बैंक से मां ने निकाले थे पैसे, अगले दिन बेटे ने ही कर दिया ऐसा कांड! खेत में मिला खौफनाक राज, चप्पल ने खोला पूरा मामला
मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने कथित तौर पर अपनी ही मां की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटे ने अपनी मां से मोबाइल खरीदने के लिए 35 हजार रुपये मांगे थे। मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद बेटे ने कथित तौर पर गुस्से में आकर अपनी मां की हत्या की योजना बना डाली।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि उसे नशे के लिए पैसों की जरूरत थी। पैसे नहीं मिलने के बाद उसने बाजार से चाकू खरीदा और अपनी मां को बहाने से खेत की ओर ले गया। वहां उसने कथित तौर पर अपनी मां पर हमला कर दिया।
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि घटनास्थल पर छूटी एक चप्पल ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचा दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे आलम हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है और उसे 20 अगस्त को जेल भेज दिया गया।
मां से मांगे थे 35 हजार रुपये
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान नजमा खातून के रूप में हुई है। उनका बेटा आलम हुसैन मोबाइल खरीदने के लिए अपनी मां से 35 हजार रुपये मांग रहा था।
मां ने जब इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि नजमा खातून ने बेटे को डांटकर वहां से जाने के लिए कहा।
पुलिस पूछताछ में आलम ने कथित तौर पर बताया कि उसे मोबाइल खरीदने के अलावा नशे के लिए भी पैसों की जरूरत थी। मां के पैसे देने से इनकार करने के बाद वह नाराज हो गया।
जांच के मुताबिक, इसी घटना के बाद उसने अपनी मां की हत्या की योजना बनाई।
बाजार से खरीदा चाकू
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हत्या की योजना बनाने के बाद बाजार से करीब 350 रुपये में एक धारदार चाकू खरीदा।
इसके बाद उसने अपनी मां को किसी बहाने से खेत की ओर चलने के लिए कहा। मां को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनका अपना बेटा ही उनके खिलाफ इतनी गंभीर साजिश कर चुका है।
दोनों खेत की तरफ गए। वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी मां पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, हमले के दौरान नजमा ने अपने बेटे से ऐसा न करने की गुहार भी लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी वहां से निकल गया।
हत्या के बाद घर पहुंचकर रोने लगा
मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। आरोपी के मुताबिक, घटना के करीब 10 मिनट बाद उसे अपनी मां की हत्या करने का पछतावा होने लगा।
इसके बाद वह घर पहुंचा और जोर-जोर से रोने लगा। शुरुआत में परिवार और आसपास के लोगों को शायद यह समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
लेकिन पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो घटनास्थल से मिले सबूतों ने कहानी का रुख बदल दिया।
घटनास्थल पर मिली चप्पल ने खोला राज
इस हत्याकांड की जांच में पुलिस को घटनास्थल से एक चप्पल मिली। पुलिस ने चप्पल को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए जांच शुरू की।
घटनास्थल से मिले सुरागों और पुलिस की पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी। धीरे-धीरे पुलिस का शक मृतका के बेटे आलम हुसैन की तरफ गया।
इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपनी मां की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू समेत अन्य साक्ष्यों की भी जांच की है।
एक दिन पहले बैंक गई थी मां
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले यानी 18 अगस्त को नजमा खातून अरेराज स्थित यूनियन बैंक गई थीं।
बताया गया कि उन्होंने बैंक से पैसे निकाले और इसके बाद अपने बेटे आलम हुसैन के साथ बाइक से घर लौट रही थीं।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान बेटे की नजर मां के पास मौजूद पैसों पर पड़ी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके बाद ही आरोपी के मन में पैसों को लेकर लालच पैदा हुआ और उसने मां की हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी।
हालांकि, घटना के पीछे पैसों के अलावा नशे और मोबाइल खरीदने की इच्छा भी आरोपी के बयान में सामने आई है।
पैसे और नशे की जरूरत ने बिगाड़ा रिश्ता?
यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि परिवार के भीतर बढ़ते लालच और नशे की समस्या से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
एक तरफ बेटा अपनी मां से मोबाइल खरीदने के लिए हजारों रुपये मांग रहा था, वहीं पुलिस पूछताछ में उसके नशे के लिए भी पैसे की जरूरत होने की बात सामने आई।
जब मां ने पैसे देने से मना किया तो कथित तौर पर उसने ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी कल्पना किसी परिवार ने नहीं की होगी।
मां और बेटे का रिश्ता आमतौर पर दुनिया के सबसे मजबूत रिश्तों में माना जाता है। लेकिन इस घटना में पैसों की मांग और कथित नशे की जरूरत ने इसी रिश्ते को खूनी मोड़ दे दिया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। घटनास्थल की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया।
चप्पल सहित अन्य सबूतों की मदद से पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी आलम हुसैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ने अपनी मां की हत्या की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 20 अगस्त को जेल भेज दिया।
हत्या में इस्तेमाल चाकू और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अब किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या से पहले आरोपी ने किस तरह योजना बनाई थी और घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ।
इसके अलावा बैंक से पैसे निकालने के बाद मां और बेटे के बीच क्या बातचीत हुई थी, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी पहले से किसी तरह के नशे का आदी था और क्या पैसों को लेकर परिवार में पहले भी विवाद हुआ था।
घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इस पहलू से भी जांच की जा सकती है।
इलाके में घटना से मचा हड़कंप
मां की हत्या में बेटे का नाम सामने आने के बाद हरसिद्धि थाना क्षेत्र के लोग भी स्तब्ध हैं।
स्थानीय लोगों के लिए यह बात विश्वास करना मुश्किल है कि जिस बेटे के साथ नजमा खातून एक दिन पहले बैंक से पैसे निकालकर घर लौटी थीं, उसी बेटे पर अगले दिन उनकी हत्या का आरोप लगा।
घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
चप्पल बनी पुलिस के लिए अहम सुराग
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा घटनास्थल पर मिली चप्पल की हो रही है। अक्सर अपराध की जांच में छोटे-छोटे सुराग बड़ी कहानी का खुलासा कर देते हैं।
इस मामले में भी पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्य को नजरअंदाज नहीं किया। चप्पल की जांच और अन्य सबूतों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची।
इसके बाद पूछताछ में कथित तौर पर हत्या की पूरी कहानी सामने आई।
अब आगे क्या होगा?
आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपी के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच का उद्देश्य हत्या से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करना है, ताकि अदालत के सामने मामले से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
मोतिहारी की यह घटना एक बार फिर बताती है कि पैसों की लालसा, नशे की लत और पारिवारिक विवाद किस तरह बेहद खतरनाक मोड़ ले सकते हैं। जिस मां ने अपने बेटे के साथ बैंक जाकर पैसे निकाले थे, उसी के खिलाफ अगले दिन हत्या की साजिश रचे जाने के आरोप ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने परिवार और समाज के सामने कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं—आखिर एक मोबाइल और पैसों की जरूरत इतनी बड़ी कैसे हो गई कि मां-बेटे का रिश्ता ही खूनी संघर्ष में बदल गया?

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