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सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट! रक्षाबंधन से पहले अचानक बदले भाव, अब कितनी हुई कीमत और आगे क्या होगा?



नई दिल्ली: रक्षाबंधन से ठीक पहले सोने और चांदी के बाजार में एक बार फिर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में कभी तेजी तो कभी गिरावट के बीच कीमती धातुओं के भाव लगातार अपना रुख बदल रहे हैं। गुरुवार, 27 अगस्त को सोने और चांदी दोनों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली, लेकिन बाद में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया। अब शुक्रवार, 28 अगस्त को निवेशकों और ग्राहकों की नजर इस बात पर है कि सोना और चांदी किस दिशा में जाते हैं।

ताजा खुदरा आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त को भारत में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹16,297 प्रति ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना करीब ₹14,939 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। एक दिन पहले 24 कैरेट सोना ₹16,298 और 22 कैरेट सोना ₹14,940 प्रति ग्राम था। यानी खुदरा स्तर पर आज मामूली नरमी दिखाई दे रही है।

दूसरी ओर, चांदी का बाजार भी काफी सक्रिय है। 27 अगस्त के कारोबार में MCX पर चांदी करीब ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास रही और दिनभर इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मौजूदा बाजार संकेत बताते हैं कि सोने-चांदी की कीमतें फिलहाल कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और भू-राजनीतिक संकेतों से प्रभावित हो रही हैं।

रक्षाबंधन से पहले क्यों मचा है बाजार में हड़कंप?

रक्षाबंधन भारत में सोने-चांदी की खरीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। भाई अपनी बहनों को उपहार देने के लिए सोने या चांदी की ज्वेलरी, सिक्के और अन्य वस्तुएं खरीदते हैं। ऐसे में त्योहार से पहले मांग बढ़ने पर स्थानीय बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है।

27 अगस्त को घरेलू बाजार में सोने की कीमत में करीब ₹1,200 प्रति 10 ग्राम की तेजी की खबर सामने आई थी, जबकि चांदी में करीब ₹3,300 प्रति किलोग्राम का उछाल दर्ज किया गया। हालांकि कारोबार के दौरान भावों में काफी उतार-चढ़ाव रहा।

यानी एक तरफ त्योहार की मांग बाजार को सपोर्ट दे रही है, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कीमतों को प्रभावित कर रही है।

27 अगस्त को सोने ने दिखाई तेजी, फिर बदला रुख

27 अगस्त के शुरुआती कारोबार में MCX पर सोना करीब 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया था। उस समय अक्टूबर वायदा करीब ₹1,60,751 प्रति 10 ग्राम के आसपास था। चांदी का सितंबर कॉन्ट्रैक्ट भी करीब 1.04 प्रतिशत ऊपर था और ₹2,42,124 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था।

लेकिन दिन आगे बढ़ने के साथ बाजार में दबाव भी दिखाई दिया। रिपोर्टों के अनुसार MCX गोल्ड का भाव एक समय ₹1,56,692 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो तक गया, जबकि चांदी करीब ₹2,36,878 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंची। इससे साफ है कि फिलहाल बुलियन मार्केट में एकतरफा तेजी नहीं है, बल्कि कारोबार काफी अस्थिर बना हुआ है।

आज सोने का क्या है भाव?

28 अगस्त के उपलब्ध खुदरा आंकड़ों के मुताबिक भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹16,297 प्रति ग्राम है। इस हिसाब से 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,62,970 बैठती है।

वहीं 22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹14,939 प्रति ग्राम है। यानी 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,49,390 के आसपास बनती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सामान्य बाजार दरें हैं। ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं। इसलिए दुकान पर मिलने वाली कीमत बाजार के बेस रेट से अलग हो सकती है।

चांदी भी दिखा रही है तेज उतार-चढ़ाव

सोने के साथ चांदी भी इस समय निवेशकों का ध्यान खींच रही है। 28 अगस्त के कुछ बाजार आंकड़ों में चांदी करीब ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज की गई है। हालांकि अलग-अलग बाजारों और स्रोतों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

MCX के आंकड़ों में 27 अगस्त के अंत में चांदी करीब ₹2,40,573 प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। दिन के दौरान यह ₹2,36,878 से लेकर करीब ₹2,42,999 तक गई। इससे पता चलता है कि चांदी में भी कारोबार काफी उतार-चढ़ाव वाला है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी बड़ा असर

सोने और चांदी की कीमत केवल भारत की मांग और आपूर्ति से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे कई कारक इन धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं।

27 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.4 प्रतिशत बढ़कर $4,607.90 प्रति औंस तक पहुंचा। वहीं स्पॉट सिल्वर में करीब 1.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह लगभग $69.35 प्रति औंस तक पहुंची।

सोने को अक्सर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है। ऐसे समय में निवेशकों की मांग बढ़ने पर सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।

अमेरिकी फेड के फैसले पर टिकी बाजार की नजर

इस समय अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार के लिए अमेरिका की मौद्रिक नीति भी बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के जैक्सन होल में होने वाले भाषण पर बाजार की नजर है।

निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर किस दिशा में जा सकता है। यदि बाजार को ब्याज दरों में नरमी के संकेत मिलते हैं तो सोने को फायदा हो सकता है। दूसरी तरफ यदि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने का संकेत मिलता है तो सोने पर दबाव बन सकता है।

यही वजह है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय खबरों का सीधा असर भारतीय सोने-चांदी के बाजार पर दिखाई दे सकता है।

डॉलर कमजोर हुआ तो सोने को मिला सहारा

हाल के कारोबार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी सोने को सहारा दिया है। जब डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर में कारोबार करने वाली सोने जैसी कमोडिटी दूसरे देशों के खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती हो जाती है।

इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ सकती है और कीमतों को समर्थन मिल सकता है। 27 अगस्त को सोने में आई तेजी के पीछे कमजोर डॉलर को भी एक कारण बताया गया।

अगस्त में सोना काफी ऊपर आया

दिल्ली के 24 कैरेट सोने के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त की शुरुआत में कीमत करीब ₹1,44,370 प्रति 10 ग्राम थी। 27 अगस्त तक यह बढ़कर करीब ₹1,63,130 प्रति 10 ग्राम हो गई थी।

यानी महीने की शुरुआत से 27 अगस्त तक कीमत में करीब ₹18,760 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस दौरान अगस्त में सोने का उच्चतम स्तर करीब ₹1,64,130 प्रति 10 ग्राम रहा।

इससे पता चलता है कि अगस्त में सोने ने कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन किया है, भले ही बीच-बीच में इसमें गिरावट भी देखने को मिली हो।

चांदी ने भी महीने में दिया मजबूत रिटर्न

मुंबई के आंकड़ों के अनुसार अगस्त की शुरुआत में चांदी करीब ₹2,50,900 प्रति किलोग्राम थी। 27 अगस्त तक यह करीब ₹2,65,000 प्रति किलोग्राम पहुंच गई।

इस दौरान चांदी का अगस्त में उच्चतम स्तर करीब ₹2,76,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि महीने का निचला स्तर करीब ₹2,17,900 रहा। यानी चांदी में भी काफी बड़ा उतार-चढ़ाव रहा है।

यह आंकड़ा बताता है कि चांदी में सोने की तुलना में उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिल सकता है।

क्या अभी सोना खरीदना सही है?

यह सवाल रक्षाबंधन से पहले सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को शादी, त्योहार या व्यक्तिगत उपयोग के लिए सोना खरीदना है तो केवल एक-दो दिन के भाव को देखकर फैसला करना मुश्किल हो सकता है।

क्योंकि मौजूदा बाजार में अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसलिए खरीदारों को अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करनी चाहिए और केवल सोने के बेस रेट के बजाय मेकिंग चार्ज और GST समेत अंतिम कीमत देखनी चाहिए।

निवेश के नजरिए से भी जोखिम समझना जरूरी है। सोना और चांदी दोनों की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं और किसी भी कीमत पर भविष्य का रिटर्न निश्चित नहीं होता।

आने वाले दिनों में किस बात पर रहेगी नजर?

अब बाजार की नजर मुख्य रूप से अमेरिकी फेड की नीति, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं और निवेशकों की मांग पर रहेगी। इसके अलावा रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के कारण घरेलू मांग भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है और डॉलर कमजोर रहता है, तो सोने को फिर से मजबूती मिल सकती है। वहीं चांदी के लिए औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक गतिविधियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी।

फिलहाल तस्वीर यह है कि सोना ऊंचे स्तरों के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी में भी मजबूत कीमतें देखने को मिल रही हैं, लेकिन दोनों धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव जारी है।

रक्षाबंधन से पहले ग्राहकों के लिए यह जरूरी है कि वे जल्दबाजी में खरीदारी न करें, बाजार के ताजा भाव की तुलना करें और ज्वेलरी खरीदते समय सभी अतिरिक्त शुल्क को ध्यान में रखें। वहीं निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में अमेरिकी फेड की नीति और वैश्विक बाजार के संकेत सबसे बड़े ट्रिगर बने रह सकते हैं।

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