मां की आखिरी कोशिश भी नहीं बचा सकी परिवार! iPhone नहीं था असली वजह, मौत से पहले के 5 सेकंड में छिपा पूरा राज
छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में खावड्या डूंगर पर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। मृतकों की पहचान 19 वर्षीय कुणाल चांदगुडे, उनके पिता मुरलीधर चांदगुडे और मां संगीता के रूप में हुई है। शुरुआती खबरों में इस घटना को iPhone की किस्त को लेकर हुए विवाद से जोड़कर देखा गया था, लेकिन बाद में सामने आए परिवार के बयानों और नए वीडियो ने मामले में पारिवारिक तनाव और कुणाल की मानसिक स्थिति का एक अलग पहलू सामने रखा है।
घटना शुक्रवार को तिसगांव क्षेत्र के खावड्या डूंगर पर हुई। रिपोर्टों के मुताबिक कुणाल सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर पहुंचा था। उसके माता-पिता को जब इसकी जानकारी मिली तो वे भी वहां पहुंचे और उसे वापस घर लाने की कोशिश करने लगे। पुलिस, दमकलकर्मी, ग्रामीण और परिवार के अन्य लोगों ने भी काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले प्रयासों के बावजूद स्थिति नहीं संभल सकी और देखते ही देखते पूरा परिवार इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आ गया।
शुरुआत में iPhone विवाद को बताया गया कारण
घटना के बाद सामने आई शुरुआती पुलिस जानकारी में बताया गया कि कुणाल ने एक iPhone खरीदा था और उसकी किस्त चुकाने के लिए परिवार से पैसे मांग रहा था। इसी मुद्दे को लेकर उसके पिता से विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से निकलकर पहाड़ी की ओर चला गया।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कुणाल के पास पहले से iPhone था और वह उसकी EMI के भुगतान को लेकर परिवार से पैसे मांग रहा था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच बहस हुई थी।
इसी वजह से शुरुआती रिपोर्टों में यह कहा गया कि महंगे मोबाइल की मांग या उसकी किस्तों को लेकर पैदा हुआ तनाव इस घटना की पृष्ठभूमि में था। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि मौके पर मौजूद लोगों ने कुणाल को समझाने के लिए नया iPhone देने तक की पेशकश की, लेकिन वह शांत नहीं हुआ।
हालांकि, बाद में सामने आए बयानों ने कहानी को सिर्फ iPhone विवाद तक सीमित मानने पर सवाल खड़े कर दिए।
मां के वीडियो से सामने आया अलग पहलू
घटना के बाद कुणाल की मां संगीता से जुड़े एक वीडियो और परिवार के बारे में सामने आई जानकारी ने मामले को नया मोड़ दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, परिवार में पहले से तनाव और विवाद की स्थिति थी और पुलिस अब मानसिक स्थिति तथा पारिवारिक परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
नए वीडियो में संगीता अपने बेटे को शांत करने और सुरक्षित स्थान पर आने के लिए समझाती दिखाई देती हैं। वह काफी देर तक उससे बात करने की कोशिश करती हैं। इस वीडियो ने घटना के आखिरी घंटों की भयावह स्थिति को सामने ला दिया है।
मां की कोशिशों के बावजूद कुणाल वहां से हटने को तैयार नहीं हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने भी उसे समझाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार और बचाव दल ने लंबे समय तक स्थिति को संभालने की कोशिश की।
पिता ने बेटे को बचाने की कोशिश की
मामले की सबसे दर्दनाक कड़ी तब सामने आई जब कुणाल के पिता मुरलीधर ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। रिपोर्टों के अनुसार, पिता उसके पास पहुंचे और उसे पीछे खींचने का प्रयास किया।
इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। इसके बाद मां संगीता ने अपने पति और बेटे को गिरते देखा। घटनाक्रम कुछ ही समय में इतना भयावह हो गया कि परिवार के तीनों सदस्यों की जान चली गई।
दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान चलाया, लेकिन तीनों को बचाया नहीं जा सका।
मां की आखिरी कोशिशों का वीडियो हुआ वायरल
घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो में संगीता को अपने बेटे के सामने बेहद परेशान हालत में उससे पीछे हटने की अपील करते हुए देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, वह कभी उससे बात करती हैं, कभी उसके करीब जाने की कोशिश करती हैं और फिर अचानक पीछे हट जाती हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों को झकझोर रहा है। वीडियो में दिखाई देने वाली मां की बेबसी इस घटना की गंभीरता को और स्पष्ट करती है।
परिवार पहले भी झटके से गुजर चुका था
रिपोर्टों और परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, चांदगुडे परिवार पहले भी एक बड़े सदमे से गुजर चुका था। परिवार के एक बड़े बेटे की बीमारी के कारण मौत होने की बात सामने आई है। इसके बाद परिवार में लंबे समय से तनाव और परेशानी का माहौल होने की जानकारी भी सामने आई है।
मुरलीधर चांदगुडे ट्रक चालक के रूप में काम करते थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा उनके ऊपर था। ऐसे में मोबाइल की किस्त और घरेलू आर्थिक दबाव को लेकर विवाद होने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि घटना का एकमात्र कारण आर्थिक विवाद या iPhone था। जांच में परिवार की परिस्थितियों और कुणाल की मानसिक स्थिति समेत सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
‘iPhone के लिए जान दी’ वाली बात पर क्यों उठे सवाल?
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर यह बात तेजी से फैल गई कि एक महंगे iPhone की मांग ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। लेकिन बाद में सामने आए परिवार के बयान और वीडियो ने इस दावे को अधिक जटिल बना दिया है।
कुछ रिपोर्टों में पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि कुणाल के पास पहले से iPhone था और विवाद उसकी EMI चुकाने के लिए पैसे को लेकर हुआ था। दूसरी ओर, परिवार से सामने आए बयान मानसिक तनाव और पुराने पारिवारिक विवाद की ओर भी इशारा करते हैं।
इसलिए फिलहाल इस घटना को केवल ‘iPhone की जिद’ का नतीजा बताना पूरी तस्वीर नहीं हो सकती। पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार थे।
एक साथ खत्म हो गया पूरा परिवार
कुणाल, मुरलीधर और संगीता की मौत के बाद परिवार और पूरे इलाके में मातम है। अस्पताल में शवों को देखकर रिश्तेदारों के भावुक होने की खबरें सामने आई हैं। एक रिश्तेदार के दर्द भरे सवाल ने इस त्रासदी की भयावहता को और उजागर कर दिया कि अब राखी के मौके पर भाई को फोन कौन करेगा।
एक परिवार, जिसने कुछ ही घंटों पहले अपने बेटे को बचाने की कोशिश शुरू की थी, कुछ समय बाद अपने तीन सदस्यों को खो चुका था।
मानसिक तनाव को नजरअंदाज न करें
इस घटना ने युवाओं में मानसिक तनाव, पारिवारिक संवाद और भावनात्मक संकट को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई दे, वह लगातार निराशा व्यक्त करे या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात करे तो परिवार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय तुरंत उसके पास रहना, खतरनाक स्थानों या वस्तुओं से दूर करना और विशेषज्ञ या आपातकालीन सहायता लेना जरूरी है।
खावड्या डूंगर की यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह याद दिलाती है कि किसी भी आर्थिक विवाद या पारिवारिक तनाव के पीछे छिपे मानसिक संकट को समय रहते पहचानना कितना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। शुरुआती रिपोर्टों में iPhone की EMI को विवाद की वजह बताया गया था, जबकि बाद की जानकारी में पारिवारिक तनाव और मानसिक स्थिति का पहलू भी सामने आया है। इसलिए घटना के अंतिम कारणों पर निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

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