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इटावा एनकाउंटर पर गरमाया विवाद, वायरल वीडियो को लेकर अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस पर साधा निशाना

 


इटावा, उत्तर प्रदेश | 20 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना में डबल मर्डर के आरोपी मुकेश यादव के पुलिस एनकाउंटर के बाद सामने आए एक वीडियो को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भरथना थाना प्रभारी विक्रम सिंह घायल आरोपी से मौके पर ही पूछताछ करते और उसके पैर में पट्टी बांधते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस और योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

एनकाउंटर के बाद वायरल हुआ वीडियो

मामला 17 अगस्त को इटावा के भरथना थाना क्षेत्र में हुई मां-बेटी की हत्या से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, इस डबल मर्डर की जांच के दौरान आरोपी मुकेश यादव के बारे में जानकारी मिली। पुलिस का दावा है कि उसे पकड़ने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एनकाउंटर के बाद का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें थाना प्रभारी विक्रम सिंह घायल आरोपी के पैर में पट्टी बांधते और उससे मौके पर ही पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर बरामद सामान से संबंधित पूछताछ और कार्रवाई भी रिकॉर्ड होती नजर आती है।

अखिलेश यादव ने 'फिल्म सिटी' से की तुलना

वीडियो सामने आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्रवाई को लेकर व्यंग्य किया।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि "उप्र में फिल्म सिटी की शूटिंग चालू है" और आरोप लगाया कि कहानी-पटकथा से लेकर डायरेक्शन और वेशभूषा तक पुलिसकर्मी ही संभाल रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एनकाउंटर के बाद मौके पर ही पट्टी बांधकर पूछताछ क्यों की जा रही थी।

सपा प्रमुख ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और पूछा कि "क्या यूपी में कोई गृहमंत्री है?" उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।

पुलिस ने बताया- वीडियो साक्ष्य के लिए बनाया गया

वहीं, पुलिस की ओर से वीडियो को लेकर अलग पक्ष सामने आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो किसी नाटकीय प्रस्तुति या दिखावे के लिए नहीं बनाया गया था, बल्कि इसे एविडेंस यानी साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ और बरामदगी से संबंधित कार्रवाई को रिकॉर्ड करना जांच प्रक्रिया का हिस्सा था।

पुलिस का यह भी दावा है कि मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से कारतूस और स्कूटी से नकदी बरामद करने की बात भी कही है।

डबल मर्डर की जांच से जुड़ा है मामला

यह पूरा घटनाक्रम इटावा के भरथना क्षेत्र में हुई मां-बेटी की हत्या की जांच से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को 38 वर्षीय निर्मला और उनकी मां पुष्पा देवी की हत्या की सूचना मिली थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की टीमें लगाई गई थीं।

पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन एनकाउंटर के बाद सामने आए वीडियो ने कार्रवाई के तरीके पर राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो ने बढ़ाई सियासी गर्मी

वायरल वीडियो को लेकर अब सवाल एनकाउंटर से आगे बढ़कर पुलिस की कार्रवाई की रिकॉर्डिंग और उसके तरीके पर केंद्रित हो गया है। अखिलेश यादव ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है, जबकि पुलिस इसे जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया बता रही है।

फिलहाल मामले में पुलिस के दावों और विपक्ष के आरोपों के बीच विवाद जारी है। वायरल वीडियो की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई की पूरी तस्वीर संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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