प्रेग्नेंसी, 20 लाख के शेयर और आखिरी रात… ट्विशा केस में CBI चार्जशीट ने खोल दिए कई चौंकाने वाले राज
भोपाल: मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने कथित दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोपों के संबंध में विस्तृत घटनाक्रम अदालत के सामने रखा है।
यह मामला 12 मई 2026 को उस समय सामने आया था, जब 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। शुरुआती पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया था, जबकि उनके परिवार ने शुरुआत से ही प्रताड़ना और मौत की परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। बाद में मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
अब CBI की चार्जशीट में सामने आए घटनाक्रम ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। चार्जशीट में कथित तौर पर ट्विशा के वैवाहिक जीवन में तनाव, गर्भावस्था को लेकर विवाद, पैसों और शेयरों को लेकर कथित दबाव तथा पति-सास के व्यवहार से जुड़े कई आरोपों का उल्लेख किया गया है।
महत्वपूर्ण: नीचे बताए गए कई तथ्य CBI की चार्जशीट में दर्ज आरोपों और जांच के निष्कर्षों से जुड़े हैं। ये अदालत में साबित हुए तथ्य नहीं हैं। आरोपी पक्ष को अपना बचाव करने का पूरा कानूनी अधिकार है।
शादी के कुछ ही महीनों बाद बिगड़ने लगा रिश्ता
ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी। दोनों की मुलाकात 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। शादी के बाद ट्विशा भोपाल में समर्थ के साथ रहने लगी थीं। लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्ते में तनाव की बात सामने आने लगी।
CBI की जांच के मुताबिक, ट्विशा और उनके ससुराल के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद था। इनमें कथित मानसिक प्रताड़ना, अपशब्द, आर्थिक मामलों और गर्भावस्था से जुड़ा विवाद प्रमुख बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी ने परिवार के सदस्यों के बीच हुई बातचीत, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया है। CBI ने ट्विशा की मौत से पहले और बाद की घटनाओं को जोड़कर पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश की है।
पति और सास पर गाली-गलौज और प्रताड़ना के आरोप
चार्जशीट के अनुसार, ट्विशा ने अपने वैवाहिक जीवन के दौरान कथित तौर पर अपमान और गाली-गलौज का सामना किया। आरोप है कि पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह कई बार ट्विशा के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करते थे।
बताया गया है कि शादी के बाद ट्विशा ने अपने पुराने रिश्तों के बारे में समर्थ को जानकारी दी थी। इसके बाद कथित तौर पर उनके बीच तनाव बढ़ा और समर्थ द्वारा उन्हें अपशब्द कहे जाने का सिलसिला शुरू हुआ।
CBI ने इस पूरे घटनाक्रम को कथित मानसिक प्रताड़ना के पैटर्न के रूप में जांचा है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति अदालत में सबूतों और सुनवाई के बाद ही तय होगी।
पिता को हार्ट अटैक के बाद नोएडा गई थीं ट्विशा
जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, मार्च 2026 में ट्विशा के पिता को हार्ट अटैक आया था। परिवार का दावा था कि ट्विशा अपने वैवाहिक जीवन को लेकर लगातार तनाव में थीं।
इसके बाद वह अपने पिता के घर नोएडा चली गई थीं। हालांकि, 24 मार्च 2026 को वह वापस भोपाल लौट आईं।
CBI की चार्जशीट में परिवार के साथ ट्विशा की बातचीत और उस दौरान सामने आई परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि शादी के बाद से मई में उनकी मौत तक मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद किस तरह बढ़ता गया।
पीरियड्स को लेकर सास के सवाल
चार्जशीट में एक और संवेदनशील पहलू का उल्लेख है। आरोप है कि गिरीबाला सिंह अक्सर ट्विशा से उनके पीरियड्स को लेकर सवाल करती थीं।
ट्विशा ने कथित तौर पर इसका जवाब देते हुए कहा था कि जब पीरियड्स नहीं आएंगे तो वह खुद बता देंगी।
इसके बाद अप्रैल में ट्विशा की प्रेग्नेंसी सामने आई। जांच के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 को ट्विशा को गर्भवती होने का पता चला और अगले दिन अस्पताल जाकर इसकी पुष्टि कराई गई।
यहीं से मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
प्रेग्नेंसी को लेकर घर में बढ़ा तनाव
CBI की जांच के मुताबिक, ट्विशा खुद भी इस बात को लेकर असमंजस में थीं कि उन्हें बच्चा रखना है या नहीं। वह कथित तौर पर निर्णय लेने के लिए समय चाहती थीं।
जब समर्थ सिंह को इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी मां गिरीबाला को बताया। इसके बाद 17 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच कथित तौर पर जमकर विवाद हुआ।
आरोप है कि इस दौरान ट्विशा के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया।
इसके बाद ट्विशा राजस्थान के नसीराबाद पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने माता-पिता से कथित तौर पर अपने ससुराल के हालात साझा किए।
माता-पिता से कही थी पति को लेकर गंभीर बात
चार्जशीट में परिवार की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर कई बातें सामने आई हैं। बताया गया है कि राजस्थान पहुंचने के बाद ट्विशा ने अपने माता-पिता को बताया कि सास उनसे लगातार पीरियड्स के बारे में सवाल करती थीं।
उन्होंने कथित तौर पर अपने पति के ड्रग्स लेने को लेकर भी चिंता जताई और कहा था कि इससे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि, समर्थ सिंह के परिवार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया था। शुरुआती जांच के दौरान गिरीबाला सिंह ने भी ट्विशा को लेकर कई अलग दावे किए थे। उन्होंने ट्विशा पर नशे और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के आरोप लगाए थे, जिन्हें ट्विशा के परिवार ने खारिज किया था।
20 लाख रुपये के शेयर भी बने विवाद की वजह?
मामले में आर्थिक विवाद की एक और कड़ी सामने आई है। जांच एजेंसी ने ट्विशा के करीब 20 लाख रुपये मूल्य के शेयरों से जुड़े मामले की भी जांच की है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्विशा के पास विभिन्न कंपनियों के शेयर थे। उनके परिवार का आरोप था कि समर्थ और गिरीबाला इन शेयरों को अपने नाम करवाना चाहते थे।
CBI इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या आर्थिक संपत्ति को लेकर विवाद वैवाहिक तनाव का हिस्सा था।
परिवार का आरोप है कि अप्रैल में ट्विशा को भोपाल के एक बैंक ब्रांच में ले जाया गया था और उनसे पैसों को ट्रांसफर करने को कहा गया। ट्विशा ने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह उनके पिता का पैसा है।
यह दावा भी फिलहाल जांच का हिस्सा है और अदालत में इसकी पुष्टि होना बाकी है।
नौकरी को लेकर भी कथित तौर पर उड़ाया जाता था मजाक
चार्जशीट में ट्विशा की नौकरी से जुड़े तनाव का भी उल्लेख बताया गया है।
परिवार के अनुसार, नौकरी छोड़ने के बाद समर्थ सिंह कथित तौर पर ट्विशा का मजाक उड़ाते थे। आरोप है कि उन्हें उनकी अंग्रेजी को लेकर भी अपमानित किया जाता था।
इसके बाद ट्विशा भोपाल छोड़कर नोएडा चली गई थीं और अपने दोस्तों से नौकरी तलाशने की बात कर रही थीं।
इसी दौरान उन्हें एक नौकरी का ऑफर मिला, जिसे उन्होंने बाद में स्वीकार भी कर लिया।
30 अप्रैल को अस्पताल पहुंचे दोनों
जांच के मुताबिक, 30 अप्रैल 2026 को ट्विशा और समर्थ भोपाल लौटे और बंसल अस्पताल गए। यहां गर्भावस्था को लेकर डॉक्टर से सलाह ली गई।
रिपोर्टों के अनुसार, उस समय बच्चे को नहीं रखने का फैसला किया गया। डॉक्टर ने कुछ दिनों की दवा और काउंसलिंग की सलाह दी तथा बाद में दोबारा आने के लिए कहा।
इसके बाद 6 मई को दोनों फिर अस्पताल पहुंचे। चार्जशीट के अनुसार, समर्थ ने डॉक्टर के सामने कहा कि बच्चा नहीं रखना है और यह दोनों का फैसला है।
उसी दिन ट्विशा को नौकरी का ऑफर मिलने की जानकारी भी सामने आई और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया।
मां को मैसेज- 'मुझे लेकर चले जाओ'
इसी घटनाक्रम के बीच ट्विशा ने अपनी मां को एक संदेश भेजा। परिवार के अनुसार, उन्होंने अपनी मां से उन्हें अपने पास बुलाने की बात कही थी।
परिवार का दावा है कि ट्विशा ने कहा था कि समर्थ अब उन्हें सहन नहीं कर पा रहे हैं और उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह एक साल से उन्हें झेल रहे हैं।
इसके बाद ट्विशा की मानसिक स्थिति को लेकर परिवार की चिंता और बढ़ गई।
7 मई को फिर अस्पताल गईं ट्विशा
चार्जशीट में 7 मई की घटना का भी उल्लेख है। बताया गया है कि ट्विशा अस्पताल गईं और गर्भपात कराने की बात कही।
अस्पताल में प्रक्रिया को लेकर डॉक्टर ने उस समय मना किया। इसके बाद 8 मई तक गर्भावस्था समाप्त होने की बात सामने आई।
इस पूरे घटनाक्रम की CBI ने अलग-अलग स्तर पर जांच की है। गर्भावस्था को लेकर किसका क्या निर्णय था और क्या ट्विशा पर कोई दबाव था, यह मामला जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल रहा।
12 मई की रात क्या हुआ?
मामले का सबसे अहम हिस्सा 12 मई की रात है। इसी दिन ट्विशा अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं।
CBI चार्जशीट और पहले सामने आए जांच संबंधी तथ्यों के अनुसार, उस रात ट्विशा और समर्थ के बीच विवाद हुआ था।
परिवार के मुताबिक, ट्विशा ने अपनी मां को फोन किया और रोते हुए बातचीत की। मां ने कथित तौर पर गिरीबाला सिंह से भी संपर्क किया और बताया कि ट्विशा रो रही हैं।
इसके बाद घर की घटनाओं को लेकर कई सवाल खड़े हुए।
CCTV में दिखा छत की ओर जाना और फिर शव नीचे लाना
इस मामले में CCTV फुटेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ट्विशा को घर की सीढ़ियों से ऊपर जाते हुए देखा गया था। करीब एक घंटे बाद समर्थ सिंह और दो अन्य लोग उनके शरीर को सीढ़ियों से नीचे लाते दिखाई दिए थे।
फुटेज में सीपीआर देने जैसी गतिविधि दिखाई देने की बात भी सामने आई थी।
CCTV के टाइमस्टैम्प को लेकर भी विवाद रहा। परिवार और जांच में इस समय को लेकर सवाल उठे थे। CBI ने डिजिटल साक्ष्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड को जोड़कर घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया।
पोस्टमार्टम में आत्महत्या का निष्कर्ष
शुरुआती पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया था। बाद में AIIMS दिल्ली की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मेडिकल निष्कर्षों में आत्महत्या की ओर संकेत किया गया था, जबकि परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई थी।
यही वजह थी कि मामला केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं रहा और इसमें कथित दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा तथा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की जांच शुरू हुई।
CBI ने डिजिटल सबूतों पर भी किया काम
जांच के दौरान CBI ने केवल बयानों पर निर्भर रहने के बजाय डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप बातचीत, CCTV, इंटरनेट गतिविधियों और आरोपियों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई गई।
जांच एजेंसी ने आरोपियों के वॉइस सैंपल और पासवर्ड-संरक्षित लैपटॉप तक पहुंच की भी मांग की थी। 12 और 13 मई की घटना के बाद आरोपियों द्वारा संपर्क किए गए लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ भी जांच का हिस्सा रही।
अब अदालत में होगी आरोपों की अगली परीक्षा
CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को अदालत में सबूतों के आधार पर परखा जाएगा।
समर्थ सिंह और गिरीबाला सिंह के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, लेकिन किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक अदालत में आरोप साबित न हो जाएं।
दोनों की न्यायिक हिरासत पहले भी बढ़ाई जा चुकी है और CBI ने जांच को अंतिम चरण में बताया था।
ट्विशा केस में अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में कई घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ती दिखाई देती हैं—शादी के बाद कथित तनाव, प्रताड़ना के आरोप, गर्भावस्था, बच्चे को लेकर विवाद, आर्थिक संपत्ति से जुड़े आरोप, नौकरी को लेकर तनाव और आखिर में 12 मई की रात की घटनाएं।
CBI ने इन सभी पहलुओं को अपनी जांच में शामिल किया है। अब अदालत में यह तय होगा कि चार्जशीट में प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को किस हद तक साबित करते हैं।
इस मामले में एक बात स्पष्ट है कि ट्विशा की मौत को लेकर शुरू से ही दो अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। एक ओर परिवार ने प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोप लगाए, वहीं आरोपी पक्ष ने ट्विशा की मानसिक स्थिति और अन्य व्यक्तिगत परिस्थितियों को लेकर अलग दावे किए। CBI की चार्जशीट अब इन दावों और उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायिक जांच के सामने ले आई है।

कोई टिप्पणी नहीं