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बेटे को कांवड़ लेने भेजा, फिर घर में हुआ खौफनाक खेल! पति की मौत के बाद रची लूट की कहानी, ऐसे खुला राज



नई दिल्ली। दिल्ली में पति की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस के मुताबिक एक महिला ने अपने दोस्त के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने 55 वर्षीय पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि हत्या से पहले महिला ने अपने बेटे को कांवड़ लाने के लिए घर से बाहर भेज दिया, ताकि वारदात के समय घर में कोई और मौजूद न रहे। इसके बाद महिला ने कथित तौर पर पति को नशे की दवा देकर बेहोश किया और दोस्त के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट की झूठी कहानी तैयार की। मामले की जांच के दौरान पुलिस को जब घटनाक्रम पर शक हुआ तो पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर कथित साजिश की परतें खुलने लगीं।

मामले में रश्मि नाम की महिला और उसके दोस्त चमन पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

बेटे को कांवड़ लेने भेजने का आरोप

पुलिस की जांच के मुताबिक, हत्या से पहले महिला ने अपने बेटे को कांवड़ लेने के लिए भेज दिया था। आरोप है कि इसका मकसद घर में ऐसी स्थिति बनाना था, जिसमें वारदात के दौरान पति और पत्नी के अलावा कोई मौजूद न रहे।

बेटे के घर से बाहर जाने के बाद कथित तौर पर महिला ने अपने दोस्त चमन को बुलाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर पति की हत्या की योजना को अंजाम दिया।

हालांकि, बेटे को घर से बाहर भेजने के पीछे वास्तव में क्या उद्देश्य था और पूरी साजिश कब तैयार की गई थी, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के दौरान ही स्पष्ट होगी। पुलिस इस मामले में आरोपियों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

नशे की दवा देकर बेहोश करने का आरोप

आरोप है कि हत्या से पहले महिला ने अपने 55 वर्षीय पति को नशे की दवा दी। दवा के असर से पति के बेहोश होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और उसकी जान ले ली।

पुलिस के अनुसार, हत्या में गला घोंटने और करंट लगाने का भी आरोप सामने आया है। यह पता लगाने के लिए कि मौत किस तरीके से हुई और शरीर पर किस तरह के चोट या अन्य निशान पाए गए, मेडिकल और फोरेंसिक जांच महत्वपूर्ण होगी।

मौत की वास्तविक वजह और वारदात के क्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में जुटाए गए अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों से होगी।

हत्या के बाद रची गई लूट की कहानी

हत्या के बाद कथित तौर पर आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। आरोप है कि घर के सामान को जानबूझकर अस्त-व्यस्त किया गया, ताकि पहली नजर में ऐसा लगे कि घर में लूट हुई है।

इसके बाद लूट की कहानी सामने रखी गई। लेकिन पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल की परिस्थितियों और बताए गए घटनाक्रम में कुछ बातें संदिग्ध लगीं।

आमतौर पर किसी हत्या या लूट की जांच में पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, घर की स्थिति, सामान के बिखरे होने के तरीके, प्रवेश और निकास के संभावित रास्तों तथा पीड़ित और परिवार के सदस्यों के बयानों को आपस में मिलाती है। इस मामले में भी पुलिस ने इसी तरह घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की।

दोस्त को 5 लाख रुपये देने का आरोप

जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि हत्या के बाद रश्मि ने अपने दोस्त चमन को 5 लाख रुपये देने की बात कही थी

बताया जा रहा है कि हत्या वाले दिन ही चमन को कथित तौर पर 20 हजार रुपये दिए गए थे। पुलिस अब इस लेनदेन को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

यदि यह रकम वास्तव में हत्या की साजिश से जुड़ी थी, तो इसका पता लगाने के लिए पुलिस पैसों के लेनदेन, आरोपियों की बातचीत और अन्य संबंधित साक्ष्यों की जांच कर सकती है। किसी भी आर्थिक लेनदेन को हत्या की वजह या साजिश से जोड़ने के लिए जांच एजेंसी को ठोस सबूत जुटाने होंगे।

पूछताछ में खुलने लगीं परतें

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने महिला और उसके दोस्त से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आए कथित बयानों और अन्य सुरागों को पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से मिलाया।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि यदि घर में लूट हुई थी तो वारदात के पीछे की परिस्थितियां क्या थीं और घर का सामान किस तरह बिखरा था। इसके अलावा पुलिस ने परिवार के सदस्यों की मौजूदगी, मृतक की गतिविधियों और घटना से पहले तथा बाद की परिस्थितियों की भी जांच की।

जांच में यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आखिर पति की हत्या की वजह क्या थी?

इस मामले में एक अहम सवाल हत्या की वजह को लेकर भी है। आरोपों के मुताबिक रश्मि और चमन ने मिलकर हत्या की साजिश रची, लेकिन इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्या हत्या के पीछे आर्थिक विवाद था? क्या दोनों के बीच पहले से कोई संबंध था? या फिर कोई अन्य वजह थी? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के अंतिम निष्कर्ष और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होंगे।

पुलिस इस मामले में कथित आर्थिक लेनदेन, आरोपियों के बीच संपर्क और हत्या से पहले की गतिविधियों की भी पड़ताल कर सकती है।

झूठी कहानी से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश?

हत्या के बाद लूट की कहानी बनाए जाने का आरोप इस मामले को और गंभीर बनाता है। अगर जांच में यह आरोप साबित होता है तो इसका मतलब होगा कि वारदात के बाद पुलिस को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश की गई थी।

लेकिन किसी भी आरोप को अंतिम रूप से सच मानने से पहले अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

बेटे के घर लौटने से पहले बदल दिया गया घटनास्थल?

इस पूरे मामले में बेटे को घर से बाहर भेजे जाने की बात भी जांच का अहम हिस्सा बन सकती है। आरोप है कि हत्या से पहले उसे कांवड़ लेने के लिए भेजा गया था। इसके बाद वारदात हुई और कथित तौर पर घर को लूट का रूप देने के लिए सामान बिखेरा गया।

अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि बेटे के घर से निकलने और घटना के सामने आने के बीच कितना समय था। इस समयावधि में कौन-कौन लोग घर पर पहुंचे, किससे संपर्क किया गया और वारदात के बाद क्या-क्या किया गया—इन सभी सवालों के जवाब जांच को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

पुलिस जुटा रही साक्ष्य

इस तरह के मामले में केवल आरोपियों के बयानों के आधार पर निष्कर्ष निकालना पर्याप्त नहीं होता। पुलिस को घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड, कथित पैसों के लेनदेन तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल करना होगा।

मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित हत्या में नशे की दवा, गला घोंटने और करंट लगाने के आरोपों की मेडिकल जांच से कितनी पुष्टि होती है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

एक लूट की कहानी और उसके पीछे छिपा हत्या का राज

दिल्ली का यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि शुरुआती तौर पर सामने आई कहानी कथित लूट की थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर हत्या की साजिश का आरोप सामने आया। 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत, बेटे को घटना से पहले घर से बाहर भेजना, नशे की दवा देने का आरोप, हत्या के बाद घर को अस्त-व्यस्त करना और दोस्त को कथित तौर पर 5 लाख रुपये देने का वादा—इन सभी घटनाक्रमों ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।

हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस रश्मि और चमन की कथित भूमिका, पैसे के लेनदेन और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। आने वाले समय में जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और कथित लूट की कहानी के पीछे कितनी सच्चाई थी।

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