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बेटे के सामने मगरमच्छ ने किसान को बनाया निवाला! नदी में खींच ले गया गहरे पानी में, चीख-पुकार के बीच....वीडियो देखें

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लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश | 20 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दर्दनाक और दहला देने वाला मामला सामने आया है। निघासन क्षेत्र के मांझा गांव में नदी पार कर रहे 54 वर्षीय किसान रमेश सिंह पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। देखते ही देखते मगरमच्छ किसान को पानी में खींचकर गहरे हिस्से की ओर ले गया। घटना के वक्त किसान का बेटा भी मौके पर मौजूद था। पिता को मगरमच्छ के जबड़े में जाते देख बेटे ने चीख-पुकार मचाई, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक मगरमच्छ किसान को काफी दूर ले जा चुका था।

मवेशी की तलाश में नदी पार कर रहे थे किसान

परिजनों के मुताबिक, मांझा गांव निवासी रमेश सिंह अपने मवेशी की तलाश में नदी पार कर रहे थे। गांव में नदी पर पुल नहीं होने के कारण लोगों को कई बार नदी पार करके आने-जाने की मजबूरी रहती है। इसी दौरान पानी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक किसान पर हमला कर दिया।

हमला इतना अचानक हुआ कि किसान को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला। मगरमच्छ ने उन्हें पकड़ लिया और पानी के भीतर खींचते हुए गहरे हिस्से की तरफ चला गया।

बेटे के सामने हुआ दर्दनाक हादसा

बताया जा रहा है कि घटना के समय किसान का बेटा भी उनके पास मौजूद था। पिता को मगरमच्छ द्वारा खींचे जाते देखकर बेटे ने जोर-जोर से चीखना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

स्थानीय लोगों ने किसान को बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ तब तक उन्हें गहरे पानी में ले जा चुका था। इसके बाद नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।

गोताखोरों की मदद से तलाश जारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद किसान की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है। नदी में काफी दूर तक खोज अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक रमेश सिंह का कोई पता नहीं चल सका है।

परिजन और ग्रामीण लगातार नदी के आसपास मौजूद हैं और किसान के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं, घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।

पुल नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक, नदी पर पुल नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को अक्सर नदी पार करके आवागमन करना पड़ता है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण खतरा और बढ़ जाता है।

रमेश सिंह के साथ हुए हादसे ने एक बार फिर नदी पर पुल की जरूरत और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था होती तो शायद किसान को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती।

फिलहाल गोताखोरों की टीम किसान की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन की ओर से घटना को लेकर आगे की कार्रवाई और राहत-बचाव अभियान की जानकारी का इंतजार है।

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