी ड्यूटी-फ्री आभूषण सीमा में नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए विदेश से सोना खरीदकर भारत लौटने वाले यात्रियों को सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि उनके पास मौजूद सोना किस श्रेणी में आता है।

महिलाओं के लिए 40 ग्राम और पुरुषों के लिए 20 ग्राम

भारत लौटने वाले पात्र यात्रियों के लिए सोने के आभूषणों की ड्यूटी-फ्री सीमा लंबे समय से सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है।

अगर कोई भारतीय यात्री एक साल से अधिक समय तक विदेश में रहा है तो वह महिला होने की स्थिति में 40 ग्राम तक और पुरुष होने की स्थिति में 20 ग्राम तक सोने के आभूषण बिना कस्टम ड्यूटी ला सकता है, लेकिन इसके साथ निर्धारित मूल्य सीमा भी लागू होती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी यात्री नेपाल जाकर 40 ग्राम सोना खरीदकर भारत में बिना टैक्स के ला सकता है। पात्रता, विदेश में रहने की अवधि, आभूषण की प्रकृति और उसकी घोषित कीमत जैसे नियम महत्वपूर्ण हैं।

यही वजह है कि केवल ग्राम देखकर फैसला करना सही नहीं होगा।

सोने की चेन और बिस्किट में है बड़ा अंतर

सोने को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम इसी बात पर होता है कि क्या 20 या 40 ग्राम की सीमा के अंदर कोई भी सोने का सामान भारत लाया जा सकता है।

ऐसा नहीं है।

ड्यूटी-फ्री सुविधा मुख्य रूप से निर्धारित शर्तों के तहत सोने के आभूषणों पर लागू होती है। यदि कोई व्यक्ति सोने का बिस्किट, बार या सिक्का लेकर आता है तो उसे आभूषण वाली ड्यूटी-फ्री सीमा का लाभ अपने आप नहीं मिल जाता।

इस अंतर को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि विदेश में सोना खरीदने वाले कुछ यात्री यह मान सकते हैं कि 40 ग्राम तक कोई भी सोना बिना टैक्स भारत लाया जा सकता है। लेकिन सीमा शुल्क नियमों में आभूषण और अन्य रूपों में सोने के लिए अलग प्रावधान हो सकते हैं।

गलत जानकारी के आधार पर ग्रीन चैनल से निकलने की कोशिश करना परेशानी खड़ी कर सकता है।

एक साल विदेश रहने की शर्त क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में सोने के आभूषणों की यह विशेष ड्यूटी-फ्री सुविधा हर यात्री के लिए नहीं है।

सीमा शुल्क विभाग के यात्री मार्गदर्शन के अनुसार, भारतीय मूल का वह यात्री जो एक साल से अधिक समय से विदेश में रह रहा हो, निर्धारित मात्रा में सोने के आभूषण ड्यूटी फ्री ला सकता है।

इसलिए अगर कोई व्यक्ति केवल कुछ दिनों या कुछ सप्ताह के लिए नेपाल गया और वहां से सोना खरीदकर लौट आया, तो वह अपने आप 40 ग्राम या 20 ग्राम वाली छूट का हकदार नहीं हो जाता।

यहां विदेश में रहने की अवधि एक महत्वपूर्ण शर्त है।

एक किलो तक सोना लाने का नियम भी है, लेकिन शर्तों के साथ

सोने से जुड़े नियमों में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान है, जिसके तहत पात्र यात्री निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर अधिक मात्रा में सोना भारत ला सकता है।

मौजूदा सीमा शुल्क प्रावधानों में पात्र यात्री के लिए कुल सोने की मात्रा अधिकतम एक किलोग्राम तक रखने की व्यवस्था का उल्लेख है। इसके लिए यात्री का भारतीय मूल का होना या वैध भारतीय पासपोर्ट होना और कम से कम छह महीने विदेश में रहने जैसी पात्रता शर्तें लागू होती हैं। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीमा शुल्क का भुगतान करना होता है।

यहां एक बेहद महत्वपूर्ण अंतर है—एक किलो तक सोना लाने की अनुमति का मतलब एक किलो सोना ड्यूटी फ्री लाना नहीं है।

ड्यूटी-फ्री सीमा और अधिक मात्रा में सोना लाने की अनुमति दो अलग-अलग बातें हैं।

40 ग्राम या 20 ग्राम वाली निर्धारित छूट के भीतर आने वाले पात्र आभूषणों पर नियम के अनुसार ड्यूटी नहीं लग सकती, जबकि अतिरिक्त मात्रा पर लागू सीमा शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है।

कस्टम्स को जानकारी छिपाना पड़ सकता है भारी

अगर किसी यात्री के पास ऐसी मात्रा में सोना है जिस पर सीमा शुल्क लागू होता है, तो उसे संबंधित कस्टम्स प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

यात्रियों के लिए सामान्य सलाह यही है कि यदि उनके पास ड्यूटी योग्य सामान है तो उसे कस्टम्स के सामने घोषित करें। CBIC के यात्री मार्गदर्शन के अनुसार, ड्यूटी योग्य या प्रतिबंधित सामान लेकर ग्रीन चैनल से निकलने पर यात्री के खिलाफ कार्रवाई, जुर्माना और सामान जब्त किए जाने जैसी स्थिति बन सकती है।

यानी सबसे बड़ा जोखिम सोना लेकर आने में ही नहीं, बल्कि उसकी सही घोषणा नहीं करने में हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति के पास निर्धारित सीमा से अधिक सोना है और वह उसे छिपाने की कोशिश करता है, तो मामला सामान्य यात्री सामान की जांच से आगे बढ़ सकता है।

नेपाल से आने वालों के लिए खास सावधानी

भारत-नेपाल के बीच बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इसलिए नेपाल से भारत आने वाले यात्रियों के लिए यह समझना जरूरी है कि भारत में प्रवेश करते समय भारतीय सीमा शुल्क नियम लागू होंगे।

नेपाल के अपने कस्टम्स नियम भी अलग हैं। नेपाल के आधिकारिक कस्टम्स विभाग के अनुसार, विदेश से लौटने वाले नेपाली यात्रियों के लिए सोने के आभूषणों पर महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग ड्यूटी-फ्री सीमाएं निर्धारित हैं। वर्तमान नेपाली नियमों में नेपाली यात्रियों के लिए महिला के मामले में 50 ग्राम और पुरुष के मामले में 25 ग्राम तक सोने के आभूषण ड्यूटी फ्री लाने का प्रावधान बताया गया है। अतिरिक्त मात्रा पर अलग नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं।

इसलिए नेपाल और भारत की सीमा पर दोनों देशों के नियमों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

नेपाल के नियम को भारत की सीमा न मानें

यात्रियों के बीच अक्सर यह भ्रम रहता है कि अगर नेपाल में किसी मात्रा तक सोना लाने या ले जाने की अनुमति है तो वही सीमा भारत में भी लागू होगी।

यह सोच गलत हो सकती है।

किसी देश से बाहर निकलते समय उस देश के निर्यात और कस्टम्स नियम लागू होते हैं, जबकि दूसरे देश में प्रवेश करते समय वहां के आयात और कस्टम्स नियम लागू होते हैं।

इसलिए नेपाल में किसी वस्तु को लेकर अनुमति मिलना यह सुनिश्चित नहीं करता कि भारत में भी वह वस्तु बिना शुल्क या बिना घोषणा के स्वीकार कर ली जाएगी।

सोने के मामले में यह अंतर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

सिक्के और बिस्किट लेकर क्यों बढ़ सकता है जोखिम?

सोने के आभूषणों की तुलना में सोने के सिक्के, बार और बिस्किट को लेकर सीमा शुल्क नियम ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

आभूषण व्यक्तिगत उपयोग से जुड़े सामान के रूप में पात्रता के तहत आ सकते हैं, लेकिन निवेश के उद्देश्य से खरीदा गया सोना अलग श्रेणी में आ सकता है।

इसलिए अगर कोई यात्री विदेश में सोने की कीमत कम देखकर बिस्किट या बार खरीदता है और यह सोचता है कि वजन 20 या 40 ग्राम के भीतर है तो वह आसानी से भारत ला सकता है, तो उसे पहले लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।

केवल वजन ही पर्याप्त नहीं है। सोने का रूप, यात्री की पात्रता, विदेश में रहने की अवधि, मूल्य और लागू सीमा शुल्क नियम सभी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

सोने की खरीदारी से पहले क्या करें?

विदेश से सोना खरीदने वाले यात्रियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सबसे पहले यह जांचें कि आप ड्यूटी-फ्री आभूषण सीमा के लिए पात्र हैं या नहीं। इसके बाद यह देखें कि सोना आभूषण के रूप में है या सिक्के, बार या बिस्किट के रूप में।

सोने की खरीद की रसीद और अन्य संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा यदि मात्रा निर्धारित ड्यूटी-फ्री सीमा से ज्यादा है तो एयरपोर्ट या संबंधित कस्टम्स प्वाइंट पर उचित घोषणा करना ज्यादा सुरक्षित रास्ता है।

कस्टम्स अधिकारियों से नियमों के अनुसार जानकारी लेना भी बेहतर है, खासकर तब जब सोने की मात्रा ज्यादा हो।

क्या बच्चों को भी सोने की छूट मिलती है?

यह भी एक ऐसा सवाल है जिसको लेकर काफी भ्रम रहता है।

हर बच्चे को अपने आप वयस्क यात्री वाली सोने की ड्यूटी-फ्री सीमा मिल जाएगी, ऐसा मानना सही नहीं है। सीमा शुल्क नियमों में यात्रियों की श्रेणी और उम्र के अनुसार अलग-अलग प्रावधान होते हैं।

इसलिए बच्चों के नाम पर अतिरिक्त मात्रा में सोना लाने से पहले लागू नियमों की स्पष्ट पुष्टि करना जरूरी है।

सिर्फ परिवार में बच्चा होने के आधार पर सोने की मात्रा बढ़ाने की कोशिश कस्टम्स जांच में परेशानी पैदा कर सकती है।

सबसे जरूरी बात—ग्राम नहीं, नियम समझिए

सोना लेकर विदेश से भारत लौटते समय सबसे ज्यादा ध्यान केवल 20 ग्राम या 40 ग्राम के आंकड़े पर दिया जाता है। लेकिन असल कहानी इससे कहीं ज्यादा बड़ी है।

यात्री को यह देखना होगा कि वह कितने समय से विदेश में रह रहा है, वह किस श्रेणी में आता है, सोना किस रूप में है, उसकी कीमत कितनी है और क्या उस पर ड्यूटी लागू होती है।

भारत के आधिकारिक यात्री मार्गदर्शन में एक साल से अधिक विदेश में रहने वाले भारतीय यात्री के लिए 20 ग्राम पुरुष और 40 ग्राम महिला की ड्यूटी-फ्री आभूषण सीमा दी गई है।

वहीं अधिक मात्रा में सोना लाने के लिए अलग प्रावधान और शर्तें मौजूद हैं। पात्र यात्री के लिए एक किलोग्राम तक सोना लाने की व्यवस्था भी निर्धारित शर्तों और शुल्क के साथ उपलब्ध है।

इसलिए विदेश से सोना खरीदकर लौटने वालों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि यात्रा से पहले लागू कस्टम्स नियमों की जांच करें और जरूरत पड़ने पर सामान की सही घोषणा करें।

क्योंकि सोना कितना है, यह जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण यह भी है कि वह किस रूप में है और उसे भारत लाने वाले यात्री की कानूनी पात्रता क्या है। एक छोटी सी गलती जहां अतिरिक्त टैक्स तक मामला ले जा सकती है, वहीं गलत घोषणा की स्थिति में सामान जब्त होने और कानूनी कार्रवाई का जोखिम भी पैदा हो सकता है।

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