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काकोरी मंदिर समारोह में BJP विधायक जय देवी कौशल का जातिगत भेदभाव का आरोप, बोलीं- आलाकमान से करूंगी शिकायत

 


लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 19 अगस्त 2026 लखनऊ के काकोरी में मंदिर जीर्णोद्धार समारोह के दौरान भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने अपने साथ कथित जातिगत भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है। विधायक का कहना है कि वह निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंदिर पहुंचीं, लेकिन उन्हें पूजा-अर्चना करने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वहां अन्य लोगों से पूजा कराई गई।

जय देवी कौशल के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए उन्होंने पहले ही अपना समय दिया था और आयोजन में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंची थीं। उनका आरोप है कि पूरी व्यवस्था होने के बावजूद उन्हें पूजा में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे सामान्य अव्यवस्था नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव का मामला बताया।

विधायक ने कहा, "मेरा कार्यक्रम था और मैंने समय दे दिया था और कल सुबह जब मैं गई तो वहां मुझसे पूजा नहीं करवाया गया।" उन्होंने आगे कहा कि यदि उनके साथ भेदभाव नहीं हुआ होता तो उन्हें पूजा करने से क्यों रोका जाता।

पूजा के दौरान विधायक को अलग रखने का आरोप

विधायक के अनुसार, मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पांच ईंटें रखी गईं और पंडित द्वारा पूजा की गई, लेकिन उन्हें पूजा में शामिल नहीं किया गया। उनका कहना है कि वह वहां मौजूद रहीं, जबकि अन्य लोगों को धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने का अवसर मिला।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उनकी निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में पहचान को भी नजरअंदाज किया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों और आयोजन से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

'सबका साथ, सबका विकास' पर उठाया सवाल

जय देवी कौशल ने कहा कि सरकार की ओर से 'सबका साथ, सबका विकास' और समानता की बात की जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस तरह की घटनाएं अलग तस्वीर पेश करती हैं। उनके आरोपों के मुताबिक, निचले स्तर पर मौजूद कुछ लोगों के व्यवहार के कारण भेदभाव की स्थिति पैदा हुई।

घटना के संदर्भ में मंडल अध्यक्ष रवि राज लोधी और रोहित जी समेत कुछ स्थानीय लोगों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इन व्यक्तियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

आलाकमान से शिकायत करेंगी विधायक

भाजपा विधायक ने साफ कहा कि वह इस मामले को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया गया है और इसकी शिकायत वह आलाकमान से करेंगी।

जय देवी कौशल ने अपने बयान में खुद को जनता द्वारा चुनी गई प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह जनता के वोट से चुनी गई हैं, तो उनकी मौजूदगी और पद को नजरअंदाज क्यों किया गया।

आरोपों पर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार

काकोरी में हुए इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। विधायक ने इसे जातिगत भेदभाव बताया है, लेकिन घटना को लेकर मंदिर प्रबंधन या जिन स्थानीय लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित सभी पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भाजपा विधायक के आरोपों ने मंदिर समारोह में कथित भेदभाव और स्थानीय स्तर पर समानता के दावों के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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