सुबह उठते ही दिख रहे हैं ये 7 संकेत? कहीं बढ़ तो नहीं गई आपकी शुगर, डॉक्टरों ने दी बड़ी चेतावनी
डायबिटीज (मधुमेह) आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। भारत में भी लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। चिंता की बात यह है कि कई लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड शुगर सामान्य से अधिक है। शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, इसलिए लोग इन्हें सामान्य थकान या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह उठते समय शरीर में दिखाई देने वाले कुछ संकेत हाई ब्लड शुगर की ओर इशारा कर सकते हैं। हालांकि केवल इन लक्षणों के आधार पर डायबिटीज की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर ब्लड शुगर की जांच कराना उचित होता है।
1. सुबह उठते ही अत्यधिक प्यास लगना
यदि रातभर सोने के बाद भी सुबह उठते ही बहुत ज्यादा प्यास महसूस होती है और बार-बार पानी पीने की जरूरत पड़ती है, तो यह बढ़े हुए ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, तो शरीर अतिरिक्त शुगर को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और प्यास अधिक लग सकती है।
2. बार-बार पेशाब आना
यदि रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़े या सुबह उठते ही बार-बार पेशाब आने की समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन लगातार ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
3. मुंह का सूखना
सुबह उठते समय यदि मुंह अत्यधिक सूखा महसूस हो और पानी पीने के बाद भी राहत कम मिले, तो यह भी हाई ब्लड शुगर से जुड़ा एक संभावित संकेत हो सकता है।
हालांकि यह समस्या कुछ दवाओं, निर्जलीकरण या अन्य कारणों से भी हो सकती है।
4. धुंधला दिखाई देना
यदि सुबह उठने के बाद कुछ समय तक नजर धुंधली रहे या बार-बार ऐसा होने लगे, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
उच्च ब्लड शुगर आंखों के लेंस में अस्थायी बदलाव ला सकता है, जिससे कुछ लोगों में धुंधलापन महसूस हो सकता है।
5. लगातार थकान महसूस होना
पर्याप्त नींद लेने के बाद भी यदि सुबह उठते ही शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो, कमजोरी बनी रहे या दिनभर सुस्ती रहे, तो यह भी जांच का विषय हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर की कोशिकाएं जब ग्लूकोज का प्रभावी उपयोग नहीं कर पातीं, तो व्यक्ति को लगातार थकान महसूस हो सकती है।
6. हाथ-पैरों में झुनझुनी
यदि सुबह उठते समय हाथों या पैरों में झुनझुनी, जलन या सुन्नपन महसूस होता है और यह समस्या बार-बार होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर नसों को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसके अन्य कारण भी संभव हैं।
7. घाव का देर से भरना
यदि शरीर पर कोई छोटा घाव या कट लंबे समय तक ठीक न हो, तो यह भी डायबिटीज से जुड़ा एक संभावित संकेत हो सकता है।
उच्च ब्लड शुगर शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न लोगों में डायबिटीज का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है—
परिवार में डायबिटीज का इतिहास
मोटापा या बढ़ा हुआ वजन
शारीरिक गतिविधि की कमी
उच्च रक्तचाप
उच्च कोलेस्ट्रॉल
35 वर्ष से अधिक आयु (हालांकि कम उम्र में भी हो सकती है)
गर्भावधि मधुमेह का इतिहास
कैसे होती है जांच?
डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार निम्न जांच कराने की सलाह दे सकते हैं—
फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS)
पोस्टप्रांडियल ब्लड शुगर (PPBS)
HbA1c टेस्ट
रैंडम ब्लड शुगर
कौन-सी जांच उपयुक्त होगी, इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार करते हैं।
डायबिटीज से कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अपनाएं ये आदतें
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
मीठे पेय और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से बचें।
वजन नियंत्रित रखें।
पर्याप्त नींद लें।
तनाव कम करने की कोशिश करें।
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी रखें।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब, तेजी से वजन घटना, धुंधली नजर, अत्यधिक कमजोरी या घाव का देर से भरना जैसे लक्षण लगातार बने रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
समय पर जांच और उपचार से डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है और इससे होने वाली कई गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और डायबिटीज विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लक्षणों के आधार पर स्वयं यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि किसी व्यक्ति को डायबिटीज है। सही निदान केवल चिकित्सकीय जांच से ही संभव है।
वे सलाह देते हैं कि जिन लोगों में जोखिम कारक मौजूद हैं या जिनमें ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई देते हैं, उन्हें नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
सुबह उठते समय अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, मुंह सूखना, धुंधला दिखाई देना, लगातार थकान, हाथ-पैरों में झुनझुनी और घाव का देर से भरना जैसे संकेत कुछ लोगों में हाई ब्लड शुगर की ओर इशारा कर सकते हैं। हालांकि इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच कराना सबसे सुरक्षित और उचित कदम है। समय पर पहचान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर डायबिटीज को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

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