सौरव गांगुली और पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी! 6 महीने से आ रहे थे खत, नए पत्र के बाद मचा हड़कंप
कोलकाता: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद कोलकाता में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिवार की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने धमकी भरे पत्रों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन्हें किसने भेजा और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या है।
बताया जा रहा है कि सोमवार को सौरव गांगुली के कार्यालय में धमकी भरे दो पत्र मिले। पत्रों की भाषा बेहद गंभीर और आपत्तिजनक बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार, इनमें गांगुली, उनकी पत्नी और उनके करीबी लोगों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है।
मामले की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि परिवार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पिछले करीब छह महीने से इसी तरह के पत्र लगातार भेजे जा रहे थे। शुरुआती दौर में परिवार ने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया और यह मानकर नजरअंदाज करता रहा कि शायद किसी उत्साही प्रशंसक या शरारती व्यक्ति की हरकत हो सकती है। लेकिन लगातार पत्र आने और उनकी भाषा में कथित तौर पर बढ़ती आक्रामकता के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क करना उचित समझा।
छह महीने से लगातार आ रहे थे पत्र
मिली जानकारी के अनुसार, गांगुली से जुड़े कार्यालय में पिछले कुछ महीनों से अलग-अलग पत्र पहुंच रहे थे। शुरुआत में इन पत्रों को सामान्य समझकर ज्यादा महत्व नहीं दिया गया। परिवार को लगा कि संभवत: किसी प्रशंसक की भावनात्मक प्रतिक्रिया या किसी व्यक्ति की शरारत हो सकती है।
लेकिन समय बीतने के साथ जब ऐसे पत्र आने का सिलसिला नहीं रुका, तो चिंता बढ़ने लगी। सोमवार को मिले नए पत्रों में कथित तौर पर सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना को सीधे नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस के पास शिकायत पहुंचने के बाद अब इस बात की जांच की जा रही है कि पिछले छह महीनों के दौरान भेजे गए पत्रों और सोमवार को मिले पत्रों के बीच कोई संबंध है या नहीं।
दो नए पत्र मिलने के बाद पुलिस से शिकायत
पुलिस के अनुसार, सोमवार को गांगुली के कार्यालय में दो पत्र मिले। इन पत्रों को लेकर उनके मैनेजर की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत में कथित तौर पर बताया गया है कि पत्रों में गांगुली और उनकी पत्नी को जान से मारने तथा उनके करीबी लोगों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी अब पत्रों की सामग्री, उन्हें भेजने के तरीके और उन पर उपलब्ध अन्य सुरागों की जांच कर रहे हैं।
जांचकर्ताओं की कोशिश यह पता लगाने की है कि पत्र वास्तव में किस व्यक्ति ने भेजे और क्या उसका कोई सीधा संबंध गांगुली परिवार से है।
ठाकुरपुकुर थाने में दर्ज हुई शिकायत
मामले को लेकर दक्षिण कोलकाता के ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
इसके साथ ही राज्य सरकार के सुरक्षा विभाग को भी मामले की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। परिवार की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है।
गांगुली देश के सबसे लोकप्रिय क्रिकेट खिलाड़ियों में रहे हैं और भारतीय क्रिकेट में उनकी एक अलग पहचान है। क्रिकेटर के रूप में उनके लंबे करियर और बाद में क्रिकेट प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहने के कारण उनके सार्वजनिक जीवन का दायरा काफी बड़ा है। ऐसे में धमकी की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
जांच में सामने आया अहम सुराग
पुलिस की शुरुआती जांच में कथित तौर पर एक अहम जानकारी सामने आई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इन पत्रों को उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा कूरियर के माध्यम से भेजे जाने का संकेत मिला है।
हालांकि, पुलिस ने अभी इस व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि संबंधित व्यक्ति ने वास्तव में पत्र भेजे थे या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम या पते का इस्तेमाल किया।
कूरियर से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पत्र किस स्थान से बुक किए गए, उन्हें किसने जमा किया और डिलीवरी की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
पत्रों की भाषा और सामग्री की जांच
धमकी भरे पत्रों की सामग्री भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। अधिकारी यह देख रहे हैं कि सभी पत्रों में एक जैसी भाषा, शब्द या लिखने का तरीका इस्तेमाल किया गया है या नहीं।
अगर पुराने और नए पत्रों में लिखावट, भाषा या धमकी देने के तरीके में समानता मिलती है तो इससे पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सभी पत्र एक ही व्यक्ति ने भेजे या किसी एक समूह से जुड़े हैं।
इसके अलावा पुलिस पत्रों से जुड़े अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। कूरियर बुकिंग से संबंधित जानकारी, संभावित CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड जांच को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
क्या गांगुली परिवार की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी?
धमकी की शिकायत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल परिवार की सुरक्षा को लेकर है। राज्य सुरक्षा विभाग को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
गांगुली का कोलकाता में घर है और उनके सार्वजनिक जीवन को देखते हुए उनके कार्यक्रमों तथा आवागमन के दौरान सुरक्षा पहले से ही महत्वपूर्ण रहती है। अब लगातार धमकी भरे पत्रों की शिकायत सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां खतरे का आकलन कर सकती हैं।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करना और यह पता लगाना है कि धमकी महज डराने के लिए दी गई या इसके पीछे कोई वास्तविक योजना भी थी।
सौरव गांगुली का क्रिकेट और प्रशासन में बड़ा कद
सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित नामों में से एक हैं। उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी ऐसे दौर में संभाली थी जब टीम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूत और आक्रामक पहचान दिलाने की कोशिश चल रही थी।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी गांगुली क्रिकेट प्रशासन से जुड़े रहे। वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।
इसी वजह से उनका सार्वजनिक जीवन काफी सक्रिय रहा है और देशभर में उनके प्रशंसकों की बड़ी संख्या है। हालांकि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि धमकी देने वाले व्यक्ति का गांगुली के क्रिकेट या प्रशासनिक जीवन से कोई संबंध है या नहीं।
परिवार ने पहले क्यों नहीं की शिकायत?
इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि अगर पिछले छह महीनों से पत्र मिल रहे थे तो पुलिस से पहले ही संपर्क क्यों नहीं किया गया।
परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया गया था। उन्हें किसी प्रशंसक या शरारती व्यक्ति की हरकत मानकर नजरअंदाज किया गया।
लेकिन जब पत्र लगातार आने लगे और उनकी भाषा कथित तौर पर अधिक आक्रामक होती गई, तब परिवार को खतरे की गंभीरता महसूस हुई। सोमवार को मिले पत्रों के बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
अब पुलिस के सामने कई सवाल
जांच एजेंसियों के सामने अब कई सवाल हैं। आखिर छह महीने से पत्र कौन भेज रहा था? क्या सभी पत्र एक ही व्यक्ति ने भेजे? क्या बेलघरिया से सामने आया कथित सुराग सही है? पत्र भेजने के पीछे मकसद क्या था? और क्या गांगुली या उनके परिवार को वास्तव में कोई खतरा है?
इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस धमकी भरे पत्रों को गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच कर रही है। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी संबंधित विभागों को जानकारी दी गई है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि पत्र भेजने वाले व्यक्ति की पहचान जल्द से जल्द की जाए और धमकी के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जाए।
इस पूरे मामले ने सौरव गांगुली के प्रशंसकों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। हालांकि अभी तक किसी वास्तविक हमले की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन छह महीने से कथित तौर पर जारी धमकी भरे पत्रों और सोमवार को मिले नए पत्रों ने मामले को गंभीर जरूर बना दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर इन धमकी भरे पत्रों के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या है।

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