सावधान! नाखूनों में दिख रहे ये 7 बदलाव हो सकते हैं गंभीर बीमारी का पहला संकेत, एक गलती पड़ सकती है भारी
नई दिल्ली। अधिकांश लोग नाखूनों को केवल सुंदरता और साफ-सफाई से जोड़कर देखते हैं, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नाखून शरीर के अंदर होने वाले कई बदलावों का संकेत भी दे सकते हैं। कई बार नाखूनों का रंग बदलना, उन पर धारियां पड़ना, बार-बार टूटना या उनका असामान्य आकार किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि नाखूनों में अचानक बदलाव दिखाई दें और यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच कराने से कई गंभीर बीमारियों का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।
1. पीले नाखून हो सकते हैं फंगल संक्रमण या अन्य बीमारी का संकेत
यदि नाखून लगातार पीले दिखाई दें और मोटे होने लगें, तो यह फंगल संक्रमण का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में लंबे समय तक पीले नाखून फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह या लसीका तंत्र से जुड़ी समस्या का भी संकेत हो सकते हैं।
अगर नाखूनों का रंग सामान्य नहीं हो रहा है और साथ में दर्द या सूजन भी है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
2. सफेद नाखून बता सकते हैं लिवर से जुड़ी परेशानी
पूरी तरह सफेद या अधिकांश हिस्सा सफेद दिखाई देने वाले नाखून कभी-कभी लिवर संबंधी बीमारियों, एनीमिया, कुपोषण या शरीर में प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकते हैं।
हालांकि हर सफेद नाखून बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार ऐसा दिखने पर चिकित्सकीय जांच कराना उचित माना जाता है।
3. नाखूनों पर काली या भूरी लकीर को नजरअंदाज न करें
यदि नाखून पर अचानक काली या गहरे भूरे रंग की लंबी लकीर दिखाई दे और वह बिना किसी चोट के बनी हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
कुछ मामलों में यह सामान्य कारणों से भी हो सकती है, लेकिन दुर्लभ परिस्थितियों में यह त्वचा के एक गंभीर प्रकार के कैंसर का संकेत भी हो सकती है। इसलिए बिना जांच के इसे सामान्य मान लेना ठीक नहीं है।
4. चम्मच जैसे नाखून शरीर में आयरन की कमी का संकेत
यदि नाखून बीच से धंस जाएं और किनारे ऊपर की ओर उठे हुए दिखाई दें, तो इसे कोइलोनिकिया कहा जाता है।
यह स्थिति अक्सर आयरन की कमी, एनीमिया या लंबे समय से चल रही पोषण संबंधी समस्या से जुड़ी हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह देते हैं।
5. बार-बार टूटते और कमजोर नाखून
अगर नाखून हल्के दबाव में टूटने लगें या बार-बार परतों में निकलने लगें, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
इनमें बायोटिन, आयरन, जिंक और अन्य पोषक तत्वों की कमी, थायरॉयड की समस्या, बार-बार पानी और केमिकल के संपर्क में रहना या बढ़ती उम्र शामिल हो सकती है।
यदि खानपान सुधारने के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
6. नीले नाखून शरीर में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकते हैं
यदि नाखूनों का रंग नीला या बैंगनी दिखाई देने लगे, तो यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है।
यह समस्या हृदय, फेफड़ों या रक्त संचार से जुड़ी बीमारियों में देखी जा सकती है। यदि सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या चक्कर आने जैसी परेशानी भी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
7. उभरी हुई धारियां या गड्ढे भी दे सकते हैं बीमारी का संकेत
नाखूनों पर गहरी धारियां, छोटे-छोटे गड्ढे या सतह का असामान्य हो जाना कई बार सोरायसिस, एक्जिमा, गठिया या अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है।
यदि यह बदलाव लंबे समय तक बने रहें, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि नाखूनों में निम्नलिखित बदलाव दिखाई दें, तो जांच कराने में देर नहीं करनी चाहिए—
अचानक रंग बदल जाना।
काली या भूरी नई लकीर दिखाई देना।
लगातार दर्द या सूजन होना।
नाखून का बार-बार टूटना या अलग होना।
नाखूनों का मोटा या विकृत हो जाना।
कई महीनों तक बदलाव बने रहना।
नाखूनों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय
संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
आयरन, जिंक, प्रोटीन और बायोटिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
नाखूनों को हमेशा साफ और सूखा रखें।
जरूरत से ज्यादा केमिकल और नेल पॉलिश रिमूवर का इस्तेमाल न करें।
फंगल संक्रमण से बचने के लिए व्यक्तिगत नेल कटर और साफ उपकरणों का उपयोग करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
क्या हर बदलाव बीमारी का संकेत होता है?
डॉक्टरों का कहना है कि हर बार नाखूनों में बदलाव किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। चोट, बढ़ती उम्र, मौसम, पोषण और जीवनशैली के कारण भी नाखूनों का रंग और बनावट बदल सकती है। लेकिन यदि बदलाव लंबे समय तक बना रहे या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ दिखाई दे, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
नाखून केवल हाथों की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि शरीर की अंदरूनी स्थिति के बारे में भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। पीले, सफेद, नीले या काले नाखून, बार-बार टूटना, धारियां पड़ना या आकार बदलना कई बार किसी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसलिए इन बदलावों को हल्के में लेने के बजाय समय पर चिकित्सकीय जांच कराना समझदारी है। शुरुआती पहचान से कई बीमारियों का इलाज अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

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