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शादी के बाद पति ने छिपाई ऐसी बात, डेढ़ साल तक चलता रहा बहानों का खेल… आखिर पत्नी ने उठाया बड़ा कदम



गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि शादी के बाद से ही उसका पति उससे दूरी बनाता रहा और शारीरिक संबंध बनाने से बचने के लिए अलग-अलग बहाने करता रहा। महिला के मुताबिक, करीब डेढ़ साल तक पति उसके साथ नहीं सोया और अक्सर रात में दूसरे कमरे या छत पर जाकर सो जाता था।

मामला गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। महिला के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि उसके पति की शारीरिक समस्या के बारे में ससुराल वालों को पहले से जानकारी थी, लेकिन यह बात उससे छिपाकर शादी कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

25 अप्रैल 2024 को हुई थी शादी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महिला की शादी 25 अप्रैल 2024 को गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के रहने वाले एक पशु चिकित्सक से हुई थी। महिला के परिवार का कहना है कि शादी में करीब 15 लाख रुपये और अन्य सामान दिया गया था।

महिला के भाई की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि शादी के बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग की जाती रही। परिवार का आरोप है कि उन्हें यह ताना दिया जाता था कि लड़का डॉक्टर है और उसके हिसाब से कार मिलनी चाहिए थी।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

सुहागरात से ही शुरू हुआ दूरी बनाने का सिलसिला

महिला ने अपनी शिकायत में शादी के बाद के शुरुआती दिनों को लेकर भी कई दावे किए हैं। उसका कहना है कि शादी के बाद जब वह अपने पति के साथ कमरे में गई तो पति रात में उसके पास नहीं आया।

अगली सुबह जब उसने पति से इस बारे में पूछा तो कथित तौर पर उसने बताया कि कोई जरूरी केस आने के कारण उसे बाहर जाना पड़ा था। महिला ने शुरुआत में इसे सामान्य बात समझकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

लेकिन उसके मुताबिक, इसके बाद लगभग हर रात पति कोई न कोई बहाना बनाकर उससे दूरी बनाने लगा। कभी वह दूसरे कमरे में सो जाता तो कभी छत पर जाकर सोने की बात सामने आई।

समय बीतने के साथ महिला को शक होने लगा कि आखिर पति उससे लगातार दूरी क्यों बना रहा है।

डेढ़ साल बाद दवाइयों से खुला राज?

महिला का दावा है कि पति के बैग में उसे कई दवाइयां मिलीं। उसने उन दवाओं के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की। महिला के मुताबिक, इसके बाद उसे पति की कथित शारीरिक समस्या के बारे में जानकारी मिली।

उसका आरोप है कि पति शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ था और इस समस्या के लिए उसकी दवा चल रही थी। महिला का कहना है कि शादी से पहले यह जानकारी उसे या उसके परिवार को नहीं दी गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, महिला ने जब पति से इस बारे में बात की तो उसने कथित तौर पर कहा कि कुछ समय तक दवा चलने के बाद समस्या ठीक हो जाएगी। महिला का आरोप है कि इसके बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पति की किसी बीमारी या शारीरिक अक्षमता की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। यह फिलहाल महिला द्वारा लगाया गया आरोप है और इसकी सच्चाई जांच तथा संबंधित चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।

मायके वालों को बताई बात तो बढ़ा विवाद

महिला का कहना है कि काफी समय तक स्थिति सहने के बाद उसने अपने मायके वालों को पति की कथित समस्या के बारे में बताया। इसके बाद परिवार के लोगों को भी मामले की जानकारी हुई।

महिला के अनुसार, जब ससुराल वालों को पता चला कि उसने अपने मायके में पति से जुड़ी निजी बातों का खुलासा कर दिया है, तो वे नाराज हो गए।

शिकायत के मुताबिक, इसके बाद महिला के साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। उसके भाई ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पति, सास, ससुर और ननद समेत परिवार के अन्य लोगों ने महिला के साथ मारपीट की।

पुलिस ने इन आरोपों को लेकर भी जांच शुरू कर दी है।

15 नवंबर 2024 की घटना का भी आरोप

मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि 15 नवंबर 2024 को उसके पति और ससुराल के अन्य सदस्यों ने उसके साथ मारपीट की।

महिला का दावा है कि मारपीट के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके कपड़े और जेवर ससुराल वालों ने अपने पास रख लिए।

जब मायके पक्ष के लोग महिला को वापस लेने या विवाद सुलझाने के लिए पहुंचे तो कथित तौर पर उन्हें भी धमकी देकर वहां से जाने के लिए कहा गया।

इन सभी आरोपों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। किसी भी पक्ष को दोषी मानने से पहले जांच पूरी होना और अदालत में आरोप साबित होना जरूरी है।

डॉक्टर पति पर क्यों लगे इतने गंभीर आरोप?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पति वास्तव में किसी ऐसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा था जिसके कारण वह वैवाहिक संबंध बनाने में असमर्थ था, तो क्या शादी से पहले इसकी जानकारी महिला और उसके परिवार को दी गई थी?

महिला का आरोप है कि यह जानकारी उससे छिपाई गई। उसका कहना है कि अगर उसे पहले से सच्चाई पता होती तो वह शादी को लेकर अपना निर्णय खुद ले सकती थी।

वहीं, इस तरह के मामलों में किसी व्यक्ति की निजी स्वास्थ्य जानकारी बेहद संवेदनशील होती है। इसलिए केवल शिकायत या आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति की बीमारी को तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं है। इस मामले में भी वास्तविक स्थिति मेडिकल जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

दहेज की मांग का भी आरोप

महिला के परिवार ने केवल पति की कथित शारीरिक समस्या को लेकर ही शिकायत नहीं की है। ससुराल वालों पर दहेज की मांग और प्रताड़ना के भी आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के मुताबिक, शादी में लाखों रुपये और काफी सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग की जाती रही। महिला के परिवार का आरोप है कि उसे इस मांग को लेकर मानसिक रूप से परेशान किया गया।

यदि जांच में दहेज संबंधी आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिस संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई कर सकती है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

महिला के भाई की तहरीर के आधार पर गोला थाने की पुलिस ने पति और ससुराल पक्ष के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बयान, परिवार के सदस्यों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को देखा जाएगा।

यदि पति की कथित स्वास्थ्य समस्या को लेकर कोई चिकित्सकीय रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेज सामने आते हैं तो उनकी भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामला सिर्फ पति-पत्नी के विवाद तक सीमित नहीं

यह मामला केवल वैवाहिक संबंधों से जुड़ा विवाद नहीं है। इसमें कथित दहेज मांग, घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपाने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।

ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनना और तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना बेहद जरूरी होता है। शिकायतकर्ता के आरोप गंभीर हैं, लेकिन आरोप साबित होना अलग कानूनी प्रक्रिया है।

अगर जांच में महिला के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, अगर किसी आरोप की पुष्टि नहीं होती है तो पुलिस और अदालत के निष्कर्ष को ही अंतिम माना जाएगा।

महिला ने क्यों उठाया कानूनी कदम?

महिला के अनुसार, उसने लंबे समय तक स्थिति ठीक होने का इंतजार किया। पति द्वारा इलाज चलने और भविष्य में समस्या ठीक हो जाने की कथित बात के बाद भी जब हालात नहीं बदले तो उसने अपने परिवार को जानकारी दी।

इसके बाद विवाद बढ़ने और कथित मारपीट के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

महिला की शिकायत अब पुलिस रिकॉर्ड का हिस्सा है और जांच जारी है। आने वाले समय में मेडिकल दस्तावेज, बयान और दूसरे साक्ष्य यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कि महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग महिला के आरोपों को गंभीर मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।

ऐसे संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की पहचान या निजी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को बिना पुष्टि के फैलाना उचित नहीं है। मामले से जुड़े लोगों की निजता का सम्मान करना भी जरूरी है।

गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले में एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि शादी के बाद से उसका पति उससे लगातार दूरी बनाता रहा और करीब डेढ़ साल तक वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं हुए। उसका आरोप है कि पति अपनी कथित शारीरिक समस्या के इलाज के नाम पर उसे लगातार आश्वासन देता रहा, लेकिन स्थिति नहीं बदली।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पति की समस्या के बारे में ससुराल वालों को पहले से जानकारी थी और यह बात उससे छिपाकर शादी कराई गई। इसके अलावा उसने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट कर घर से निकालने के आरोप भी लगाए हैं।

महिला के भाई की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पति की कथित नपुंसकता या शारीरिक असमर्थता का दावा अभी महिला का आरोप है, कोई न्यायिक रूप से स्थापित तथ्य नहीं। इसकी वास्तविकता मेडिकल जांच और जांच एजेंसी के सामने उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगी। वहीं, दहेज और मारपीट के आरोपों पर भी पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।

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