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चालक चाबी लेकर हुआ फरार, फिर ARTO ने जो किया उसे देखकर हर कोई रह गया दंग! बस को ऐसे पहुंचाया ठिकाने



लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में परिवहन विभाग के एक अधिकारी का अनोखा एक्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां चेकिंग के दौरान एक बस के दस्तावेज पूरे नहीं मिले। जांच के बाद बस को सीज करने के निर्देश दिए गए, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही बस का चालक वाहन की चाबी लेकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद जो हुआ, उसे देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

आमतौर पर किसी वाहन को सीज करने की कार्रवाई में परिवहन विभाग की टीम वाहन को कब्जे में लेकर निर्धारित स्थान तक पहुंचाती है। लेकिन इस मामले में चालक के चाबी लेकर भाग जाने के बाद अधिकारी के सामने अलग ही चुनौती खड़ी हो गई। बस मौके पर खड़ी थी, लेकिन उसे चलाने वाला चालक वहां मौजूद नहीं था।

इसके बावजूद अधिकारी ने कार्रवाई रोकने के बजाय अपनी कार से बस को खींचकर मंडी परिसर तक पहुंचा दिया। अधिकारी के इस कदम की चर्चा अब इलाके में हो रही है।

बिना परमिट चल रही थी बस

मामला पीबी इंटर कॉलेज से जुड़ी बस का बताया जा रहा है। परिवहन विभाग की टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान अधिकारियों की नजर बस पर पड़ी और उसके कागजात की जांच की गई।

जांच के दौरान बस का वैध परमिट नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने नियमानुसार बस को सीज करने का निर्णय लिया। बस को मौके पर ही रोक लिया गया और उसे निर्धारित परिसर में ले जाने की तैयारी शुरू हुई।

लेकिन इसी दौरान स्थिति अचानक बदल गई।

कार्रवाई शुरू होते ही चाबी लेकर भागा चालक

जब अधिकारी बस को सीज करने की कार्रवाई कर रहे थे, तभी बस का चालक वाहन की चाबी लेकर मौके से फरार हो गया। चालक के भाग जाने से अधिकारी भी कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गए होंगे, क्योंकि बस को बिना चाबी के चलाकर ले जाना संभव नहीं था।

मौके पर बस खड़ी थी और चालक वहां से गायब हो चुका था। ऐसी स्थिति में कार्रवाई को टालना या बाद में बस को कब्जे में लेने का विकल्प हो सकता था, लेकिन अधिकारी ने ऐसा नहीं किया।

अधिकारी ने बस को वहीं छोड़ने के बजाय उसे किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का फैसला किया।

अपनी ही कार से बस को खींच दिया

चालक के चाबी लेकर फरार होने के बाद ARTO अधिकारी ने अपनी कार की मदद से बस को खींचकर मंडी परिसर तक पहुंचाने का फैसला किया। अधिकारी की कार से बस को खींचते हुए मंडी परिसर ले जाया गया और वहां उसे खड़ा कर दिया गया।

यह दृश्य आसपास मौजूद लोगों के लिए काफी अलग था। एक तरफ बस का चालक चाबी लेकर फरार हो चुका था, वहीं दूसरी तरफ अधिकारी ने कार्रवाई को पूरा करने के लिए अपनी कार का इस्तेमाल किया।

मौके पर मौजूद लोगों के बीच अधिकारी के इस एक्शन की चर्चा होने लगी। लोगों का कहना था कि अधिकारी चाहते तो चालक के वापस आने का इंतजार कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कार्रवाई को रुकने नहीं दिया।

अधिकारी के एक्शन की हो रही चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित पहलू यही है कि बस को सीज करने की कार्रवाई के दौरान चालक चाबी लेकर भाग गया, लेकिन अधिकारी पीछे नहीं हटे। उन्होंने अपनी कार से बस को खींचकर मंडी परिसर पहुंचा दिया।

परिवहन विभाग की कार्रवाई के दौरान इस तरह की स्थिति आम नहीं होती। यही वजह है कि लखीमपुर खीरी में यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

अधिकारी का उद्देश्य बस को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर विभागीय कार्रवाई पूरी करना बताया जा रहा है। बस को मंडी परिसर में खड़ा किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई विभागीय नियमों के अनुसार की जाएगी।

वैध कागजात क्यों जरूरी हैं?

सड़क पर चलने वाले किसी भी व्यावसायिक वाहन के लिए वैध दस्तावेज और जरूरी परमिट होना बेहद महत्वपूर्ण होता है। बिना वैध परमिट वाहन का संचालन नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।

परिवहन विभाग समय-समय पर वाहनों की चेकिंग करता है। इस दौरान वाहन का परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीकरण और अन्य जरूरी दस्तावेज देखे जाते हैं। दस्तावेजों में कमी मिलने पर वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

स्कूल से जुड़ी बसों के मामले में यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इन वाहनों में बड़ी संख्या में बच्चे सफर करते हैं। ऐसे में वाहन की फिटनेस और जरूरी कागजात की जांच सुरक्षा की दृष्टि से अहम होती है।

चालक के भागने से उठे सवाल

बस सीज होने की कार्रवाई के दौरान चालक का चाबी लेकर फरार हो जाना भी सवाल खड़े करता है। आखिर चालक ने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या उसे कार्रवाई का डर था या फिर कोई अन्य वजह थी? फिलहाल इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

चालक के फरार होने के बाद अधिकारी ने बस को मंडी परिसर तक पहुंचाकर कार्रवाई को आगे बढ़ाया। अब विभाग की ओर से यह भी देखा जा सकता है कि बस के दस्तावेजों में वास्तव में क्या कमी थी और वाहन किस स्थिति में संचालित किया जा रहा था।

यदि बस बिना वैध परमिट के चल रही थी तो विभागीय कार्रवाई का आधार यही नियम उल्लंघन होगा। वहीं चालक के फरार होने के मामले को भी विभाग अपने स्तर पर देख सकता है।

कार्रवाई के दौरान नहीं रुका अधिकारी का कदम

इस घटना में सबसे खास बात यह रही कि एक छोटी सी अड़चन के कारण कार्रवाई अधूरी नहीं छोड़ी गई। चालक के चाबी लेकर भाग जाने के बाद भी अधिकारी ने बस को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का रास्ता निकाला।

अपनी कार से बस को खींचकर मंडी परिसर ले जाने का यह तरीका भले ही सामान्य कार्रवाई से अलग नजर आया, लेकिन इससे यह जरूर पता चलता है कि अधिकारी बस को मौके पर छोड़ना नहीं चाहते थे।

अब यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि परिवहन विभाग की कार्रवाई का यह दृश्य लोगों के लिए असामान्य था। जहां एक ओर चालक चाबी लेकर मौके से गायब हो गया, वहीं अधिकारी अपनी कार से बस को खींचते नजर आए।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

बस को मंडी परिसर में खड़ा किए जाने के बाद अब विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। बस के दस्तावेजों की स्थिति, परमिट और अन्य जरूरी कागजात की जांच के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

वहीं चालक के फरार होने के बाद उसके संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। यह पता लगाने की कोशिश होगी कि चालक कहां गया और बस की चाबी लेकर भागने के पीछे उसकी क्या वजह थी।

फिलहाल लखीमपुर खीरी का यह मामला इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि बस को सीज करने की सामान्य कार्रवाई उस समय एक अलग ही मोड़ पर पहुंच गई, जब चालक चाबी लेकर फरार हो गया। लेकिन अधिकारी ने कार्रवाई रोकने के बजाय अपनी कार की मदद से बस को मंडी परिसर तक पहुंचा दिया।

चालक चाबी लेकर भागा, बस मौके पर खड़ी रही और फिर अधिकारी ने अपनी कार से ही बस को खींचकर ठिकाने तक पहुंचा दिया—लखीमपुर खीरी में ARTO की कार्रवाई का यह अंदाज अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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